बीएसई 14 मार्च को इक्विटी, करेंसी और कमोडिटी सेगमेंट में मॉक ट्रेडिंग का आयोजन करेगा
सारांश
Key Takeaways
- बीएसई का मॉक ट्रेडिंग सत्र 14 मार्च को होगा।
- इक्विटी, करेंसी और कमोडिटी सेगमेंट शामिल हैं।
- यह तकनीकी ढांचे की मजबूती सुनिश्चित करने का अवसर है।
- सत्र के दौरान किए गए ट्रेड पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
- प्रतिभागियों को अपने सुझाव साझा करने का अनुरोध किया गया है।
मुंबई, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस) — भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने १४ मार्च को विभिन्न बाजार सेगमेंट में मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित करने की योजना बनाई है। यह सत्र एक्सचेंज की ट्रेडिंग प्रणाली की नियमित जाँच का एक हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार का तकनीकी ढांचा निरंतर मजबूत बना रहे और वास्तविक समय के कारोबार को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
बीएसई के अनुसार, इस मॉक ट्रेडिंग सत्र में इक्विटी, करेंसी और कमोडिटी सेगमेंट शामिल होंगे। इस अवसर का उपयोग करके, बाजार से जुड़े प्रतिभागियों को एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म के साथ अपने सिस्टम और कनेक्टिविटी की जाँच करने का मौका मिलेगा। सामान्यतः ऐसे सत्र इसलिए आयोजित किए जाते हैं ताकि ब्रोकर्स, ट्रेडिंग मेंबर्स और अन्य बाजार प्रतिभागी यह सुनिश्चित कर सकें कि उनके सिस्टम लाइव मार्केट की परिस्थितियों में सही तरीके से कार्य कर रहे हैं।
एक्सचेंज ने यह भी उल्लेख किया है कि उसी दिन इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी मॉक ट्रेडिंग का आयोजन किया जाएगा। इससे फ्यूचर्स और ऑप्शंस बाजार में काम कर रहे प्रतिभागियों को अपने ट्रेडिंग सिस्टम, ऑर्डर मैनेजमेंट प्रक्रिया और एक्सचेंज के ट्रेडिंग वातावरण के साथ कनेक्टिविटी की जाँच करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इस सत्र में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (ईजीआर) सेगमेंट को भी शामिल किया गया है।
बीएसई ने अपने सर्कुलर में यह स्पष्ट किया है कि इक्विटी सेगमेंट के लिए यह मॉक ट्रेडिंग सत्र शनिवार, १४ मार्च २०२६ को एक्सचेंज के प्राइमरी साइट (पीआर) और डिजास्टर रिकवरी साइट (डीआर) दोनों से संचालित किया जाएगा। यह प्रक्रिया किसी आपात स्थिति में वैकल्पिक तकनीकी ढांचे के कार्यान्वयन की जाँच भी करेगी।
इसके अलावा, जो ट्रेडिंग मेंबर्स थर्ड पार्टी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, वे इस मॉक ट्रेडिंग सत्र का उपयोग अपने ट्रेडिंग एप्लिकेशन की विभिन्न कार्यक्षमताओं की जाँच के लिए कर सकते हैं। इसमें कॉल ऑक्शन सत्र, रिस्क-रिडक्शन मोड, ट्रेडिंग हॉल्ट, और ब्लॉक डील्स जैसी विशेष परिस्थितियों में सिस्टम के प्रदर्शन की जाँच की जा सकेगी।
एक्सचेंज ने यह स्पष्ट किया है कि यह मॉक ट्रेडिंग केवल परीक्षण और प्रशिक्षण के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस दौरान होने वाले किसी भी ट्रेड पर न तो मार्जिन की कोई बाध्यता लागू होगी और न ही पे-इन या पे-आउट से जुड़ी कोई जिम्मेदारी बनेगी। अर्थात्, इस सत्र के दौरान किए गए सौदों से किसी प्रकार के अधिकार या देनदारी उत्पन्न नहीं होगी।
बीएसई ने बाजार प्रतिभागियों से इस मॉक ट्रेडिंग सत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। एक्सचेंज ने बताया है कि बेहतर और अधिक कुशल ट्रेडिंग प्रणाली विकसित करने के लिए सभी सदस्यों से मिलने वाला फीडबैक अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया है कि वे सत्र के बाद शाम ५ बजे तक अपने सुझाव और प्रतिक्रिया साझा करें।
किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए, ट्रेडिंग मेंबर्स अपने रिलेशनशिप मैनेजर से संपर्क कर सकते हैं या फिर बीएसई हेल्पडेस्क (०२२-४५७२०४००/६०० और ०२२-६९१५८५००; बीएसईहेल्प@बीएसईइंडिया.कॉम) और टेक सपोर्ट टीम (०२२-२२७२८०५३; बीएसई.टेक@बीएसईइंडिया.कॉम) से भी संपर्क कर सकते हैं ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या प्रश्न होने पर त्वरित सहायता मिल सके।