गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव: मतगणना जारी, सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी को जीत का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 27 अक्टूबर 2026 को स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है। निर्वाचन क्षेत्र के 17 जिलों के 200 मतदान केंद्रों से लाई गई मतपेटियाँ खोल दी गई हैं और गिनती की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी ने अपनी जीत को लेकर पूरा विश्वास जताया है।
सपा प्रत्याशी का दावा
मतगणना के दौरान मीडिया से बातचीत में संजयन त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक शिक्षकों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के लिए काम किया है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों का व्यापक समर्थन उनके साथ है और वह बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना जारी होने के कारण अभी सटीक आँकड़ा बता पाना संभव नहीं है, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में रहेगा।
पर्यवेक्षक की नियुक्ति पर सवाल
त्रिपाठी ने चुनाव में नियुक्त पर्यवेक्षक की पृष्ठभूमि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, कथित तौर पर पर्यवेक्षक के खिलाफ CBI की चार्जशीट दाखिल है और छापेमारी के दौरान उनके पास से करोड़ों रुपये बरामद होने के आरोप सामने आए थे। इस विवादित रिकॉर्ड को देखते हुए पर्यवेक्षक को हटाने की माँग को लेकर अभियान चलाया गया था।
सपा प्रत्याशी ने कहा कि चुनाव जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता अनिवार्य है। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदम स्वागत योग्य हैं।
मतगणना स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासनिक अधिकारियों ने मतगणना केंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। बिना वैध दस्तावेज़ के किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। आसपास के क्षेत्र में भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
आम जनता और समर्थकों की निगाहें परिणाम पर
गोरखपुर-फैजाबाद खंड के इस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक और शिक्षक संगठन अंतिम नतीजों की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में शिक्षक व स्नातक एमएलसी सीटों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही इस निर्वाचन क्षेत्र की पूरी चुनावी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।