क्या भारतीय वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है?: वायुसेना प्रमुख
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस) भारतीय वायुसेना आज अपना 93वां स्थापना दिवस मनाने जा रही है। इस खास मौके पर वायुसेना के साहसी फाइटर पायलट्स और अन्य अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें वे वीर भी शामिल हैं जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान पर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर बेस पर आयोजित एयरफोर्स डे समारोह में दुश्मन पर आक्रमण करने वाले 97 एयर फाइटर्स को सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले, तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
93वें वायुसेना दिवस की पूर्व संध्या पर वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का अनिश्चित वैश्विक माहौल में वायु शक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। भारतीय वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तीव्रता, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ सदैव तैयार है।
उन्होंने कहा, "मैं अपने सभी वायुसैनिकों को नमन करता हूं। देश की सीमाओं की रक्षा और नागरिक सुरक्षा हमारे सर्वोच्च दायित्व हैं। हमारी प्रतिबद्धता अडिग है।" उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के हर अभियान में अनुशासन, तकनीकी दक्षता और सर्वोच्च पेशेवरता का परिचय मिलता है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों के बीच समन्वय और देश में विकसित स्वदेशी क्षमताओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। जब हमारे सशस्त्र बल एकजुट होते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि चाहे बाढ़ राहत कार्य हों या प्राकृतिक आपदाएं, वायुसेना सदैव सबसे पहले पहुंची है। 'ऑपरेशन सिंधु' और 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के दौरान हमारे वायुसैनिकों ने जो कार्य किया, वह मानवीय सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण है।
भविष्य की दिशा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अपनी क्षमताओं को लगातार निखारते हुए नवाचार, प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भरता को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपनी लड़ाकू क्षमताओं को और सुदृढ़ करेंगे।
अंत में, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देशवासियों को वायुसेना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, "आकाश के रक्षक होने का गौरव हमें मिला है, और हम इस जिम्मेदारी को पूरे समर्पण के साथ निभाते रहेंगे। जय हिंद।"