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अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- ‘प्रदेश को विकास नहीं, बदनामी मिली’

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अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- ‘प्रदेश को विकास नहीं, बदनामी मिली’

सारांश

अखिलेश यादव ने लखनऊ में मोर्चा खोलते हुए योगी सरकार पर भ्रष्टाचार, बदहाल सड़कों, पर्यटन उद्योग की सुस्ती और पेपर लीक जैसे आरोपों की झड़ी लगा दी। आगरा का जिक्र कर उन्होंने प्रदेश की छवि पर सवाल उठाए और साफ संकेत दिया कि 2027 का विधानसभा चुनाव शिक्षा, रोजगार और निवेश के मुद्दों पर लड़ा जाएगा।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 3 जून को लखनऊ में योगी सरकार पर ‘प्रदेश को बदनामी देने’ का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और लूट व्याप्त होने का दावा किया।
आगरा का हवाला देते हुए कहा- खराब सड़कें और बुनियादी सुविधाएँ प्रदेश की छवि पर सवाल खड़े कर रही हैं।
पर्यटन, पेठा, जूता और हस्तशिल्प उद्योग पर आर्थिक सुस्ती के असर का दावा।
शिक्षा, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाएँ और रोजगार बनेंगे 2027 विधानसभा चुनाव के मुख्य मुद्दे।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार, 3 जून को लखनऊ में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश को विकास के बजाय ‘बदनामी’ मिली है और प्रदेश के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार तथा अव्यवस्था व्याप्त है। उन्होंने दावा किया कि सड़क, शिक्षा, रोजगार और निवेश जैसे मुद्दे 2027 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

मुख्य आरोप

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के कई विभागों में ‘भ्रष्टाचार और लूट’ का माहौल है, जिसका सीधा असर प्रदेश की छवि पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, बदहाल बुनियादी सुविधाएँ और प्रशासनिक ढिलाई निवेश के माहौल को भी प्रभावित कर रही हैं।

आगरा और पर्यटन उद्योग का हवाला

अखिलेश ने विशेष रूप से आगरा का उल्लेख किया और कहा कि दुनिया भर से आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर प्रभावित होते हैं, लेकिन ‘खराब सड़कें और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति’ प्रदेश की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन, होटल, गाइड, टैक्सी, टूर ऑपरेटर, हस्तशिल्प, पेठा और जूता उद्योग जैसे क्षेत्रों पर आर्थिक सुस्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है।

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

सपा प्रमुख ने शिक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े निर्माण या प्रशासनिक स्तर पर कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों और विभागों की भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘केवल शिक्षकों या संस्थानों पर कार्रवाई करना समस्या का समाधान नहीं है।’

उन्होंने सरकारी स्कूलों, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी कर रही है।

2027 चुनाव पर निशाना

अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढाँचे और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनचर्चा हो रही है और जनता आने वाले समय में इन्हीं सवालों के आधार पर राजनीतिक निर्णय लेगी। गौरतलब है कि सपा पिछले कुछ महीनों से लगातार शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं को लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर है, और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी इन्हीं मुद्दों को अपने प्रचार अभियान का केंद्र बनाती दिख रही है।

आगे क्या

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सपा का यह तेवर संकेत देता है कि विपक्ष आने वाले महीनों में पर्यटन क्षेत्र की मंदी, पेपर लीक और स्थानीय बुनियादी ढाँचे की कमी जैसे मुद्दों को लगातार उठाएगा। सरकार की ओर से इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के लिए सपा की चुनावी रूपरेखा का संकेत है- शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार को केंद्र में रखना, और हिंदुत्व-केंद्रित बहस से ध्यान हटाना। दिलचस्प है कि सपा ने इस बार ‘कानून-व्यवस्था’ पर सीधे हमले के बजाय आर्थिक सुस्ती और पर्यटन को मुद्दा बनाया है, जो उसके पारंपरिक नैरेटिव से शिफ्ट है। हालाँकि असली परीक्षा यह होगी कि क्या पार्टी इन आरोपों को आँकड़ों और ज़मीनी आंदोलन के साथ मज़बूती से जोड़ पाती है, क्योंकि 2022 में भी इसी तरह के मुद्दे उठाने के बावजूद सपा वोट प्रतिशत बढ़ाने के बावजूद सत्ता से दूर रही थी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 3 जून को लखनऊ में योगी सरकार पर भ्रष्टाचार, बदहाल बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश को विकास के बजाय ‘बदनामी’ दी है और विभागों में लूट व्याप्त है।
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा कौन-से मुद्दे उठाएगी?
अखिलेश के अनुसार, सड़क, शिक्षा, रोजगार और निवेश जैसे मुद्दे 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रमुख विषय बनेंगे। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और पर्यटन उद्योग की सुस्ती भी सपा के चुनावी एजेंडे के केंद्र में रहेंगे।
अखिलेश यादव ने आगरा का जिक्र क्यों किया?
अखिलेश ने आगरा का उल्लेख यह बताने के लिए किया कि दुनिया भर के पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरों से प्रभावित होते हैं, लेकिन खराब सड़कें और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली प्रदेश की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने पेठा, जूता उद्योग और टूर ऑपरेटरों पर आर्थिक सुस्ती के असर को भी रेखांकित किया।
पेपर लीक पर अखिलेश यादव का क्या रुख है?
अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं की जवाबदेही केवल शिक्षकों या संस्थानों पर नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों और विभागों पर भी तय की जानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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