सना में 'विशेष अभियान' से पहले सऊदी गठबंधन की नागरिकों को खाली करने की चेतावनी, रियाद पर हूती मिसाइल हमले का दावा
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वह यमन की राजधानी सना में एक 'विशेष अभियान' शुरू करने से पहले नागरिकों को एक निर्दिष्ट स्थान खाली करने की औपचारिक चेतावनी जारी करेगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है।
गठबंधन प्रवक्ता की घोषणा
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि यह चेतावनी शीघ्र जारी की जाएगी। हालांकि उन्होंने संबंधित स्थान अथवा प्रस्तावित अभियान के विस्तृत स्वरूप के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। सना इस समय हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है।
रियाद पर हूती हमले का दावा और सऊदी प्रतिक्रिया
यमन के हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोमवार शाम एक बयान में दावा किया कि उनके समूह ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया और मिसाइल ने कथित तौर पर अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदा।
इसके अलावा, हूती प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि समूह ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस पर ड्रोन हमला किया। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि उसकी सेनाओं ने सोमवार शाम रियाद की ओर दागी गई हूती बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया।
गौरतलब है कि हमले के समय रियाद में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं और स्थानीय निवासियों को मोबाइल ऐप के ज़रिये अलर्ट भी भेजे गए। मंगलवार को गठबंधन ने यह भी दावा किया कि उसने रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन को मार गिराकर नष्ट कर दिया।
ईरान की मध्यस्थता की पेशकश
इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराने की अपनी इच्छा दोहराई है। सोमवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि तेहरान ने 'कई बार यह इच्छा जताई है कि वह दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराने में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।'
यह बयान एक दिन बाद आया जब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची ने रविवार को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल सऊद से फोन पर बातचीत की थी। उस बातचीत में अराकची ने सऊदी अरब और हूती समूह के बीच संवाद शुरू कराने में 'हर संभव सहायता' देने की ईरान की तत्परता व्यक्त की थी।
क्षेत्रीय तनाव और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब यमन संघर्ष वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता के बाद फिर से तीखा मोड़ ले रहा है। हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ महीनों में सऊदी अरब के भीतर ठिकानों पर हमलों की संख्या बढ़ाई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर चिंता गहरी हुई है। सऊदी गठबंधन द्वारा सना में नागरिकों को पहले से सूचित कर खाली कराने की घोषणा यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज़ हो सकता है।
आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान की मध्यस्थता की कोशिशें कितनी कारगर साबित होती हैं और क्या सऊदी गठबंधन का 'विशेष अभियान' वास्तव में अमल में आता है।