अखिलेश यादव का BJP पर हमला: यूपी में 70 हजार स्कूल बंद, नौजवानों का भविष्य दांव पर
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार, 22 मई को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि BJP के दो कार्यकाल बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के समाप्ति की ओर हैं और सरकार ने भ्रष्टाचार के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। उनके अनुसार प्रदेश में लगभग 70 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं और हजारों विद्यालयों में नामांकन शून्य हो चुका है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण और वंचित तबके के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सपा प्रमुख ने चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को न दवाएँ मिल रही हैं और न ही समुचित उपचार, जिससे आम जनता भटकने को मजबूर है।
किसान, नौजवान और महिलाओं की उपेक्षा का आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की फसलों की लूट हो रही है, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और महिलाएँ उपेक्षा व अपमान का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
सपा अध्यक्ष ने BJP पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के अधिकारों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
BJP को 'गैंग' बताया, भूमाफिया को संरक्षण का आरोप
अखिलेश यादव ने BJP को 'चालाक और अहंकारी पार्टी' करार देते हुए कहा कि उसने लोकतंत्र को धोखा दिया है। उनके अनुसार BJP राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि एक गैंग की तरह काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP समर्थित लोग गरीबों और सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं तथा भूमाफिया को संरक्षण दिया जा रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव पर सपा की रणनीति
सपा प्रमुख ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की जनता के भविष्य का चुनाव होगा और BJP को दो दशकों का हिसाब देना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता BJP सरकार से नाराज है और इस बार वह उसका सफाया कर देगी।
कार्यकर्ताओं को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि BJP सपा को बदनाम करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाएगी, लेकिन पूरा पीडीए समाज सपा के साथ खड़ा है। उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण की रक्षा को 2027 चुनाव का केंद्रीय मुद्दा बताया।