30 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: WHO ने जारी किए $1.5 लाख, 730 से अधिक मौतें; बागमती-गंडकी में भारी तबाही

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नेपाल बाढ़: WHO ने जारी किए $1.5 लाख, 730 से अधिक मौतें; बागमती-गंडकी में भारी तबाही

सारांश

नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ ने 730 से अधिक जानें ली हैं और 2,500 लोग लापता हैं। WHO ने $1,50,000 की आपातकालीन राशि और चिकित्सा सामग्री भेजी है। बागमती-गंडकी के छह जिलों में 10,000 परिवार बेघर हैं और रसुवा में चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।

मुख्य बातें

WHO ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय आपातकालीन कोष से 1,50,000 डॉलर जारी किए।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ में 730 से अधिक मौतें , करीब 2,500 लापता और 200 से अधिक घायल ।
26 अगस्त को बाढ़ आने के कुछ घंटों के भीतर WHO ने 10,000 लोगों के लिए 3 महीने की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम इमरजेंसी हेल्थ किट भेजी।
बागमती और गंडकी प्रांत के 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित; करीब 10,000 परिवारों को तत्काल राहत की जरूरत।
रसुवा में 4 स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट; धादिंग और त्रिशूली के अस्पतालों तक सड़क संपर्क टूटा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित समुदायों की तत्काल स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय स्वास्थ्य आपातकालीन कोष से 1,50,000 डॉलर की आपातकालीन राशि जारी की है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, इस बाढ़ में अब तक 730 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, करीब 2,500 लोग लापता हैं और 200 से अधिक घायल हैं — जिसे देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में से एक बताया जा रहा है।

WHO की त्वरित प्रतिक्रिया

बाढ़ आने के कुछ ही घंटों के भीतर WHO ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक चिकित्सा सामग्री भेज दी। इसमें एक इंटरएजेंसी इमरजेंसी हेल्थ किट शामिल थी, जो करीब 10,000 लोगों की 3 महीने तक की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम है। इसके साथ बहुउद्देश्यीय टेंट, सर्जिकल मास्क, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइज़र और अन्य चिकित्सा सामग्री भी भेजी गई।

WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी डॉ. नीलेश बुद्धा ने कहा, 'आपातकालीन फंड तत्काल प्राथमिकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। WHO राहत और रिकवरी प्रयासों के ज़रिए नेपाल का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।'

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र और तबाही का दायरा

बागमती और गंडकी प्रांत के छह जिलों में बाढ़ ने सर्वाधिक तबाही मचाई है। प्रभावित क्षेत्रों में करीब 10,000 परिवारों को तत्काल राहत की आवश्यकता है। बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को भी भारी क्षति पहुँची है। सबसे अधिक प्रभावित रसुवा जिले में चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि धादिंग में दो केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। सड़कें टूट जाने से धादिंग और त्रिशूली के दो अस्पतालों तक पहुँचना अत्यंत कठिन हो गया है।

स्वास्थ्य जोखिम और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

बाढ़ के बाद डूबने, चोट, डायरिया, श्वसन रोग, जल-जनित और खाद्य-जनित बीमारियों तथा मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है। WHO के अनुसार, अपनों को खोने, घर और रोज़गार छिनने के कारण प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

गौरतलब है कि नेपाल जैसे पहाड़ी देश में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ हर वर्ष होती हैं, लेकिन इस बार का पैमाना असाधारण रूप से बड़ा है।

आगे की राह

WHO, नेपाल सरकार और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली और आवश्यक सेवाओं को निरंतर बनाए रखने पर काम कर रहा है। 74 घायलों का उपचार जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य केंद्रों की शीघ्र मरम्मत और पहुँच मार्गों की बहाली इस संकट से उबरने की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

50,000 की राशि तत्काल राहत के लिए आवश्यक है, लेकिन 730 से अधिक मौतों और 10,000 बेघर परिवारों के पैमाने को देखते हुए यह रकम बेहद सीमित है। असली चिंता यह है कि रसुवा के चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और धादिंग-त्रिशूली के अस्पतालों तक सड़क संपर्क टूट गया है — यानी जिन्हें सबसे ज़्यादा मदद चाहिए, उन तक पहुँचना सबसे मुश्किल है। नेपाल में मानसूनी आपदाओं के बाद स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की भेद्यता हर साल उजागर होती है, फिर भी दीर्घकालिक लचीलापन निर्माण की बजाय प्रतिक्रियात्मक राहत पर ही निर्भरता बनी रहती है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ 2026 में WHO ने कितनी मदद दी?
WHO ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय स्वास्थ्य आपातकालीन कोष से 1,50,000 डॉलर की आपातकालीन राशि जारी की है। इसके साथ ही बाढ़ आने के कुछ घंटों के भीतर इमरजेंसी हेल्थ किट, टेंट और अन्य चिकित्सा सामग्री भी भेजी गई।
नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ में अब तक 730 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 2,500 लोग लापता हैं और 200 से अधिक घायल हैं, जिनमें से 74 का उपचार जारी है।
नेपाल में बाढ़ से कौन-से क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं?
बागमती और गंडकी प्रांत के छह जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं। रसुवा जिले में चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और धादिंग व त्रिशूली के अस्पतालों तक सड़क संपर्क टूट गया है।
बाढ़ के बाद नेपाल में कौन-सी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा है?
WHO के अनुसार, बाढ़ के बाद डायरिया, श्वसन रोग, जल-जनित और खाद्य-जनित बीमारियाँ तथा मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा अपनों को खोने और बेघर होने के कारण प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
WHO की इमरजेंसी हेल्थ किट से कितने लोगों को मदद मिलेगी?
WHO द्वारा भेजी गई इंटरएजेंसी इमरजेंसी हेल्थ किट करीब 10,000 लोगों की 3 महीने तक की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम है। इसके साथ सर्जिकल मास्क, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइज़र और बहुउद्देश्यीय टेंट भी भेजे गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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