सेबी का कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड प्रस्ताव: सभी विनियमित संस्थाओं पर एक समान विज्ञापन नियम, 14 जुलाई तक सुझाव आमंत्रित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 23 जून 2026 को पूंजी बाजार से जुड़ी सभी विनियमित संस्थाओं के लिए एक कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड (CAC) लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इस एकीकृत विज्ञापन आचार संहिता का लक्ष्य मौजूदा खंडित नियामकीय ढाँचे को बदलकर अनुपालन को सरल बनाना और निवेशकों को भ्रामक प्रचार से सुरक्षित करना है। प्रस्ताव पर 14 जुलाई 2026 तक सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
किन संस्थाओं पर लागू होगा यह कोड
प्रस्तावित CAC का दायरा व्यापक है। यह स्टॉक ब्रोकर, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट, निवेश सलाहकार, रिसर्च एनालिस्ट, ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रदाता, पोर्टफोलियो मैनेजर तथा म्यूचुअल फंड एवं एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर लागू होगा। इस नए ढाँचे को सेबी (इंटरमीडियरीज) रेगुलेशंस, 2008 में शामिल करने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि अभी तक विभिन्न संस्थाओं और एक्सचेंजों के लिए अलग-अलग विज्ञापन नियम लागू हैं, जिससे अनुपालन जटिल और असमान हो जाता है।
पूर्व-अनुमोदन की जगह पोस्ट-रिपोर्टिंग व्यवस्था
सेबी ने विज्ञापन जारी करने से पहले मंजूरी लेने की मौजूदा प्रणाली को समाप्त करने का सुझाव दिया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कोई भी विज्ञापन प्रकाशित करने के बाद संबंधित संस्था को 24 घंटे के भीतर नियामक को सूचित करना होगा। सेबी का तर्क है कि डिजिटल युग में वित्तीय संस्थाएं रोज़ाना बड़ी मात्रा में सोशल मीडिया पोस्ट, शैक्षणिक वीडियो और प्रचार सामग्री प्रकाशित करती हैं, और ऐसे में प्रत्येक सामग्री के लिए पूर्व-अनुमोदन व्यावहारिक नहीं रह गया है।
सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर स्पष्ट सीमाएँ
नए प्रस्ताव के अनुसार विनियमित संस्थाओं को ब्रांड या संस्था स्तर के प्रचार के लिए सेलिब्रिटी को शामिल करने की अनुमति मिल सकती है। हालाँकि, किसी विशेष वित्तीय उत्पाद या सेवा के प्रत्यक्ष प्रचार के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति नहीं होगी। यह प्रावधान निवेशकों को भ्रामक दावों और अनुचित प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब फिनटेक और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्मों द्वारा सेलिब्रिटी-संचालित प्रचार अभियानों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
PARRVA रेटिंग और विज्ञापन की नई परिभाषा
सेबी ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि संस्थाएं पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी (PARRVA) द्वारा जारी रेटिंग और रैंकिंग का प्रचार कर सकेंगी, बशर्ते निर्धारित शर्तों और खुलासों का पालन किया जाए। इसके साथ ही नियामक विज्ञापन की परिभाषा में भी संशोधन करना चाहता है — प्रचारात्मक संदेशों और सामान्य निवेशक सेवा या नियमित सूचना संचार के बीच स्पष्ट अंतर किया जाएगा। ऐसे संचार की एक उदाहरणात्मक सूची भी जारी की जाएगी जिन्हें विज्ञापन की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।
साझा डिजिटल पोर्टल और आगे की राह
रिपोर्टिंग को सुगम बनाने के लिए सेबी ने एक साझा डिजिटल पोर्टल विकसित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे मान्यता प्राप्त पर्यवेक्षी संस्थाओं द्वारा संचालित किया जाएगा। इससे एकाधिक नियामकीय संस्थाओं के साथ पंजीकृत इकाइयों के लिए रिपोर्टिंग प्रक्रिया सरल होगी और नियामकों को निगरानी में भी सुविधा मिलेगी। सेबी के अनुसार, इस पूरे प्रस्ताव का मूल उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है। 14 जुलाई 2026 तक प्राप्त सार्वजनिक सुझावों के आधार पर अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे।