घुसपैठियों को देश से बाहर करने का संकल्प: अमित शाह का बड़ा बयान

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घुसपैठियों को देश से बाहर करने का संकल्प: अमित शाह का बड़ा बयान

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अररिया में घुसपैठियों को भारत से बाहर करने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने इसे चुनावी वादा ना कहकर मोदी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता बताया।

Key Takeaways

  • घुसपैठियों को बाहर करने का संकल्प।
  • मोदी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता
  • सीमा सड़क योजना का विकास।
  • एसएसबी की महत्वपूर्ण भूमिका
  • सीमांत गाँवों में संवाद की आवश्यकता।

अररिया, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम भारत की धरती से प्रत्येक घुसपैठिए को चुन-चुन कर बाहर करेंगे। यह कोई चुनावी वादा नहीं है, बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। हम जल्द ही इसे वास्तविकता में बदलने जा रहे हैं।

अमित शाह ने बिहार के अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट 'लेटी' और 'इंदरवा' का उद्घाटन किया और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कई कार्यों का ई-लोकार्पण किया।

उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर लंबी सीमा सड़क को स्वीकृति दी गई है, जिसमें 18 में से 14 खंडों का कार्य पूरा हो चुका है। चार खंडों पर कार्य तेजी से चल रहा है, जो जल्दी ही समाप्त होगा। इससे निगरानी की क्षमता में वृद्धि होगी और नागरिकों को सुविधाएं भी मिलेंगी।

अमित शाह ने एसएसबी की सराहना की और कहा कि ये सीमा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह आवश्यक है कि हमारे देश के दुश्मन और हानिकारक तत्व देश में प्रवेश न कर सकें। इसके लिए सशस्त्र सीमा बल को अपनी निगरानी को मजबूत करना होगा और सीमांत गाँवों में संवाद और संपर्क बनाए रखना होगा।

उन्होंने कहा कि सीमा के 10 किलोमीटर के भीतर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें इस अभियान के अंतर्गत समाप्त किया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने का कार्य शुरू किया जाएगा। जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं। बंगाल में चुनाव चल रहे हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहां भाजपा की सरकार बनेगी। वहां सरकार का प्राथमिक एजेंडा सीमा पर बाड़ का कार्य पूरा करना और एक-एक घुसपैठिए को बाहर करना होगा।

अमित शाह ने सीमांचल की जनता से अपील की कि उन्हें सहयोग की आवश्यकता है, क्योंकि घुसपैठिए न केवल चुनावों को प्रभावित करते हैं, बल्कि गरीबों के राशन और युवाओं के रोजगार के अवसरों को भी क्षीण करते हैं। यह अभियान जल्द सीमांचल में शुरू होगा।

Point of View

इसे लागू करने की प्रक्रिया और स्थानीय जनता के सहयोग की आवश्यकता भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

अमित शाह ने घुसपैठियों के खिलाफ क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हम सभी घुसपैठियों को भारत की भूमि से बाहर करेंगे और यह मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है।
क्या यह चुनावी वादा है?
नहीं, अमित शाह ने इसे चुनावी वादा नहीं बल्कि सरकार का संकल्प बताया।
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