तेजस मार्क-1ए की प्रोग्रेस रिपोर्ट सितंबर में, एचएएल की देरी पर रक्षा मंत्रालय लगाएगा पेनल्टी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना के घटते फाइटर स्क्वाड्रनों की भरपाई के लिए अहम माने जाने वाले स्वदेशी तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान कार्यक्रम की प्रोग्रेस रिपोर्ट अब सितंबर 2026 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा भारतीय वायुसेना के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का प्रस्ताव है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह समीक्षा बैठक डिलीवरी की संभावित समयसीमा तय करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना को अब तक तेजस मार्क-1ए का एक भी विमान प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि तेजस मार्क-1 के 38 विमान पहले ही सेवा में आ चुके हैं।
बार-बार टली समीक्षा बैठक
रक्षा सूत्रों के अनुसार, तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम की प्रोग्रेस रिपोर्ट मूल रूप से अप्रैल 2026 में पेश की जानी थी, जिसे पहले मई तक और फिर आगे टाल दिया गया। जून में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एचएएल की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की, जिसमें तेजस कार्यक्रम भी शामिल था। इसके बाद एचएएल ने सितंबर 2026 में अद्यतन प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ पुनः उपस्थित होने की बात कही है।
तकनीकी खामियाँ और इंजन की स्थिति
एचएएल के पूर्व सीएमडी डॉ. डीके सुनील के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में वायुसेना के साथ हुई समीक्षा बैठक में बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल, लेजर-गाइडेड बम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और रडार इंटीग्रेशन का कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई थी। हालाँकि, रडार की परफॉर्मेंस में सुधार सहित कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम अभी शेष है।
इंजन आपूर्ति के मोर्चे पर, एचएएल के पास फिलहाल छह एफ404 इंजन उपलब्ध हैं। मई 2026 में डिलीवर हुए छठे इंजन में तकनीकी खामी पाई गई थी, जिसकी जानकारी नियमानुसार अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) को दी गई। सूत्रों के मुताबिक, जीई ने उन खामियों को दूर कर दिया है।
इंजन आपूर्ति समझौता
तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम के लिए इंजन आपूर्ति का समझौता जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के साथ 2021 में हुआ था, जिसके तहत भारत को कुल 99 एफ404 इंजन मिलने हैं। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2025 में अतिरिक्त 97 तेजस मार्क-1ए विमानों के लिए 113 इंजनों की डील भी संपन्न हो चुकी है। भारतीय वायुसेना ने एचएएल के साथ कुल 180 एलसीए तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद का करार किया हुआ है।
पेनल्टी की तैयारी और वायुसेना की नाराज़गी
लगातार हो रही देरी को लेकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कई बार सार्वजनिक मंचों पर अपनी नाराज़गी जता चुके हैं। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि मंत्रालय इस देरी के लिए एचएएल पर पेनल्टी लगाने की तैयारी में है। दूसरी ओर, एचएएल भी इंजन डिलीवरी में देरी को लेकर जीई पर पेनल्टी लगाने की बात कह चुकी है।
आगे क्या होगा
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को उम्मीद है कि इस वर्ष तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शुरू हो सकती है। एचएएल के पास उपलब्ध छह इंजनों के अलावा करीब 18 विमानों के ढाँचे तैयार हैं, और वर्ष के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार होने की संभावना जताई जा रही है। यदि सितंबर की समीक्षा बैठक में रडार सहित शेष तकनीकी खामियाँ दूर हो जाती हैं और वायुसेना उन्हें स्वीकार कर लेती है, तो डिलीवरी की आधिकारिक तारीखों की घोषणा हो सकती है।