18 जुलाई 2026
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जौहर यूनिवर्सिटी कार्रवाई पर राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: 'बेचैन क्यों हैं सपा प्रमुख?'

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जौहर यूनिवर्सिटी कार्रवाई पर राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: 'बेचैन क्यों हैं सपा प्रमुख?'

सारांश

ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित कर जौहर विश्वविद्यालय कार्रवाई का बचाव किया और सपा सरकार के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं की लंबी सूची गिनाई। यह वार 2027 चुनाव से पहले यूपी की राजनीतिक जमीन को और पेचीदा बना रहा है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 18 जुलाई को एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित कर जौहर विश्वविद्यालय कार्रवाई का बचाव किया।
राजभर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय सपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी भूमि और संसाधनों के कथित दुरुपयोग से बना।
उत्तर प्रदेश सरकार ने रामपुर स्थित विश्वविद्यालय परिसर में अवैध पाए गए निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं।
राजभर ने इसे 'डबल इंजन सरकार' की कार्रवाई बताया और कहा — 'अवैध इमारतों पर बुलडोजर तो चलेगा ही।' यह विवाद 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 18 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राजभर ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और सपा नेतृत्व को बेचैनी की जगह आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विश्वविद्यालय सरकारी संसाधनों और भूमि के कथित दुरुपयोग से खड़ा किया गया था।

एक्स पर राजभर की सीधी चुनौती

राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा — 'प्रिय अखिलेश जी, जौहर यूनिवर्सिटी पर कानून अपना काम कर रहा है तो उम्मीद है आप बेचैन ज़रूर होंगे। हैं ना? सच सच बताइए?' उन्होंने आगे सवाल दागे कि जिस विश्वविद्यालय को सपा सरकार के कार्यकाल में बनाया गया, उसमें लगी जमीन और अरबों रुपये की संपत्ति किसकी थी, ट्रस्ट किसने बनाया और नौकरियाँ किन्हें मिलीं।

राजभर के आरोपों का सार

राजभर ने अपनी पोस्ट में क्रमवार आरोप गिनाए — कि विश्वविद्यालय सपा सरकार के कार्यकाल में बना, भूमि और संसाधन सरकारी थे, ट्रस्ट आजम खान ने बनाया, और नौकरियाँ उनके कथित रिश्तेदारों को मिलीं। उन्होंने यह भी लिखा कि करदाताओं के पैसे से खड़ी की गई इस संस्था पर अब जब कार्रवाई हो रही है तो बेचैनी का कोई औचित्य नहीं है।

जौहर विश्वविद्यालय पर प्रशासनिक कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में उन निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं जिन्हें जाँच के दौरान अवैध पाया गया। प्रशासन के अनुसार, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। राजभर ने इसे 'डबल इंजन सरकार' की कार्यशैली बताते हुए कहा कि अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलना तय है।

राजनीतिक तापमान में उछाल

इस मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई गर्माहट ला दी है। सपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजभर ने अपनी पोस्ट का समापन 'जैसी करनी, वैसी भरनी' की लोकोक्ति से किया, जिसे राजनीतिक हलकों में सपा पर सीधे कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि आजम खान पहले से ही कई मामलों में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं।

आगे क्या

जौहर विश्वविद्यालय पर प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहने के संकेत हैं और यह मामला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो सकता है। विपक्ष की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसे न्यायिक प्रक्रिया से अधिक राजनीतिक संदेश की तरह पेश करता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर विश्वविद्यालय पर क्या कार्रवाई हो रही है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में जाँच के दौरान अवैध पाए गए निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और नियम-उल्लंघन के मामलों में विधिक प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि जौहर विश्वविद्यालय सपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी जमीन और संसाधनों के कथित दुरुपयोग से खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट आजम खान ने बनाया और नौकरियाँ उनके कथित रिश्तेदारों को मिलीं, जबकि संसाधन करदाताओं के थे।
राजभर ने यह बात कहाँ कही?
राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अखिलेश यादव को सीधे संबोधित किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में 'जैसी करनी, वैसी भरनी' की लोकोक्ति का उपयोग कर सपा पर कटाक्ष किया।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह मामला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है। आजम खान पहले से ही कई कानूनी मामलों में घिरे हैं, और जौहर विश्वविद्यालय विवाद मुस्लिम मतदाताओं और विपक्षी एकजुटता के नजरिए से संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है।
आजम खान और जौहर विश्वविद्यालय का क्या संबंध है?
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से जुड़े ट्रस्ट द्वारा की गई थी। राजभर के अनुसार, यह विश्वविद्यालय सपा शासनकाल में सरकारी भूमि और संसाधनों के कथित उपयोग से बना, जो अब जाँच के दायरे में है।
राष्ट्र प्रेस
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