नेपाल बाढ़: WHO ने जारी किए $1.5 लाख, 730 से अधिक मौतें; बागमती-गंडकी में भारी तबाही
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित समुदायों की तत्काल स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय स्वास्थ्य आपातकालीन कोष से 1,50,000 डॉलर की आपातकालीन राशि जारी की है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, इस बाढ़ में अब तक 730 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, करीब 2,500 लोग लापता हैं और 200 से अधिक घायल हैं — जिसे देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में से एक बताया जा रहा है।
WHO की त्वरित प्रतिक्रिया
बाढ़ आने के कुछ ही घंटों के भीतर WHO ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक चिकित्सा सामग्री भेज दी। इसमें एक इंटरएजेंसी इमरजेंसी हेल्थ किट शामिल थी, जो करीब 10,000 लोगों की 3 महीने तक की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम है। इसके साथ बहुउद्देश्यीय टेंट, सर्जिकल मास्क, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइज़र और अन्य चिकित्सा सामग्री भी भेजी गई।
WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी डॉ. नीलेश बुद्धा ने कहा, 'आपातकालीन फंड तत्काल प्राथमिकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। WHO राहत और रिकवरी प्रयासों के ज़रिए नेपाल का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र और तबाही का दायरा
बागमती और गंडकी प्रांत के छह जिलों में बाढ़ ने सर्वाधिक तबाही मचाई है। प्रभावित क्षेत्रों में करीब 10,000 परिवारों को तत्काल राहत की आवश्यकता है। बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को भी भारी क्षति पहुँची है। सबसे अधिक प्रभावित रसुवा जिले में चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि धादिंग में दो केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। सड़कें टूट जाने से धादिंग और त्रिशूली के दो अस्पतालों तक पहुँचना अत्यंत कठिन हो गया है।
स्वास्थ्य जोखिम और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
बाढ़ के बाद डूबने, चोट, डायरिया, श्वसन रोग, जल-जनित और खाद्य-जनित बीमारियों तथा मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है। WHO के अनुसार, अपनों को खोने, घर और रोज़गार छिनने के कारण प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
गौरतलब है कि नेपाल जैसे पहाड़ी देश में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ हर वर्ष होती हैं, लेकिन इस बार का पैमाना असाधारण रूप से बड़ा है।
आगे की राह
WHO, नेपाल सरकार और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली और आवश्यक सेवाओं को निरंतर बनाए रखने पर काम कर रहा है। 74 घायलों का उपचार जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य केंद्रों की शीघ्र मरम्मत और पहुँच मार्गों की बहाली इस संकट से उबरने की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।