17 जुलाई 2026
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पुरी रथ यात्रा 2026: भारी बारिश में भी 8-9 लाख श्रद्धालुओं ने किए महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन

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पुरी रथ यात्रा 2026: भारी बारिश में भी 8-9 लाख श्रद्धालुओं ने किए महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन

सारांश

भारी बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था की बाढ़ — पुरी रथ यात्रा 2026 में 8 से 9 लाख श्रद्धालुओं ने महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन किए। तीनों रथ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खिंचे, कोई भगदड़ नहीं हुई, लेकिन दो श्रद्धालुओं की मौत ने आयोजन पर गहरी छाया डाली।

मुख्य बातें

पुरी रथ यात्रा 2026 गुरुवार, 16 जुलाई को भारी बारिश के बावजूद सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
प्रशासन के अनुसार करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए।
60 वर्ष से अधिक आयु के एक श्रद्धालु की मृत्यु हुई; कारण की जाँच जारी है।
35 वर्ष से अधिक आयु के एक अन्य श्रद्धालु की कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई।
सात श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गोवर्धन पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य ने रथों के पास पहुँचकर पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सेवायतों, प्रशासन और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा 2026 गुरुवार, 16 जुलाई को भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच भी श्रद्धा और भक्ति के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, महाप्रभु बलभद्र, देवी सुभद्रा और चक्रराज सुदर्शन के तीनों रथों की यात्रा में ओडिशा सहित देश-विदेश से आए लाखों भक्त शामिल हुए। प्रशासन के अनुसार, दिनभर जारी बारिश के बावजूद करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालु इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बने।

मुख्य घटनाक्रम

सभी धार्मिक अनुष्ठान और तीनों रथों को खींचने का कार्यक्रम निर्धारित योजना के अनुसार शांतिपूर्वक पूरा किया गया। इस अवसर पर गोवर्धन पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य भी रथों के पास पहुँचकर पूजा-अर्चना करने पहुँचे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरे आयोजन के दौरान भगदड़ या भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की विफलता की कोई घटना नहीं हुई।

प्रशासनिक व्यवस्थाएं

रथ यात्रा के सुचारु संचालन के लिए राज्य सरकार ने बहुस्तरीय प्रबंध किए। पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवा, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) समेत परिवहन, नगर प्रशासन, ऊर्जा और अन्य विभागों ने समन्वित रूप से काम किया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल सुविधा, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई थीं। सुरक्षा एजेंसियों, सेवायतों और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रही।

स्वास्थ्य संबंधी घटनाएं

लगातार बारिश और भारी भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं को थकान, निर्जलीकरण और घुटन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, यात्रा के दौरान सात लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया।

इनमें से 60 वर्ष से अधिक आयु के एक पुरुष श्रद्धालु की मृत्यु हो गई; उनकी मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। एक अलग घटना में 35 वर्ष से अधिक आयु के एक अन्य पुरुष श्रद्धालु की हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) से मौत हो गई। बारिश के कारण अस्वस्थ हुए अन्य कई श्रद्धालुओं का अस्पताल में उपचार किया गया और स्वास्थ्य लाभ के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रथ यात्रा के सफल आयोजन पर सेवायतों, प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और लाखों श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के धैर्य, अनुशासन और सहयोग ने इस पवित्र आयोजन को शांतिपूर्ण और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

माझी ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार भविष्य में बेहतर बुनियादी ढाँचे और प्रशासनिक तैयारियों के माध्यम से प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सम्मानजनक रथ यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और पुरी को विश्वस्तरीय तीर्थ केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। गौरतलब है कि पुरी रथ यात्रा प्रतिवर्ष लाखों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने की माँग भी उठती रही है। इस वर्ष मौसम की चुनौतियों के बावजूद उपस्थिति के आँकड़े आयोजन की वैश्विक आस्था को रेखांकित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दो श्रद्धालुओं की मौत यह सवाल उठाती है कि क्या भारी भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों में चिकित्सा तैयारी अभी भी पर्याप्त है। गौरतलब है कि हृदयाघात और अज्ञात कारण से हुई मौतें अक्सर बड़े तीर्थ आयोजनों में दर्ज होती हैं, फिर भी इन्हें व्यवस्थागत सुधार की दृष्टि से गंभीरता से नहीं लिया जाता। मुख्यमंत्री माझी का 'बेहतर बुनियादी ढाँचे' का वादा तब तक अधूरा रहेगा जब तक वरिष्ठ और कमज़ोर श्रद्धालुओं के लिए विशेष चिकित्सा प्रोटोकॉल सार्वजनिक नहीं किए जाते।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी रथ यात्रा 2026 कब और कैसे संपन्न हुई?
पुरी रथ यात्रा 2026 गुरुवार, 16 जुलाई को भारी बारिश के बावजूद सफलतापूर्वक संपन्न हुई। तीनों रथ निर्धारित योजना के अनुसार खींचे गए और कोई भगदड़ या भीड़ प्रबंधन विफलता नहीं हुई।
रथ यात्रा 2026 में कितने श्रद्धालु शामिल हुए?
प्रशासन के अनुसार, दिनभर जारी बारिश के बावजूद करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल हुए। इनमें ओडिशा सहित देश-विदेश से आए भक्त शामिल थे।
रथ यात्रा के दौरान हुई मौतों के बारे में क्या जानकारी है?
60 वर्ष से अधिक आयु के एक पुरुष श्रद्धालु की मृत्यु हुई, जिसके कारणों की जाँच जारी है। एक अलग घटना में 35 वर्ष से अधिक आयु के एक अन्य श्रद्धालु की हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) से मौत हो गई।
रथ यात्रा 2026 में प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएं की थीं?
राज्य सरकार ने पुलिस, ODRAF, NDRF, स्वास्थ्य और अग्निशमन सेवाओं सहित कई विभागों को समन्वित रूप से तैनात किया। सीसीटीवी निगरानी, पेयजल, चिकित्सा सेवाएं और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई थी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रथ यात्रा पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सेवायतों, प्रशासनिक अधिकारियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में बेहतर बुनियादी ढाँचे और प्रशासनिक तैयारियों के ज़रिए प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित रथ यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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