16 जुलाई 2026
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जगन्नाथ मंदिर के लिए 'समर्पण' डिजिटल हुंडी लॉन्च, रथ यात्रा से पहले CM मांझी की बड़ी पहल

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जगन्नाथ मंदिर के लिए 'समर्पण' डिजिटल हुंडी लॉन्च, रथ यात्रा से पहले CM मांझी की बड़ी पहल

सारांश

रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने 'समर्पण' डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया — जो विश्वभर के जगन्नाथ भक्तों को पुरी मंदिर में सुरक्षित ऑनलाइन दान की सुविधा देता है। OCAC और SJTA की यह संयुक्त पहल भक्ति को तकनीक से जोड़ने का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने 15 जुलाई 2026 को 'समर्पण' डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।
यह प्लेटफॉर्म OCAC और SJTA द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है और SJTA के आधिकारिक पोर्टल से एकीकृत है।
भारत और विदेश में रहने वाले लाखों जगन्नाथ भक्त अब घर बैठे सुरक्षित ऑनलाइन दान कर सकेंगे।
प्लेटफॉर्म में समर्पित वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन दोनों शामिल हैं।
इस पहल का शुभारंभ पुरी रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर SJTA कार्यालय में किया गया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के भक्तों के लिए 'समर्पण' नामक सुरक्षित डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया, जो विश्वभर के श्रद्धालुओं को घर बैठे ऑनलाइन दान करने की सुविधा देता है। यह लॉन्च पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के कार्यालय में वार्षिक रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर किया गया।

समर्पण प्लेटफॉर्म क्या है

यह डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (OCAC) और SJTA द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म SJTA के आधिकारिक पोर्टल से एकीकृत है, जिससे भक्त पूर्ण सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ दान कर सकते हैं। इसके अंतर्गत एक समर्पित वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन दोनों विकसित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री का वक्तव्य

इस अवसर पर मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, 'डिजिटल हुंडी-समर्पण मात्र एक प्रौद्योगिकी-आधारित सुधार नहीं है — यह एक पवित्र और पारदर्शी सेतु है जो विश्वभर में लाखों जगन्नाथ भक्तों की भक्ति और समर्पण को श्री जगन्नाथ मंदिर से जोड़ता है।' उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भगवान जगन्नाथ की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने और मंदिर के समग्र विकास को गति देने में मील का पत्थर साबित होगी।

आम भक्तों पर असर

इस प्रणाली के माध्यम से भारत और विदेश में रहने वाले लाखों जगन्नाथ भक्त अब अपने घरों से आराम से दान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्लेटफॉर्म से प्राप्त दान का उपयोग श्री जगन्नाथ मंदिर के विकास और रखरखाव के लिए किया जाएगा। यह प्रणाली सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बताई गई है।

रथ यात्रा और व्यापक संदर्भ

यह ऐतिहासिक पहल ऐसे समय में आई है जब पुरी रथ यात्रा — जो विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है — गुरुवार, 16 जुलाई से प्रारंभ होने वाली थी। गौरतलब है कि डिजिटल माध्यमों से मंदिर दान को जोड़ने की यह कोशिश ओडिशा सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालु सेवाओं को तकनीक से जोड़ा जा रहा है।

आगे की राह

राज्य सरकार के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में विकसित यह प्लेटफॉर्म अब सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था से मंदिर की आय में वृद्धि के साथ-साथ दान प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। आने वाले समय में इस मॉडल को ओडिशा के अन्य प्रमुख मंदिरों तक विस्तारित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा पारदर्शिता के उस वादे को निभाने में होगी जो मुख्यमंत्री ने किया है — यानी यह सुनिश्चित करना कि ऑनलाइन दान की राशि का उपयोग सत्यापन-योग्य तरीके से मंदिर विकास पर हो। देश के कई बड़े मंदिर ट्रस्टों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, इसलिए SJTA को केवल पोर्टल लॉन्च तक सीमित न रहकर नियमित सार्वजनिक ऑडिट रिपोर्ट भी जारी करनी चाहिए। रथ यात्रा जैसे वैश्विक आयोजन के साथ इस लॉन्च का समय रणनीतिक रूप से सटीक है, किंतु तकनीकी मजबूती और साइबर सुरक्षा की कसौटी पर यह प्लेटफॉर्म कितना खरा उतरता है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'समर्पण' डिजिटल हुंडी प्लेटफॉर्म क्या है?
'समर्पण' ओडिशा सरकार द्वारा लॉन्च किया गया एक सुरक्षित डिजिटल दान प्लेटफॉर्म है, जो विश्वभर के जगन्नाथ भक्तों को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में ऑनलाइन दान करने की सुविधा देता है। यह OCAC और SJTA द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है और इसमें वेब पोर्टल व मोबाइल ऐप दोनों उपलब्ध हैं।
समर्पण प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किसने और कब किया?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने 15 जुलाई 2026 को पुरी स्थित SJTA कार्यालय में इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह लॉन्च वार्षिक रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर किया गया।
समर्पण के माध्यम से दिए गए दान का उपयोग कहाँ होगा?
मुख्यमंत्री मांझी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म से प्राप्त दान का उपयोग श्री जगन्नाथ मंदिर के विकास और रखरखाव के लिए किया जाएगा। प्लेटफॉर्म को पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ डिज़ाइन किया गया है।
क्या विदेश में रहने वाले भक्त भी समर्पण से दान कर सकते हैं?
हाँ, समर्पण प्लेटफॉर्म विशेष रूप से इस उद्देश्य से बनाया गया है कि भारत और विदेश में रहने वाले लाखों जगन्नाथ भक्त घर बैठे दान दे सकें। यह प्लेटफॉर्म दुनिया में कहीं से भी उपयोग किया जा सकता है।
समर्पण को किसने विकसित किया और यह कैसे काम करता है?
यह प्लेटफॉर्म राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत OCAC और SJTA ने मिलकर विकसित किया है। यह SJTA के आधिकारिक पोर्टल से एकीकृत है और भक्त वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से सुरक्षित ऑनलाइन दान कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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