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क्या सेबी ने एजुकेशनल कंटेट के लिए लाइव डेटा पर 30 दिनों की देरी का नियम प्रस्तावित किया?

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क्या सेबी ने एजुकेशनल कंटेट के लिए लाइव डेटा पर 30 दिनों की देरी का नियम प्रस्तावित किया?

सारांश

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एजुकेशनल कंटेट के लिए स्टॉक की कीमतों को 30 दिनों की देरी से साझा करने का प्रस्ताव किया है, जिससे निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में डेटा उपयोग को स्पष्टता प्रदान करेगा।

मुख्य बातें

सेबी ने एजुकेशनल कंटेट के लिए 30 दिनों की देरी का प्रस्ताव किया है।
यह नियम निवेशकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
निवेशक शिक्षा में स्पष्टता लाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को एजुकेशनल कंटेट के लिए सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट डेटा जैसे स्टॉक की कीमत को 30 दिनों की देरी के साथ साझा करने का प्रस्ताव दिया है।

इस नए नियम के जरिए सेबी का उद्देश्य निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए क्रिएटर्स और मार्केट ट्रेनर्स को एजुकेशनल उद्देश्यों के लिए सटीक डेटा प्रदान करना है।

एक परामर्श पत्र में, सेबी ने कहा कि यह प्रस्ताव शिक्षा के लिए शेयर मूल्य डेटा के उपयोग से उत्पन्न मौजूदा संशय को दूर करने का प्रयास करता है।

सेबी ने बताया, "यह प्रस्ताव है कि शैक्षिक और जागरूकता गतिविधियों के लिए मूल्य डेटा साझा करने और उपयोग करने पर 30 दिनों की एकसमान समयावधि लागू की जाए।"

बाजार नियामक ने यह भी कहा, “केवल शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्ति जनवरी 2025 के परिपत्र में उल्लिखित निषिद्ध गतिविधियों के प्रावधानों का पालन करना जारी रखेंगे और अन्य सभी प्रावधान अपरिवर्तित रहेंगे।”

नियामक ने इस प्रस्ताव पर 27 जनवरी, 2026 तक जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

वर्तमान में, शैक्षिक उद्देश्यों के लिए मूल्य डेटा के उपयोग के लिए सेबी के दो अलग-अलग परिपत्र लागू हैं।

मई 2024 में जारी एक परिपत्र के अनुसार, शेयर बाजार कम से कम एक दिन की देरी से शैक्षिक और जागरूकता गतिविधियों के लिए मूल्य डेटा साझा कर सकते हैं।

हालांकि, जनवरी 2025 में जारी एक अन्य परिपत्र में कहा गया है कि शुद्ध रूप से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाएं मूल्य डेटा का उपयोग तभी कर सकती हैं जब वह कम से कम तीन महीने पुराना हो।

सेबी ने स्वीकार किया कि यद्यपि दोनों परिपत्र अलग-अलग कारणों से जारी किए गए थे, लेकिन उनके समानांतर जारी होने से बाजार प्रतिभागियों और शिक्षकों के बीच अनिश्चितता पैदा हो गई है।

सेबी ने स्पष्ट किया कि शैक्षिक सामग्री के लिए लाइव या लगभग वास्तविक समय के मूल्य डेटा के उपयोग की अनुमति देने से निवेशक शिक्षा और निवेश सलाहकार या अनुसंधान जैसी विनियमित गतिविधियों के बीच की रेखा धुंधली हो सकती है।

नियामक ने कहा कि भविष्य के उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने के लिए वर्तमान बाजार मूल्यों का विश्लेषण करना सलाहकार कार्यों के अंतर्गत आता है, जिसके लिए नियामक निगरानी आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम इस प्रस्ताव को समझें और यह सुनिश्चित करें कि निवेशकों के हितों की रक्षा हो। सेबी का यह कदम स्पष्टता लाने का प्रयास है, जो शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक है। हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि हम सभी लाभान्वित हो सकें।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबी का नया नियम क्या है?
सेबी ने एजुकेशनल कंटेट के लिए स्टॉक की कीमतों को 30 दिनों की देरी से साझा करने का प्रस्ताव दिया है।
यह नियम कब लागू होगा?
यह नियम जनवरी 2025 से लागू होगा।
इसका उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य निवेशकों की सुरक्षा और शिक्षा में डेटा के उपयोग में स्पष्टता प्रदान करना है।
राष्ट्र प्रेस
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