एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बनेंगे वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, 1 जुलाई से संभालेंगे कार्यभार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना में शीर्ष स्तर पर एक अहम नियुक्ति की गई है। वर्तमान में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) के पद पर कार्यरत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का अगला वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ नियुक्त किया गया है। वे 1 जुलाई 2026 को यह नया दायित्व ग्रहण करेंगे। लगभग चार दशक के विशिष्ट सैन्य जीवन में उन्होंने परिचालन, प्रशिक्षण और रणनीतिक — तीनों मोर्चों पर उल्लेखनीय योगदान दिया है।
करियर और उड़ान अनुभव
दिसंबर 1986 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त करने वाले एयर मार्शल दीक्षित के पास 3,300 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव है। वे मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भर चुके हैं। एक कुशल फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और प्रायोगिक टेस्ट पायलट के रूप में उनकी पहचान वायुसेना में विशेष मानी जाती है।
दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख लड़ाकू विमान प्रशिक्षण अड्डे की कमान के दौरान उनके नेतृत्व में उस अड्डे को कमांड में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया था — यह उनकी प्रशासनिक और परिचालन दक्षता का प्रमाण है।
प्रमुख पद और जिम्मेदारियाँ
एयर मार्शल दीक्षित सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ तथा वायु मुख्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर रह चुके हैं। मई 2025 में उन्होंने CISC का पदभार संभाला, जहाँ उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को सुदृढ़ करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
इससे पूर्व सेंट्रल एयर कमांड में उत्तर भारत और मध्य क्षेत्र की परिचालन तत्परता बढ़ाने तथा अन्य सेवाओं के साथ अंतर-सेवा समन्वय को प्रोत्साहित करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि
एयर मार्शल दीक्षित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। इन प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण उनकी रणनीतिक सोच और बहु-सेवा परिप्रेक्ष्य को दर्शाता है।
सम्मान और पुरस्कार
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
नई भूमिका का महत्व
1 जुलाई 2026 से वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में एयर मार्शल दीक्षित वायुसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण, संयुक्त सैन्य संचालन और भविष्य की रणनीतिक तैयारियों को नई दिशा देने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। उनकी यह नियुक्ति वायुसेना नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जो ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी वायु शक्ति को तेज़ी से अपग्रेड कर रहा है।