यूपी एमएलसी चुनाव: सपा ने बदले दो शिक्षक सीट उम्मीदवार, अखिलेश यादव बोले — अनुभव से मिलेगी जीत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव से ऐन पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने 3 अक्टूबर 2026 को अपने दो प्रत्याशी बदलते हुए नए चेहरों को मैदान में उतारा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित किया। अखिलेश यादव ने दोनों बदलावों को संबंधित नेताओं की सहमति से लिया गया फैसला बताया।
उम्मीदवार बदलाव का घटनाक्रम
सपा ने इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर कमलेश यादव और आगरा सीट पर प्रकाश चंद्र गुप्त को प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी ने अब दोनों सीटों पर नए चेहरों को टिकट दिया है। अखिलेश यादव ने नए प्रत्याशियों का स्वागत करते हुए पहले घोषित उम्मीदवारों, उनके परिवारों और समर्थकों के प्रति आभार जताया और कहा कि समय आने पर दोनों को उचित सम्मान दिया जाएगा।
डॉ. संजयन त्रिपाठी की उम्मीदवारी क्यों अहम है
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नामांकन खास महत्व रखता है। चुनावी घटनाक्रम के दौरान वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। BJP द्वारा ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बनाई और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद सपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया, जिसे राजनीतिक पर्यवेक्षक BJP के नाराज मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
डॉ. आकाश अग्रवाल का अनुभव कार्ड
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. आकाश अग्रवाल पहले निर्दलीय एमएलसी रह चुके हैं। उनका वर्तमान कार्यकाल भी इस चुनाव में रिक्त होने वाली सीटों में शामिल है। सपा का उन्हें उम्मीदवार बनाना क्षेत्र में उनके चुनावी अनुभव और मतदाता आधार को पार्टी के साथ जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अखिलेश का BJP पर हमला और चुनावी एजेंडा
उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लोगों ने गलत तरीके से मतदाता सूचियाँ तैयार कराई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोरखपुर में सड़क पर जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वाले एक व्यक्ति के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा उन्होंने संतकबीरनगर में एक पहलवान की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है।
अखिलेश यादव ने पुलिस व्यवस्था को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार को घेरा। शिक्षा के मोर्चे पर उन्होंने पेपर लीक, सरकारी नौकरियों में कथित भेदभाव और तदर्थ व वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दों को आगामी चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने का संकेत दिया।
पीडीए फॉर्मूला और मतदान कार्यक्रम
सपा अध्यक्ष ने अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठजोड़ को केंद्र में रखते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने इंडिया ब्लॉक के साथ BJP को हराया था और आगे भी यही ताकत काम करेगी। उन्होंने युवाओं के रोजगार को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि बेरोजगारी बढ़ रही है और पार्टी इन सवालों को जनता के बीच ले जाएगी।
विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी। इन चुनावों के नतीजे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेतक माने जा रहे हैं।