26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेजस मार्क-1ए की प्रोग्रेस रिपोर्ट सितंबर में, एचएएल की देरी पर रक्षा मंत्रालय लगाएगा पेनल्टी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेजस मार्क-1ए की प्रोग्रेस रिपोर्ट सितंबर में, एचएएल की देरी पर रक्षा मंत्रालय लगाएगा पेनल्टी

सारांश

तेजस मार्क-1ए की एक भी डिलीवरी नहीं हुई और समीक्षा बैठक तीसरी बार टली — अब सितंबर पर दारोमदार है। रक्षा मंत्रालय पेनल्टी की तैयारी में है, वायुसेना प्रमुख नाराज़ हैं, और 18 विमानों के ढाँचे तैयार हैं पर इंजन का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

तेजस मार्क-1ए की प्रोग्रेस रिपोर्ट सितंबर 2026 में एचएएल द्वारा भारतीय वायुसेना के सामने पेश किए जाने का प्रस्ताव है।
भारतीय वायुसेना को अब तक तेजस मार्क-1ए का एक भी विमान नहीं मिला; तेजस मार्क-1 के 38 विमान पहले से सेवा में हैं।
रक्षा मंत्रालय देरी के लिए एचएएल पर पेनल्टी लगाने की तैयारी में; एचएएल भी जीई पर पेनल्टी की बात कह चुकी है।
एचएएल के पास फिलहाल 6 एफ404 इंजन उपलब्ध; करीब 18 विमानों के ढाँचे तैयार, वर्ष अंत तक 24 विमान तैयार होने की उम्मीद।
जीई के साथ 2021 में 99 एफ404 इंजन का करार; नवंबर 2025 में अतिरिक्त 113 इंजनों की डील भी संपन्न।
रडार परफॉर्मेंस सहित कुछ तकनीकी खामियाँ अभी शेष; सितंबर समीक्षा में इन्हें दूर करने पर डिलीवरी तारीख तय हो सकती है।

भारतीय वायुसेना के घटते फाइटर स्क्वाड्रनों की भरपाई के लिए अहम माने जाने वाले स्वदेशी तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान कार्यक्रम की प्रोग्रेस रिपोर्ट अब सितंबर 2026 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा भारतीय वायुसेना के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का प्रस्ताव है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह समीक्षा बैठक डिलीवरी की संभावित समयसीमा तय करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना को अब तक तेजस मार्क-1ए का एक भी विमान प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि तेजस मार्क-1 के 38 विमान पहले ही सेवा में आ चुके हैं।

बार-बार टली समीक्षा बैठक

रक्षा सूत्रों के अनुसार, तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम की प्रोग्रेस रिपोर्ट मूल रूप से अप्रैल 2026 में पेश की जानी थी, जिसे पहले मई तक और फिर आगे टाल दिया गया। जून में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एचएएल की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की, जिसमें तेजस कार्यक्रम भी शामिल था। इसके बाद एचएएल ने सितंबर 2026 में अद्यतन प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ पुनः उपस्थित होने की बात कही है।

तकनीकी खामियाँ और इंजन की स्थिति

एचएएल के पूर्व सीएमडी डॉ. डीके सुनील के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में वायुसेना के साथ हुई समीक्षा बैठक में बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल, लेजर-गाइडेड बम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और रडार इंटीग्रेशन का कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई थी। हालाँकि, रडार की परफॉर्मेंस में सुधार सहित कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम अभी शेष है।

इंजन आपूर्ति के मोर्चे पर, एचएएल के पास फिलहाल छह एफ404 इंजन उपलब्ध हैं। मई 2026 में डिलीवर हुए छठे इंजन में तकनीकी खामी पाई गई थी, जिसकी जानकारी नियमानुसार अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) को दी गई। सूत्रों के मुताबिक, जीई ने उन खामियों को दूर कर दिया है।

इंजन आपूर्ति समझौता

तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम के लिए इंजन आपूर्ति का समझौता जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के साथ 2021 में हुआ था, जिसके तहत भारत को कुल 99 एफ404 इंजन मिलने हैं। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2025 में अतिरिक्त 97 तेजस मार्क-1ए विमानों के लिए 113 इंजनों की डील भी संपन्न हो चुकी है। भारतीय वायुसेना ने एचएएल के साथ कुल 180 एलसीए तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद का करार किया हुआ है।

पेनल्टी की तैयारी और वायुसेना की नाराज़गी

लगातार हो रही देरी को लेकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कई बार सार्वजनिक मंचों पर अपनी नाराज़गी जता चुके हैं। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि मंत्रालय इस देरी के लिए एचएएल पर पेनल्टी लगाने की तैयारी में है। दूसरी ओर, एचएएल भी इंजन डिलीवरी में देरी को लेकर जीई पर पेनल्टी लगाने की बात कह चुकी है।

आगे क्या होगा

रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को उम्मीद है कि इस वर्ष तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शुरू हो सकती है। एचएएल के पास उपलब्ध छह इंजनों के अलावा करीब 18 विमानों के ढाँचे तैयार हैं, और वर्ष के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार होने की संभावना जताई जा रही है। यदि सितंबर की समीक्षा बैठक में रडार सहित शेष तकनीकी खामियाँ दूर हो जाती हैं और वायुसेना उन्हें स्वीकार कर लेती है, तो डिलीवरी की आधिकारिक तारीखों की घोषणा हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह जवाबदेही तंत्र भविष्य की परियोजनाओं में भी लागू होगा। वायुसेना के घटते स्क्वाड्रन — जो अनुमोदित संख्या से काफी कम हैं — इस देरी की वास्तविक परिचालन कीमत हैं, जो आँकड़ों में नहीं दिखती। 180 विमानों के करार में से एक भी डिलीवरी न होना, रक्षा स्वावलंबन के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को रेखांकित करता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस मार्क-1ए की प्रोग्रेस रिपोर्ट सितंबर में क्यों आएगी?
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह रिपोर्ट पहले अप्रैल और फिर मई में पेश होनी थी, लेकिन दोनों बार टाल दी गई। जून में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की समीक्षा के बाद एचएएल ने सितंबर 2026 में अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है।
भारतीय वायुसेना को अब तक तेजस मार्क-1ए क्यों नहीं मिला?
तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी में देरी की प्रमुख वजह इंजन आपूर्ति में विलंब और कुछ तकनीकी खामियाँ रही हैं, जिनमें रडार परफॉर्मेंस में सुधार शामिल है। एचएएल के पास फिलहाल केवल छह एफ404 इंजन उपलब्ध हैं और 18 विमानों के ढाँचे तैयार हैं।
रक्षा मंत्रालय एचएएल पर पेनल्टी क्यों लगाने की तैयारी में है?
तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी बार-बार तय समयसीमा से चूकती रही है और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कई बार सार्वजनिक तौर पर नाराज़गी जता चुके हैं। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस देरी के लिए एचएएल पर पेनल्टी लगाई जाएगी।
तेजस मार्क-1ए के लिए जीई के साथ इंजन का क्या समझौता है?
अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के साथ 2021 में हुए करार के तहत भारत को कुल 99 एफ404 इंजन मिलने हैं। नवंबर 2025 में अतिरिक्त 97 तेजस मार्क-1ए विमानों के लिए 113 इंजनों की अलग डील भी हो चुकी है।
तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी कब तक शुरू हो सकती है?
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को उम्मीद है कि इस वर्ष डिलीवरी शुरू हो सकती है। वर्ष के अंत तक लगभग 24 विमान तैयार होने की संभावना है, लेकिन यह सितंबर 2026 की समीक्षा बैठक में तकनीकी खामियों के निराकरण और वायुसेना की मंज़ूरी पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले