पुरी रथयात्रा 2025: बारिश के बावजूद तैयारी पूरी, लाखों श्रद्धालु उमड़े; 'समर्पण' डिजिटल हुंडी लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
पुरी में 16 जुलाई को रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा की सभी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं और देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु ओडिशा के इस पवित्र तटीय शहर में पहुँच चुके हैं। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है, फिर भी श्रद्धालुओं का उत्साह अटूट है और प्रशासन एवं पुलिस बल पूरी तरह सतर्क हैं।
तीनों रथ अपनी तय जगहों पर
पुरी के जिलाधिकारी दिव्य ज्योति परिदा ने बताया, 'महाप्रभु के आशीर्वाद से तीनों रथ अब अपनी तय जगहों पर पहुँच गए हैं। यह सेवायतों, पुलिस बल और प्रशासन के अधिकारियों की मिली-जुली कोशिशों से मुमकिन हो पाया है।' उन्होंने कहा कि अब प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सभी विभागों की तैयारियाँ अंतिम चरण तक पहुँचें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार प्रकाश ने भी पुष्टि की कि 'सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। मंदिर के बाहर होने वाली अंतिम रस्म भी संपन्न हो गई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं और पिछली बार की कमियों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
डिजिटल हुंडी 'समर्पण' का उद्घाटन
रथयात्रा से पूर्व मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन कार्यालय में एडवांस्ड डिजिटल हुंडी 'समर्पण' का उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत दुनियाभर के भक्त UPI, इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड तथा WhatsApp के माध्यम से भगवान के चरणों में दान अर्पित कर सकेंगे।
मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इस अवसर पर कहा, 'यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके आधार पर कोई भी व्यक्ति महाप्रभु जगन्नाथ जी के मंदिर की प्रगति और नियमित कामकाज के लिए सहयोग कर सकता है।' यह पहल धार्मिक पर्यटन और डिजिटल भुगतान के बढ़ते समन्वय का प्रतीक है।
बारिश और जलभराव के बीच श्रद्धालुओं का अटूट उत्साह
रथयात्रा से एक रात पहले से ही पुरी में रुक-रुक कर वर्षा हो रही है, जिसके चलते कई इलाकों में जलभराव की सूचना है। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नहीं पड़ा — वे बड़ी संख्या में पुरी पहुँच रहे हैं। गौरतलब है कि जगन्नाथ रथयात्रा विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है और हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं।
सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम
जिला प्रशासन और पुलिस बल ने रथयात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। मुख्य सलाहकार प्रकाश के अनुसार, पिछले वर्षों की कमियों को ध्यान में रखते हुए इस बार की व्यवस्था को और परिष्कृत किया गया है। रथ खींचने की प्रक्रिया तय समय पर शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
आगे क्या
सभी रस्में समय पर पूरी होने और रथ खींचने की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आरंभ होने की प्रशासन को पूरी उम्मीद है। 'समर्पण' डिजिटल हुंडी के शुभारंभ के साथ, यह रथयात्रा न केवल आस्था का बल्कि तकनीकी समावेश का भी उत्सव बन गई है।