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क्या भाजपा पीडीए वर्ग को सामाजिक-राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहती है? : अखिलेश यादव

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क्या भाजपा पीडीए वर्ग को सामाजिक-राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहती है? : अखिलेश यादव

सारांश

क्या भाजपा वास्तव में पीडीए वर्ग को कमजोर करने की योजना बना रही है? अखिलेश यादव का आरोप है कि भाजपा शिक्षा को हाशिए पर डालकर सामाजिक-राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करना चाहती है। जानिए इस मुद्दे पर उनकी पूरी प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने भाजपा पर पीडीए वर्ग के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया।
शिक्षा को नजरअंदाज करने से पीडीए वर्ग को नुकसान हो रहा है।
भाजपा के एजेंडे में मूलभूत चीजों की कमी है।
सरकार में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं।

लखनऊ, 2 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शिक्षा को हाशिए पर रखकर सामाजिक-राजनीतिक रूप से पीडीए वर्ग को कमजोर करना चाहती है।

अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार स्कूलों को बंद कर न केवल शिक्षा से पीडीए समाज को वंचित करना चाहती है, बल्कि बूथ व्यवस्था को प्रभावित करके उन्हें मतदान से भी रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक, मानसिक और राजनीतिक साजिश है, जिसे समाजवादी पार्टी सफल नहीं होने देगी। पार्टी का ‘पीडीए पाठशाला’ अभियान जारी रहेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उसके एजेंडे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार जैसी मूलभूत चीजें शामिल नहीं हैं। प्रदेश में छात्र और शिक्षक सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। परीक्षार्थी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकताओं में ये नहीं हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और भर्तियों में अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार में युवाओं का शोषण चरम पर है और बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है कि नौजवान डिलीवरी बॉय बनने को मजबूर हैं।

शिक्षा विभाग में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं और सरकार स्कूलों को बंद कर पदों को समाप्त करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से सरकारी नौकरियों में आरक्षण को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।

उन्होंने कहा, “युवाओं के साथ धोखा हुआ है। हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा जुमला साबित हुआ। सचमुच इस सरकार ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है।”

इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि लाखों नौकरियों के दावों के बावजूद प्रदेश के किसी जिले में कोई नया कारखाना या कंपनी जमीन पर दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि जब तक यह सरकार सत्ता में है, तब तक रोजगार की उम्मीद करना व्यर्थ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस मुद्दे पर निष्पक्ष दृष्टिकोण आवश्यक है। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों के दृष्टिकोण महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दे हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी राजनीतिक दल के लिए सामाजिक साक्षरता और आर्थिक विकास को ध्यान में रखना अनिवार्य है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने पीडीए वर्ग के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
भाजपा पर आरोप है कि वह शिक्षा को हाशिए पर रखकर पीडीए वर्ग को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने किस मुद्दे पर भाजपा को घेरा?
आचार्य ने भाजपा की डबल इंजन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, खासकर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर।
क्या सरकार युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है?
अखिलेश यादव का कहना है कि सरकार ने युवाओं के साथ धोखा किया है और रोजगार के अवसरों का वादा किया था।
राष्ट्र प्रेस
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