वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने सेवानिवृत्ति से पहले उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से भेंट की। यह मुलाकात विशेष महत्व रखती है, क्योंकि एयर चीफ मार्शल सिंह 31 अक्टूबर 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं — यानी यह उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों में हुई एक उल्लेखनीय शिष्टाचार भेंट है।
नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है, जो 31 अक्टूबर को ही पदभार ग्रहण करेंगे। इस प्रकार एक ही दिन में पदमुक्ति और पदग्रहण की यह प्रक्रिया वायुसेना में सुचारु नेतृत्व हस्तांतरण की परंपरा को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशनल तैयारियों, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपनी तैयारियों पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया।
अंतिम उड़ानें और यादगार क्षण
सेवानिवृत्ति से पूर्व एयर चीफ मार्शल सिंह ने 20 अक्टूबर को हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में किरण प्रशिक्षण विमान में अपनी अंतिम उड़ान भरी। इस उड़ान में उनके साथ उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक, सेवानिवृत्त विंग कमांडर वीएस कोचर भी सवार थे — एक भावनात्मक पुनर्मिलन जो उनके उड़ान जीवन की शुरुआत और समापन को एक वृत्त में बाँधता है। इससे पहले उन्होंने स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में अपनी अंतिम लड़ाकू उड़ान भी पूरी की थी।
उसी दिन, 20 अक्टूबर को, वायुसेना प्रमुख ने एनसीसी की वायु शाखा की वरिष्ठ विंग कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी के साथ भी किरण विमान में उड़ान भरी। इस पहल के माध्यम से उन्होंने कैडेट को विमान की कार्यप्रणाली, उड़ान की बारीकियाँ और आकाश में विमान नियंत्रण के तरीकों से परिचित कराया — जो युवा पीढ़ी को विमानन की ओर प्रेरित करने की उनकी सोच को दर्शाता है।
94वें वायुसेना दिवस पर संदेश
हाल ही में 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा था कि वायुसेना प्रमुख के रूप में सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। उन्होंने हर वायु योद्धा से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, वह ऐसी कमज़ोर कड़ी नहीं बनेगा जिससे वायुसेना रूपी श्रृंखला कमज़ोर हो या टूट जाए।
उन्होंने वायुसेना के भीतर ऐसे वातावरण के निर्माण पर विशेष बल दिया जहाँ आपसी सम्मान हो और किसी प्रकार का पक्षपात या भेदभाव न हो। संगठन के हित को व्यक्तिगत हित से सदा ऊपर रखने की यह अपील उनके नेतृत्व दर्शन की बानगी है।
आगे क्या
31 अक्टूबर 2026 को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के सेवानिवृत्त होते ही एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना की कमान संभालेंगे। नए प्रमुख के सामने आधुनिकीकरण की अधूरी प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में बदलती चुनौतियों से निपटने का दायित्व होगा।