मोरक्को राजदूत मोहम्मद मलिकी ने मोदी को बताया वैश्विक नेता, भारत-मोरक्को रक्षा सहयोग पर दिया बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक नेता बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व से पहले और आज के भारत की तुलना करने पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का बढ़ता प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मलिकी ने यह भी कहा कि एक विशाल, विविधतापूर्ण और बहु-धार्मिक समाज वाले देश को चलाने के लिए विशेष क्षमता और दूरदृष्टि आवश्यक होती है।
रक्षा सहयोग: 'दुनिया के लिए भारत द्वारा मोरक्को में निर्मित'
राजदूत मलिकी ने भारत-मोरक्को रक्षा सहयोग को दोनों देशों के बीच विश्वास के सर्वोच्च स्तर का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मोरक्को में स्थापित भारतीय रक्षा उत्पादन इकाई भारत के लिए विदेश में रक्षा उपकरण उत्पादन की पहली इकाइयों में से एक है, जबकि मोरक्को के लिए यह उसकी रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मलिकी के अनुसार, पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें संयुक्त कार्यसमूह के गठन का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस कार्यसमूह की बैठक पिछले सितंबर में हुई थी। हाल के मराकेश एयर शो में भी यह सहयोग प्रमुखता से दिखाई दिया। मलिकी ने कहा, 'दुनिया के लिए भारत द्वारा मोरक्को में निर्मित' का विचार आज पहले से कहीं अधिक वास्तविक प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि टाटा इकाई के उद्घाटन के बाद भारतीय उद्योग जगत को यह संदेश गया है कि मोरक्को निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है और अन्य कंपनियों की भी इस दिशा में बढ़ती रुचि देखी गई है।
वैश्विक दक्षिण में भारत की भूमिका
मलिकी ने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण की एक महत्वपूर्ण आवाज है और अफ्रीकी देशों के साथ उसके ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे अफ्रीका को वैश्विक आर्थिक निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में अधिक सशक्त मंच मिला।
राजदूत ने बताया कि मोरक्को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है। उनके अनुसार, 'सुरक्षा परिषद को आज की वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए।' गौरतलब है कि भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना के साथ उसका अंतरराष्ट्रीय प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
AI और नई तकनीक: अफ्रीका को पीछे न छोड़ें
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नई तकनीकों पर बात करते हुए मलिकी ने कहा कि भारत को अफ्रीकी देशों की मदद करनी चाहिए ताकि वे इस तकनीकी क्रांति से पीछे न रह जाएं। उन्होंने एक महत्वपूर्ण विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया — अफ्रीका और भारत दुनिया को दुर्लभ खनिज उपलब्ध कराते हैं जो नई तकनीकों के लिए आवश्यक हैं, लेकिन ये देश अक्सर उन्हीं तकनीकों को बाद में कहीं अधिक कीमत पर खरीदते हैं।
मलिकी ने कहा कि यदि AI का जिम्मेदारी और समावेशी दृष्टिकोण के साथ उपयोग किया जाए, तो यह रोजगार सृजन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार में कमी लाने में सहायक हो सकता है।
गाजा संकट और उच्चस्तरीय दौरे
गाजा की स्थिति पर राजदूत मलिकी ने कहा कि हालात को इस स्तर तक नहीं पहुंचने देना चाहिए था। उन्होंने मोरक्को के राजा मोहम्मद VI के उस कथन को उद्धृत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'ऐसा लगता है मानो मानवता की नैतिकता समाप्त हो गई हो।' मलिकी ने आशा व्यक्त की कि वह नैतिकता फिर लौटेगी।
आगामी मंत्रिस्तरीय दौरों के संबंध में मलिकी ने बताया कि मोरक्को में फातिमा अल मंसूरी के नेतृत्व में नई सरकार — जो मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं — का हाल ही में गठन हुआ है और वह अभी बजट तैयारियों में व्यस्त है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच 42 से अधिक मंत्रिस्तरीय दौरे हो चुके हैं। मलिकी ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी उच्चस्तरीय संवाद जारी रहेगा।