26,000 बंद स्कूल फिर खुलेंगे, सपा सत्ता में आते ही: अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कार्यकाल में बंद किए गए 26,000 सरकारी स्कूलों को सपा की सरकार बनते ही पुनः खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में मुख्य रूप से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के बच्चे पढ़ते हैं, और सत्ता में आने पर इस समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार एवं हिस्सेदारी दी जाएगी।
शिक्षा पर सपा का रुख
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बचाना और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार में बड़ी संख्या में स्कूल बंद होने से गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर सीधा प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज की आबादी के अनुपात में उसे उचित प्रतिनिधित्व और संसाधन देना सपा की नीतिगत प्रतिबद्धता है।
योगी सरकार पर सीधा हमला
सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक लाख नौकरियाँ देने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास अब कितना समय शेष है, यह जनता जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं, और सपा सरकार बनने पर इन दोनों विभागों का ऑडिट कराया जाएगा ताकि विकास कार्यों के नाम पर हुए खर्च और कथित भ्रष्टाचार की परतें उघड़ सकें। प्रदेश की सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि जगह-जगह सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
कानून-व्यवस्था पर चिंता
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों के अपराधी और गैंग उत्तर प्रदेश में आकर खुलेआम वारदात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में 18-18 राउंड फायरिंग तक की घटनाएँ सामने आई हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के 'माफिया-मुक्त उत्तर प्रदेश' के दावों के बावजूद ज़मीनी हालात विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के बढ़ते हौसले इस बात का संकेत हैं कि उन्हें कहीं न कहीं सत्ता-संरक्षण मिलने का भरोसा है।
भ्रष्टाचार और अधिकारियों पर दबाव के आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और ईमानदार अधिकारी दबाव में काम करने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, कई अधिकारी सेवा छोड़ने की इच्छा जता चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP नेताओं की ओर से अधिकारियों पर जमीन कब्जाने और चंदा जुटाने जैसे कामों के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मंदिरों में आने वाले दान के धन में भी कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे लोगों को स्वीकार करने वाली नहीं है।
गठबंधन और सामाजिक समीकरण
सपा अध्यक्ष ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पर भी परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरदोई में अर्कवंशी समाज का कार्यक्रम सपा ने आयोजित किया था, लेकिन कुछ पुराने साथी अब उनके साथ नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा सभी समाजों को सम्मान और भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है और सत्ता में आने पर संबंधित समाजों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। यह बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के सामाजिक गठबंधन को विस्तार देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।