तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शून्य, जून में रिव्यू मीटिंग; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की एचएएल की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार, 8 जून को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की, जिसमें तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम की लगातार जारी देरी केंद्र में रही। भारतीय वायुसेना के साथ 180 एलसीए तेजस मार्क-1ए विमानों के अनुबंध के बावजूद अब तक एक भी विमान की डिलीवरी नहीं हो पाई है, और एचएएल कई बार निर्धारित समय-सीमाएँ चूक चुकी है।
समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रक्षा सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, एचएएल के सीएमडी रवी कोटा और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में डिलीवरी की समयरेखा, तकनीकी अड़चनों और संभावित दंडात्मक कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा हुई।
जून में रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित, मई में हो चुकी है स्थगित
सूत्रों के मुताबिक, जून 2026 में एचएएल और भारतीय वायुसेना के बीच एक रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित है, जिसमें रडार के प्रदर्शन और कुछ अन्य तकनीकी मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक पहले मई में निर्धारित थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया था। एचएएल के नए सीएमडी रवी कोटा पहले ही वायुसेना प्रमुख से मुलाकात कर चुके हैं।
पेनल्टी की तैयारी और तकनीकी स्थिति
रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि मंत्रालय एचएएल पर डिलीवरी में देरी के लिए पेनल्टी लगाने की तैयारी कर रहा है। इसी प्रकार, एचएएल ने भी इंजन की आपूर्ति में देरी के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) पर पेनल्टी लगाने की बात कही है। तेजस मार्क-1ए के लिए जीई के साथ 99 एफ404 इंजन की डील 2021 में हुई थी। फिलहाल एचएएल के पास 6 इंजन उपलब्ध हैं और करीब 18 विमानों के स्ट्रक्चर तैयार हैं। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि वर्ष 2026 के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार हो सकते हैं और इसी वर्ष डिलीवरी शुरू हो सकती है।
वायुसेना की स्थिति और स्क्वॉड्रन की कमी
मौजूदा सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार भारतीय वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रन की ज़रूरत है, जबकि वर्तमान में उसके पास केवल 29 स्क्वॉड्रन हैं। इस 13 स्क्वॉड्रन की कमी को तेजस कार्यक्रम के ज़रिये पूरा किया जाना है। वायुसेना पहले ही 40 तेजस विमान (मार्क-1 संस्करण) अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है और तेजस के कुल 11 नियोजित स्क्वॉड्रनों में से 2 पहले ही सक्रिय हैं, जबकि 9 अभी शामिल होने बाकी हैं। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से इस देरी पर नाराज़गी जता चुके हैं।
तकनीकी मानकों पर कोई समझौता नहीं
वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि एचएएल को कुछ मामलों में अस्थायी राहत दी जा सकती है — जैसे कि कोई तकनीक पूरी तरह स्वचालित होने के बजाय फिलहाल मैनुअल तरीके से संचालित हो — लेकिन जिन तकनीकी मानकों को 'नॉन-नेगोशिएबल' माना गया है, उन पर किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होगा। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, अनुबंध में निर्धारित मानक अंतिम हैं।
आगे क्या होगा
एचएएल के साथ 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की मूल डील के अतिरिक्त, पाँच और स्क्वॉड्रनों के लिए 97 अतिरिक्त तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे कुल संख्या 180 हो जाती है। तेजस के सबसे उन्नत संस्करण तेजस मार्क-2 पर फिलहाल विकास कार्य जारी है। जून की रिव्यू मीटिंग के नतीजे यह तय करेंगे कि डिलीवरी की नई समयरेखा क्या होगी और पेनल्टी का स्वरूप कैसा रहेगा।