17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुरी रथ यात्रा 2025: दूसरे दिन हजारों श्रद्धालुओं ने किए भगवान जगन्नाथ के दर्शन, भक्तों ने कहा — 'शब्दों से परे है यह अनुभव'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुरी रथ यात्रा 2025: दूसरे दिन हजारों श्रद्धालुओं ने किए भगवान जगन्नाथ के दर्शन, भक्तों ने कहा — 'शब्दों से परे है यह अनुभव'

सारांश

पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दूसरे दिन हजारों श्रद्धालुओं ने आरती दर्शन किए। पहली बार आए भक्तों ने कहा — यह अनुभव शब्दों में बयाँ नहीं होता। बारिश के बीच भी भक्तिभाव अटूट रहा। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस महापर्व में सम्मिलित हो रहे हैं।

मुख्य बातें

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 17 जुलाई, गुरुवार को पुरी (ओडिशा) से आरंभ हुई।
यात्रा के दूसरे दिन रथ पर विधि-विधान से आरती दर्शन आयोजित किए गए।
हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन के लिए पुरी पहुँचे; पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण रहा।
पहली बार यात्रा में शामिल हुए भक्तों ने इसे 'शब्दों से परे' और 'जीवन का सबसे बड़ा सुख' बताया।
आयोजन के दौरान हुई वर्षा को भक्तों ने दिव्य आशीर्वाद के रूप में अनुभव किया।

पुरी (ओडिशा) में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा का दूसरा दिनशुक्रवार, 18 जुलाई — पूरे भक्तिभाव और आस्था के साथ संपन्न हुआ। गुरुवार, 17 जुलाई को आरंभ हुई इस भव्य यात्रा के दूसरे दिन भगवान जगन्नाथ के रथ पर विधि-विधान से आरती दर्शन आयोजित किए गए, जिसमें देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे पुरी नगर में भक्तिमय वातावरण छाया रहा।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

रथ यात्रा में सम्मिलित होने के लिए देश के कोने-कोने से भक्तजन पुरी पहुँचे। पहली बार इस पावन यात्रा में शामिल हुए एक श्रद्धालु ने कहा, 'मैं पहली बार रथ यात्रा में आया हूँ, और यह अनुभव अद्भुत है। मैं पिछले दो दिनों से यहाँ हूँ और आज वापस लौटूँगा। पहली बार यहाँ आकर मन को अपार शांति मिली है। यहाँ बिताया हर पल मेरे लिए बेहद खास रहा।'

भक्तों की आस्था — 'शब्दों में नहीं बताया जा सकता'

एक अन्य श्रद्धालु ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा, 'यह अनुभव इतना अद्भुत है कि इसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। हम परसों से ही यहाँ हैं क्योंकि हम इस पावन पर्व का हिस्सा बनना चाहते थे। यह सब भगवान जगन्नाथ की कृपा है।' एक अन्य भक्त ने कहा, 'इससे बड़ा सुख कोई नहीं हो सकता। स्वयं भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने बाहर आए हैं। गुरुवार को हमें मंदिर में प्रवेश कर प्रभु के बाहर आने का दिव्य दृश्य देखने का सौभाग्य मिला। ऐसा लगा मानो पूरा ब्रह्मांड उनके दर्शन की प्रतीक्षा कर रहा हो।'

बारिश ने बढ़ाई दिव्यता, आँखों से बहे खुशी के आँसू

भक्तों ने बताया कि इस पावन अवसर पर हुई वर्षा ने आयोजन को और भी अलौकिक बना दिया — जैसे स्वयं प्रकृति ने इस पल को आशीर्वाद दिया हो। पहली बार पुरी पहुँचे एक श्रद्धालु ने कहा, 'इस अनुभव को शब्दों में नहीं बताया जा सकता। इसे समझने के लिए यहाँ आना और इस माहौल को महसूस करना जरूरी है। भगवान जगन्नाथ बिना किसी भेदभाव के सभी भक्तों को दर्शन देते हैं। पहली बार प्रभु के दर्शन कर मेरी आँखों से खुशी के आँसू निकल आए।'

आस्था, भक्ति और आध्यात्म का संगम

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा प्रतिवर्ष पुरी में आयोजित होने वाला विश्व-प्रसिद्ध धार्मिक महापर्व है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से सम्मिलित होते हैं। यह यात्रा आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का अनूठा संगम है, जो सभी वर्गों और समुदायों के भक्तों को एक सूत्र में पिरोती है। आने वाले दिनों में यह यात्रा अपने पारंपरिक क्रम में जारी रहेगी और श्रद्धालुओं का आगमन अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की सामासिक संस्कृति का जीवंत प्रमाण है — जहाँ जाति, वर्ग और क्षेत्र की सीमाएँ टूटती हैं। श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाएँ बताती हैं कि इस आयोजन की आध्यात्मिक अपील पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी हुई है। हालाँकि, लाखों की भीड़ के बीच सुरक्षा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाएँ हर वर्ष एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती होती हैं — जिन पर मीडिया कवरेज अक्सर पर्याप्त ध्यान नहीं देती। आस्था की यह ऊर्जा जितनी प्रेरणादायक है, उतना ही जरूरी है कि इसे सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी रथ यात्रा 2025 कब शुरू हुई?
पुरी रथ यात्रा 2025 का आरंभ गुरुवार, 17 जुलाई को ओडिशा के पुरी में हुआ। यात्रा का दूसरा दिन शुक्रवार, 18 जुलाई को मनाया गया, जिसमें भगवान जगन्नाथ के रथ पर आरती दर्शन आयोजित किए गए।
रथ यात्रा के दूसरे दिन क्या हुआ?
दूसरे दिन भगवान जगन्नाथ के रथ पर विधि-विधान से आरती दर्शन किए गए। हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन के लिए पहुँचे और पूरे पुरी में भक्तिमय वातावरण रहा।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
जगन्नाथ रथ यात्रा विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इसकी विशेषता यह है कि भगवान जगन्नाथ बिना किसी भेदभाव के सभी भक्तों को दर्शन देते हैं, जो इसे सामाजिक समरसता का प्रतीक बनाती है।
पुरी रथ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का अनुभव कैसा रहा?
पहली बार यात्रा में शामिल हुए श्रद्धालुओं ने इसे 'शब्दों से परे' और 'जीवन का सबसे बड़ा सुख' बताया। कई भक्तों ने कहा कि प्रभु के दर्शन कर उनकी आँखों से खुशी के आँसू निकल आए और मन को अपार शांति मिली।
रथ यात्रा के दौरान बारिश का क्या महत्व रहा?
आयोजन के दौरान हुई वर्षा को श्रद्धालुओं ने दिव्य आशीर्वाद के रूप में अनुभव किया। भक्तों ने कहा कि बारिश ने इस पावन पर्व को और भी अलौकिक बना दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 11 घंटे पहले
  2. 15 घंटे पहले
  3. 21 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले