26 अक्टूबर 2026
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यमन संघर्ष तेज़: हूती विद्रोहियों का रियाद हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले का दावा, सऊदी गठबंधन का जवाबी अभियान

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यमन संघर्ष तेज़: हूती विद्रोहियों का रियाद हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले का दावा, सऊदी गठबंधन का जवाबी अभियान

सारांश

यमन में संघर्ष एक बार फिर उफान पर है — हूती प्रवक्ता ने रियाद हवाई अड्डे और सऊदी तेल पाइपलाइन पर हमलों का दावा किया, जबकि सऊदी गठबंधन ने सना में पाँच मिसाइल सुरंगें और चार लॉन्चर नष्ट करने की बात कही। दोनों पक्षों के परस्पर दावे संघर्ष के नए और खतरनाक विस्तार की ओर इशारा करते हैं।

मुख्य बातें

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई।
हूतियों ने सऊदी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशनों पर कई ड्रोन हमलों का दावा किया; सऊदी अधिकारियों ने तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी।
सऊदी गठबंधन ने हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में पाँच मिसाइल सुरंगें , चार लॉन्चर और एक भंडारण केंद्र नष्ट करने की पुष्टि की।
गठबंधन ने दावा किया कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया।
दक्षिणी यमन के अदन और लहज प्रांत में सऊदी समर्थित बलों के ठिकानों पर हमले का दावा; दर्जनों हताहतों की बात कही गई, जो अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।
सना में स्थानीय नागरिकों ने जोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनने की पुष्टि की, लेकिन नुकसान का पूरा ब्यौरा उपलब्ध नहीं है।

यमन में जारी संघर्ष 26 अक्टूबर 2026 को एक नए मोड़ पर पहुँच गया, जब हूती विद्रोही समूह ने दावा किया कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी तथा दक्षिणी यमन में सऊदी समर्थित बलों के ठिकानों पर कई सैन्य अभियान चलाए। इसी बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी यमन की राजधानी सना समेत हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में हवाई हमले कर एक 'विशेष सैन्य अभियान' चलाने की पुष्टि की।

हूती दावे: रियाद से लेकर अदन तक

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी दो अलग बयानों में हमलों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने दावा किया कि रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल ने 'सटीक निशाना' लगाया।

सारेया ने यह भी कहा कि हूती बलों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन के किनारे स्थित कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाते हुए कई ड्रोन भेजे, जो कथित तौर पर अपने लक्ष्य तक पहुँचे। हालाँकि, सऊदी अधिकारियों ने इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

एक अन्य बयान में सारेया ने कहा कि हूती समूह ने दक्षिणी यमन के अदन के 'सलाह अल-दीन' इलाके और पड़ोसी लहज प्रांत के अल-वहत क्षेत्र में सऊदी समर्थित बलों के सैन्य जमावड़ों और हथियार भंडारों पर दो अलग सैन्य अभियान चलाए। उनके अनुसार, इन हमलों में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं और दर्जनों लोगों के हताहत होने का दावा किया गया है, साथ ही कई सैन्य वाहन और हथियार भंडार नष्ट हो गए या उनमें आग लग गई — हालाँकि ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सके हैं।

सऊदी गठबंधन का जवाबी अभियान

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने 'एक्स' पर बताया कि गठबंधन ने हूती नियंत्रित क्षेत्रों में एक 'विशेष सैन्य अभियान' चलाया, जिसमें कई महत्वपूर्ण सैन्य ढाँचे को नष्ट किया गया। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारण के लिए उपयोग की जाने वाली पाँच सुरंगें, चार मिसाइल लॉन्चर और एक मिसाइल भंडारण केंद्र शामिल हैं।

अल-मालिकी के अनुसार, अभियान के दौरान हूती-नियंत्रित इलाकों के बीच आपूर्ति लाइनों, मोर्चों पर किलेबंदी, सैन्य उपकरण और लड़ाकों को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए गठबंधन भविष्य में भी निरोधक सैन्य कदम उठाता रहेगा।

इसी क्रम में गठबंधन ने यह भी दावा किया कि उसने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। स्थानीय समाचारों के अनुसार, रियाद में सोमवार तड़के विस्फोटों की आवाज़ें भी सुनी गईं।

सना में हमले और ज़मीनी हालात

हूती समूह से संबद्ध मीडिया चैनल अल-मसीरा टीवी ने सना में हुए हवाई हमलों को 'सऊदी आक्रमण' बताया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। हमलों से प्रभावित इलाकों, हताहतों की संख्या या नुकसान के बारे में फ़िलहाल पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

गौरतलब है कि हूती सना और यमन के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण रखते हैं, जबकि सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में 2015 से इस संघर्ष में शामिल है।

बढ़ता तनाव और क्षेत्रीय संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी गठबंधन और हूती समूहों के बीच हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला लगातार तेज़ हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावे — और उनकी स्वतंत्र सत्यापन की कठिनाई — इस संघर्ष की जटिलता को रेखांकित करते हैं।

यमन युद्ध को दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार, वर्षों के संघर्ष में हज़ारों नागरिक हताहत हो चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की कार्रवाइयों पर अंतरराष्ट्रीय निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संघर्ष के भौगोलिक विस्तार का संकेत देते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर 'दावा बनाम जवाबी दावा' की परत में उलझ जाती है और यह नहीं पूछती कि वर्षों की निरंतर बमबारी के बावजूद हूतियों की हमले की क्षमता क्यों बरकरार है — यह प्रश्न गठबंधन की रणनीति की सीमाओं को उजागर करता है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूतियों ने 26 अक्टूबर 2026 को कौन से हमले किए?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, समूह ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, सऊदी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशनों पर ड्रोन भेजे और दक्षिणी यमन के अदन तथा लहज प्रांत में सऊदी समर्थित बलों के ठिकानों पर दो सैन्य अभियान चलाए। ये सभी दावे अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
सऊदी गठबंधन ने इन हमलों का जवाब कैसे दिया?
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि गठबंधन ने हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में एक विशेष सैन्य अभियान चलाया, जिसमें पाँच मिसाइल सुरंगें, चार लॉन्चर और एक भंडारण केंद्र नष्ट किए गए। गठबंधन ने यह भी दावा किया कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया।
क्या रियाद में नागरिकों को कोई नुकसान हुआ?
रियाद में सोमवार तड़के विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं, लेकिन किसी के हताहत होने या नागरिक नुकसान की पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हुई। सऊदी अधिकारियों ने हूतियों के दावों पर तुरंत कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।
यमन में सऊदी-हूती संघर्ष की पृष्ठभूमि क्या है?
सऊदी नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन 2015 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहा है। हूती समूह सना और यमन के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण रखता है तथा ईरान से समर्थन प्राप्त माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र इस संघर्ष को दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक बताता है।
क्या सऊदी तेल पाइपलाइन पर हूती हमले की पुष्टि हुई है?
हूती प्रवक्ता ने सऊदी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशनों पर ड्रोन हमले का दावा किया है, लेकिन सऊदी अधिकारियों ने इसकी न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। स्रोतों के अनुसार यह दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है।
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