क्या सेबी ने ट्रेडिंग नियमों को आसान बनाने के लिए नया प्रस्ताव दिया है?

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क्या सेबी ने ट्रेडिंग नियमों को आसान बनाने के लिए नया प्रस्ताव दिया है?

सारांश

सेबी ने ट्रेडिंग नियमों को सरल बनाने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इससे स्टॉक और कमोडिटी एक्सचेंज में व्यापार प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और अनुपालन का बोझ कम करना है। जानिए इस प्रस्ताव से बाजार में क्या बदलाव आने की संभावना है।

Key Takeaways

  • सेबी का नया प्रस्ताव ट्रेडिंग नियमों को सरल बनाएगा।
  • 54 नियमों में संशोधन की सिफारिश की गई है।
  • सम्बंधित डिस्क्लोजर प्रावधानों को विलय किया जाएगा।
  • अनुपालन का बोझ कम होगा।
  • मार्गदर्शक मास्टर सर्कुलर लाने की योजना है।

मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ट्रेडिंग से संबंधित नियमों को सरल बनाने के लिए एक नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के ढांचे में बदलाव करना, नियमों को सरल बनाना और बाजार के भागीदारों के लिए अनुपालन का बोझ कम करना है।

नए प्रस्ताव के माध्यम से सेबी की योजना स्टॉक एक्सचेंज और कमोडिटी एक्सचेंज दोनों में व्यापार प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

सेबी द्वारा जारी कंसल्टेशन पेपर में ट्रेडिंग, प्राइस बैंड, सर्किट ब्रेकर, बल्क डील और ब्लॉक डील के डिस्क्लोजर, कॉल ऑक्शन और लिक्विडिटी बढ़ाने की योजनाओं पर दोहराव वाले प्रावधानों को विलय करने की सिफारिश की गई है।

आधिकारिक बयान में बताया गया कि 54 नियमों में संशोधन की सिफारिश की गई है। इसमें इक्विटी और कमोडिटी सेगमेंट दोनों को एकल ढांचे में सम्मिलित करने वाले नियम शामिल हैं। इस विलय में मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (एमटीएफ), विशिष्ट क्लाइंट कोड, पैन की आवश्यकताएं, ट्रेडिंग घंटे और दैनिक मूल्य सीमा से संबंधित प्रावधान भी सम्मिलित हैं।

बयान में यह भी कहा गया कि बल्क डील और ब्लॉक डील से संबंधित डिस्क्लोजर प्रावधानों को एक साथ लाया जा सकता है। बल्क डील डिस्क्लोजर पर और स्पष्टता प्रदान की जा सकती है, जिसका अर्थ है कि सदस्य एक्सचेंजों के बीच पूरी होने वाली बल्क डील की जानकारी ग्राहक स्तर पर एक्सचेंजों द्वारा साझा की जाएगी।

नियामक ने कहा कि क्लियरिंग कॉरपोरेशंस पर लागू होने वाले प्रावधानों के लिए एक अलग मास्टर सर्कुलर लाया जाएगा, जिससे रेगुलेटरी ओवरलैप को समाप्त किया जा सके।

बयान में कहा गया, "एक्सचेंजों और क्लियरिंग निगमों द्वारा क्लाइंट कोड और ओटीआर आवंटन में संशोधन के लिए लगाए गए जुर्माने समान होने चाहिए।"

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इससे पहले परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र के प्रतिभागियों के लिए अनुपालन को सरल बनाने, इसे सरल बनाने और लागत कम करने की घोषणा की थी।

Point of View

हमें यह समझना होगा कि सेबी का यह नया प्रस्ताव न केवल नियमों में सुधार लाएगा, बल्कि बाजार के सभी भागीदारों के लिए एक सकारात्मक दिशा में एक कदम है। यह पहल सभी को एक समान अवसर प्रदान करती है और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देती है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

सेबी के नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सेबी का नया प्रस्ताव ट्रेडिंग नियमों को सरल बनाना और अनुपालन का बोझ कम करना है।
इस प्रस्ताव में कितने नियमों में बदलाव किया गया है?
इस प्रस्ताव में लगभग 54 नियमों में बदलाव की सिफारिश की गई है।
क्या यह प्रस्ताव व्यापारियों के लिए लाभकारी होगा?
हाँ, यह प्रस्ताव व्यापार में आसानी को बढ़ावा देगा और अनुपालन को सरल बनाएगा।
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