तेजस मार्क 1ए का इंतज़ार जारी, पर IAF के पायलट पूरी तरह तैयार — पहले बैच की ट्रेनिंग पूरी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना (IAF) को स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क 1ए की डिलीवरी में लगातार देरी हो रही है और अब तक एक भी एयरक्राफ्ट वायुसेना को सौंपा नहीं जा सका है। बावजूद इसके, IAF ने अपनी परिचालन तैयारी में कोई ढिलाई नहीं बरती है — रक्षा अधिकारियों के अनुसार, तेजस मार्क 1ए उड़ाने के लिए पहले बैच के कई पायलटों की ट्रेनिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि शेष की ट्रेनिंग अभी जारी है। फिलहाल यह ट्रेनिंग मौजूदा तेजस मार्क 1 विमानों पर कराई जा रही है।
मौजूदा तेजस बेड़े पर ट्रेनिंग
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, IAF के पास पहले से ही तेजस मार्क 1 के दो स्क्वाड्रन मौजूद हैं — एक सुलूर एयरबेस (तमिलनाडु) और दूसरा नाल एयरबेस (राजस्थान) पर। इन्हीं दोनों ठिकानों पर पायलटों की उड़ान प्रशिक्षण जारी है। इसके साथ-साथ सिम्युलेटर-आधारित ट्रेनिंग भी समानांतर रूप से चल रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तेजस मार्क 1ए को कमांड करने के लिए केवल तेजस मार्क 1 के अनुभवी पायलट ही पात्र होंगे। चूँकि दोनों संस्करणों में तकनीकी अंतर सीमित है, इसलिए मार्क 1 उड़ाने वाले पायलट एक संक्षिप्त अतिरिक्त पाठ्यक्रम पूरा करके मार्क 1ए पर स्थानांतरित हो सकते हैं।
नंबर 3 स्क्वाड्रन 'कोबरा' को मिलेगा पहला तेजस मार्क 1ए
तेजस मार्क 1ए से लैस होने वाला पहला स्क्वाड्रन नंबर 3 स्क्वाड्रन 'कोबरा' होगा, जो मिग-21 बाइसन के अंतिम दो स्क्वाड्रनों में से एक था। नंबर 3 स्क्वाड्रन का इतिहास उल्लेखनीय है — पहले यह मिग-21 बिस स्क्वाड्रन था; जब मिग-21 बिस को बाइसन में अपग्रेड किया गया, तो पहला अपग्रेड भी इसी स्क्वाड्रन को मिला था। अब LCA तेजस मार्क 1ए के रूप में यह स्क्वाड्रन एक बार फिर अग्रणी भूमिका में होगा।
मिग-21 का ऐतिहासिक विदाई और तेजस का उदय
26 सितंबर 2025 को भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक युगांत हुआ, जब 60 वर्षों की सेवा के बाद मिग-21 को औपचारिक रूप से सेवामुक्त किया गया। चंडीगढ़ में आयोजित अंतिम उड़ान समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के साथ नंबर 23 स्क्वाड्रन 'पैंथर्स' की कमांडिंग ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा और अन्य पायलट शामिल थे।
गौरतलब है कि स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा अब आने वाले समय में तेजस मार्क 1ए उड़ाने वाली प्रमुख पायलटों में शामिल होंगी, जो एक पीढ़ी के बदलाव का प्रतीक है।
मिग-21 पायलटों के लिए स्ट्रीम परिवर्तन की प्रक्रिया
जिन पायलटों का विमान सेवामुक्त हो जाता है, उनके लिए स्ट्रीम बदलने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है। IAF की फ्लाइंग स्ट्रीम में फाइटर, फिक्स्ड-विंग ट्रांसपोर्ट और हेलिकॉप्टर शामिल हैं। सामान्यतः पायलट स्वेच्छा से अपनी स्ट्रीम नहीं बदल सकते, किंतु मिग-21 के सेवामुक्त होने के कारण इन पायलटों के पास स्ट्रीम बदलने का वैध आधार है।
अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई मिग-21 पायलट किसी अन्य फाइटर जेट पर स्थानांतरित होना चाहता है, तो उसे 3 से 6 महीने की विशेष ट्रेनिंग से गुजरना होगा, क्योंकि प्रत्येक एयरक्राफ्ट की तकनीकी और परिचालन विशेषताएँ अलग होती हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) पर तेजस मार्क 1ए की समय पर डिलीवरी का दबाव बढ़ रहा है। IAF की परिचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए पायलट-तैयारी की यह अग्रगामी रणनीति महत्वपूर्ण है। जैसे ही पहला विमान सौंपा जाएगा, नंबर 3 स्क्वाड्रन 'कोबरा' तत्काल परिचालन के लिए तैयार होगा।