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तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शून्य, जून में रिव्यू मीटिंग; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की एचएएल की समीक्षा

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तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शून्य, जून में रिव्यू मीटिंग; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की एचएएल की समीक्षा

सारांश

180 तेजस मार्क-1ए विमानों के अनुबंध के बावजूद एक भी डिलीवरी नहीं — यह भारत के सबसे महत्वाकांक्षी स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम की सबसे बड़ी विफलता है। रक्षा मंत्री की समीक्षा और पेनल्टी की तैयारी दर्शाती है कि धैर्य अब चुक रहा है।

मुख्य बातें

180 तेजस मार्क-1ए विमानों के अनुबंध के बावजूद अब तक एक भी डिलीवरी नहीं ; एचएएल कई बार समय-सीमा चूक चुकी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 जून 2026 को एचएएल परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
रक्षा मंत्रालय एचएएल पर पेनल्टी लगाने की तैयारी में; एचएएल भी जीई पर पेनल्टी की बात कर चुकी है।
एचएएल के पास फिलहाल 6 इंजन और 18 विमानों के स्ट्रक्चर तैयार; वर्ष के अंत तक 24 विमान तैयार होने की उम्मीद।
वायुसेना को 42 स्क्वॉड्रन की ज़रूरत, वर्तमान में केवल 29 ; 13 स्क्वॉड्रन की कमी तेजस से पूरी होनी है।
जून 2026 में रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित; मई में यह बैठक स्थगित हो चुकी थी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार, 8 जून को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की, जिसमें तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम की लगातार जारी देरी केंद्र में रही। भारतीय वायुसेना के साथ 180 एलसीए तेजस मार्क-1ए विमानों के अनुबंध के बावजूद अब तक एक भी विमान की डिलीवरी नहीं हो पाई है, और एचएएल कई बार निर्धारित समय-सीमाएँ चूक चुकी है।

समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल

रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रक्षा सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, एचएएल के सीएमडी रवी कोटा और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में डिलीवरी की समयरेखा, तकनीकी अड़चनों और संभावित दंडात्मक कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा हुई।

जून में रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित, मई में हो चुकी है स्थगित

सूत्रों के मुताबिक, जून 2026 में एचएएल और भारतीय वायुसेना के बीच एक रिव्यू मीटिंग प्रस्तावित है, जिसमें रडार के प्रदर्शन और कुछ अन्य तकनीकी मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक पहले मई में निर्धारित थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया था। एचएएल के नए सीएमडी रवी कोटा पहले ही वायुसेना प्रमुख से मुलाकात कर चुके हैं।

पेनल्टी की तैयारी और तकनीकी स्थिति

रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि मंत्रालय एचएएल पर डिलीवरी में देरी के लिए पेनल्टी लगाने की तैयारी कर रहा है। इसी प्रकार, एचएएल ने भी इंजन की आपूर्ति में देरी के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) पर पेनल्टी लगाने की बात कही है। तेजस मार्क-1ए के लिए जीई के साथ 99 एफ404 इंजन की डील 2021 में हुई थी। फिलहाल एचएएल के पास 6 इंजन उपलब्ध हैं और करीब 18 विमानों के स्ट्रक्चर तैयार हैं। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि वर्ष 2026 के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार हो सकते हैं और इसी वर्ष डिलीवरी शुरू हो सकती है।

वायुसेना की स्थिति और स्क्वॉड्रन की कमी

मौजूदा सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार भारतीय वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रन की ज़रूरत है, जबकि वर्तमान में उसके पास केवल 29 स्क्वॉड्रन हैं। इस 13 स्क्वॉड्रन की कमी को तेजस कार्यक्रम के ज़रिये पूरा किया जाना है। वायुसेना पहले ही 40 तेजस विमान (मार्क-1 संस्करण) अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है और तेजस के कुल 11 नियोजित स्क्वॉड्रनों में से 2 पहले ही सक्रिय हैं, जबकि 9 अभी शामिल होने बाकी हैं। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से इस देरी पर नाराज़गी जता चुके हैं।

तकनीकी मानकों पर कोई समझौता नहीं

वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि एचएएल को कुछ मामलों में अस्थायी राहत दी जा सकती है — जैसे कि कोई तकनीक पूरी तरह स्वचालित होने के बजाय फिलहाल मैनुअल तरीके से संचालित हो — लेकिन जिन तकनीकी मानकों को 'नॉन-नेगोशिएबल' माना गया है, उन पर किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होगा। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, अनुबंध में निर्धारित मानक अंतिम हैं।

आगे क्या होगा

एचएएल के साथ 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की मूल डील के अतिरिक्त, पाँच और स्क्वॉड्रनों के लिए 97 अतिरिक्त तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे कुल संख्या 180 हो जाती है। तेजस के सबसे उन्नत संस्करण तेजस मार्क-2 पर फिलहाल विकास कार्य जारी है। जून की रिव्यू मीटिंग के नतीजे यह तय करेंगे कि डिलीवरी की नई समयरेखा क्या होगी और पेनल्टी का स्वरूप कैसा रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी डिलीवरी की समयरेखा बार-बार खिसकती रही है। पेनल्टी की घोषणाएँ जवाबदेही का संकेत देती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये दंड वास्तव में लागू होंगे या फिर अनुबंध संशोधन में दब जाएँगे। जब तक एचएएल की उत्पादन क्षमता और जीई जैसी विदेशी आपूर्ति-श्रृंखला पर निर्भरता का ढाँचागत समाधान नहीं होता, तब तक हर रिव्यू मीटिंग केवल एक और समय-सीमा के स्थगन की भूमिका बनती रहेगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी में देरी क्यों हो रही है?
तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी में देरी की मुख्य वजह अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) द्वारा एफ404 इंजन की आपूर्ति में विलंब और रडार सहित कुछ तकनीकी मुद्दे रहे हैं। अब धीरे-धीरे इंजन मिलने शुरू हुए हैं और एचएएल के पास 6 इंजन व 18 विमानों के स्ट्रक्चर तैयार हैं।
तेजस मार्क-1ए के लिए कुल कितने विमानों का अनुबंध है?
भारतीय वायुसेना के साथ कुल 180 तेजस मार्क-1ए विमानों का अनुबंध है — पहले 83 विमानों की डील हो चुकी है और बाद में 97 अतिरिक्त विमानों की खरीद को भी मंजूरी मिली है। इन विमानों से कुल 9 नए फाइटर स्क्वॉड्रन बनाए जाने हैं।
रक्षा मंत्रालय एचएएल पर पेनल्टी क्यों लगाना चाहता है?
एचएएल द्वारा बार-बार निर्धारित समय-सीमाएँ चूकने और एक भी तेजस मार्क-1ए विमान की डिलीवरी न होने के कारण रक्षा मंत्रालय पेनल्टी लगाने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
भारतीय वायुसेना को कितने फाइटर स्क्वॉड्रन की ज़रूरत है और अभी कितने हैं?
मौजूदा सुरक्षा ज़रूरतों के अनुसार वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रन चाहिए, जबकि अभी केवल 29 स्क्वॉड्रन सक्रिय हैं। 13 स्क्वॉड्रन की यह कमी मुख्य रूप से तेजस कार्यक्रम के ज़रिये पूरी की जानी है।
जून 2026 की रिव्यू मीटिंग में क्या होगा?
जून 2026 में प्रस्तावित रिव्यू मीटिंग में रडार के प्रदर्शन और अन्य तकनीकी मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बैठक पहले मई में होनी थी लेकिन स्थगित हो गई थी; इसके नतीजे डिलीवरी की नई समयरेखा और पेनल्टी का स्वरूप तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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