14 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योगी का सपा पर हमला: 'माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले शिक्षकों के हितैषी नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योगी का सपा पर हमला: 'माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले शिक्षकों के हितैषी नहीं'

सारांश

वाराणसी के महासम्मेलन में CM योगी ने सपा को 'माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वाला' बताया और 1.60 लाख खाली शिक्षक पदों का हवाला दिया। जवाब में BJP ने 9.5 लाख नियुक्तियों और ₹10,000 करोड़ की पेंशन व्यवस्था का दावा किया — विधान परिषद चुनाव से पहले यह सीधी राजनीतिक जंग है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 14 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में शिक्षक व स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए BJP महासम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि 2017 से पहले बेसिक-माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद रिक्त थे और भर्ती आयोगों पर 'सैफई सिंडिकेट' का कब्जा था।
BJP सरकार ने साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने और अगले छह माह में एक लाख और नियुक्तियों का दावा किया।
शिक्षकों को ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा और ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ तक बीमा कवर दिए जाने की घोषणा की गई।
14 लाख कार्मिकों के पेंशन खाते खुलवाने के लिए ₹10,000 करोड़ की व्यवस्था; NPS अंशदान 10% से बढ़ाकर 14% किया गया।
राज्यसभा चुनाव में सपा के PDA दावे पर योगी का कटाक्ष — दोनों सीटें 'चाचा' रामगोपाल यादव और मुंबई के 'धन्नासेठ' को दिए जाने का आरोप।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि जो दल माफिया की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ता है, वह शिक्षकों और युवाओं के हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं है। यह आरोप उन्होंने शिक्षक व स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित करते हुए लगाए।

सपा पर माफिया-संरक्षण का आरोप

योगी ने कहा, 'जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है।' उन्होंने सपा की तुलना मगरमच्छ से करते हुए कहा कि उस पर भरोसा करना नदी पार कराने के लिए मगरमच्छ पर निर्भर होने जैसा है।

सपा नेताओं पर रंग बदलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने व्यंग्य किया कि 'इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है।'

सपा शासन में शिक्षा की दुर्दशा के दावे

योगी ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद रिक्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर 'सैफई सिंडिकेट' का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता था। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि 2005 से 2017 तक शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना की राशि जमा नहीं की गई और खाते तक नहीं खुले।

BJP सरकार की उपलब्धियों का दावा

योगी ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2017 के बाद साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए हैं और अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियाँ देने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ।

शिक्षकों के लिए सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों — स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित — को ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ तक का बीमा कवर भी दिया गया है।

पेंशन मसले पर उन्होंने बताया कि 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए ₹10,000 करोड़ की व्यवस्था की गई और नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान 10% से बढ़ाकर 14% किया गया।

PDA और राज्यसभा चुनाव पर निशाना

योगी ने हाल के राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में से आठ सीटें BJP को और दो सपा को मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात करने वाली सपा ने एक सीट 'चाचा' रामगोपाल यादव को और दूसरी मुंबई के 'धन्नासेठ' को दे दी। उन्होंने सवाल उठाया कि काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी सपा को क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने PDA को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पराया धन अपना' बताया।

स्टार्टअप और रोज़गार के आँकड़े

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24,000 से अधिक काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को रोजगार मिला है और 3 करोड़ से अधिक लोग रोजगार व स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं और सरकार का लक्ष्य 2 करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुँचाने का है।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी महासम्मेलन में कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने सपा प्रमुख की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा की ओर से कोई उत्तर नहीं आया। आगामी विधान परिषद चुनाव में यह महासम्मेलन BJP के लिए मतदाताओं को एकजुट करने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की सुनियोजित राजनीतिक स्थापना है। 'माफिया की कब्र' और 'सैफई सिंडिकेट' जैसे तीखे मुहावरे मतदाताओं में भावनात्मक प्रतिक्रिया जगाने के लिए हैं, न कि नीतिगत बहस के लिए। हालाँकि BJP के 9.5 लाख नियुक्तियों के दावे का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है — भर्ती घोटालों की कुछ शिकायतें भाजपा काल में भी दर्ज हुई हैं जिनकी अदालती सुनवाई जारी है। PDA पर कटाक्ष चतुर है, लेकिन असली प्रश्न यह है कि क्या शिक्षकों के वेतन, पदोन्नति और सेवा शर्तों पर ठोस कार्रवाई हुई — महासम्मेलन में यह विषय वादों की आड़ में कहीं दब गया।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने सपा पर 'माफिया की कब्र' वाला बयान क्यों दिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में शिक्षक विधान परिषद चुनाव की BJP रैली में सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, वे शिक्षकों के हितों की रक्षा नहीं कर सकते। यह बयान सपा के कथित माफिया-संरक्षण के उनके पुराने आरोपों की कड़ी में है।
UP में शिक्षक विधान परिषद चुनाव कब होंगे और BJP की क्या रणनीति है?
उत्तर प्रदेश में शिक्षक व स्नातक विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसके मद्देनज़र BJP ने वाराणसी में महासम्मेलन आयोजित किया। पार्टी शिक्षकों को दी गई सुविधाओं — स्वास्थ्य बीमा, पेंशन सुधार और भर्तियों — को अपनी उपलब्धि बताकर मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश कर रही है।
योगी सरकार ने शिक्षकों के लिए क्या-क्या सुविधाएँ दी हैं?
योगी सरकार के दावे के अनुसार, बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा दी गई है जिसमें स्ववित्तपोषित संस्थान भी शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ तक का बीमा कवर और 14 लाख कार्मिकों के लिए ₹10,000 करोड़ की NPS व्यवस्था की गई है।
सपा के PDA दावे पर योगी की क्या आपत्ति है?
योगी ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि सपा ने अपनी दो सीटें 'चाचा' रामगोपाल यादव और मुंबई के 'धन्नासेठ' को दीं, जबकि काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी नहीं बनाया गया। उन्होंने PDA को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताते हुए कथनी-करनी में अंतर का आरोप लगाया।
UP में युवाओं को रोज़गार देने के BJP के दावे क्या हैं?
मुख्यमंत्री के अनुसार 2017 से अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियाँ दी जाएँगी। निजी क्षेत्र में 65 लाख, और कुल मिलाकर 3 करोड़ से अधिक लोग रोजगार व स्वरोजगार से जुड़े बताए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 9 महीने पहले