एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने संभाला डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ का कार्यभार, 3,500 घंटे की उड़ान का अनुभव
सारांश
मुख्य बातें
एयर मार्शल तेजपाल सिंह (एवीएसएम, वीएम) ने 1 अगस्त 2026 को भारतीय वायुसेना के डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ (डीसीएएस) का पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के तुरंत बाद वे नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुँचे और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
करियर और उड़ान अनुभव
एयर मार्शल तेजपाल सिंह को 16 जून 1990 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्रदान किया गया था। 36 वर्षों से अधिक के सुदीर्घ सैन्य करियर में उन्होंने 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव अर्जित किया है। वह कैटेगरी-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी हैं — जो उन्हें वायुसेना के सबसे तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों में शुमार करता है।
अपने करियर में उन्होंने भारतीय वायुसेना की कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं। उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें जनवरी 2011 में वायु सेना मेडल (वीएम) और जनवरी 2021 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।
पूर्ववर्ती अधिकारी की विदाई
एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने यह जिम्मेदारी एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती (एसवाईएसएम, एवीएसएम, वीएम) से ग्रहण की, जो 31 जुलाई 2026 को 39 वर्षों की गौरवपूर्ण सैन्य सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए। भारतीय वायुसेना ने एयर मार्शल भारती के दीर्घकालीन और समर्पित योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
नौसेना में भी बदलाव: वाइस एडमिरल प्रमोद ने संभाला उप प्रमुख का पद
उसी दिन, वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद (एवीएसएम, युद्ध सेवा पदक) ने भारतीय नौसेना के उप प्रमुख का पदभार संभाला। रक्षा मंत्रालय के अनुसार वे वाइस एडमिरल तरुण सोबती का स्थान लेंगे, जो उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित हैं और 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हुए।
वाइस एडमिरल प्रमोद को 1 जुलाई 1990 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। वे गोवा स्थित नौसेना अकादमी के 38वें इंटीग्रेटेड कैडेट कोर्स के छात्र रहे हैं। वह 'कैट-ए' सी किंग एयर ऑपरेशंस ऑफिसर तथा कम्युनिकेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विशेषज्ञ हैं। उन्होंने वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और गोवा के नेवल वॉर कॉलेज में नेवल हायर कमांड कोर्स भी पूरा किया है।
ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका
गौरतलब है कि वाइस एडमिरल प्रमोद ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारियों में अहम भूमिका निभाई थी। 36 वर्षों से अधिक के करियर में उन्होंने समुद्र और जमीन — दोनों मोर्चों पर कमांड, परिचालन, प्रशिक्षण और स्टाफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएँ दी हैं। इन नियुक्तियों के साथ भारत की दो प्रमुख सेनाओं में एक साथ वरिष्ठ नेतृत्व परिवर्तन हुआ है, जो सशस्त्र बलों की सुनियोजित उत्तराधिकार प्रक्रिया को दर्शाता है।