31 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव का योगी सरकार पर प्रहार: 'एआई से बदनामी की साजिश, भ्रष्टाचार में डूबा यूपी'

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अखिलेश यादव का योगी सरकार पर प्रहार: 'एआई से बदनामी की साजिश, भ्रष्टाचार में डूबा यूपी'

सारांश

अखिलेश यादव ने लखनऊ में योगी सरकार पर चौतरफा हमला बोला — एआई से बदनामी, PWD भ्रष्टाचार, स्कूल बंदी और कुंभ पर ₹1 लाख करोड़ खर्च के सवाल। 2027 चुनाव से पहले सपा ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 31 अगस्त को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ सरकार पर एआई से विपक्ष को बदनाम करने का आरोप लगाया।
सपा ने मुख्यमंत्री योगी से संबंधित एक एआई वीडियो प्रदर्शित कर पलटवार किया।
अखिलेश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और PWD में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
कुंभ आयोजन पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक खर्च के बावजूद विकास के अनुरूप लाभ न मिलने का सवाल उठाया।
SIR के बाद BJP और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से दोबारा पुनरीक्षण की साजिश का आरोप।
सपा के सभी जिला अध्यक्ष अगले दो सप्ताह में जनता के बीच सरकार के कथित कारनामों को उजागर करेंगे।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार, 31 अगस्त को लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के ज़रिए विपक्षी नेताओं को बदनाम करने वाले वीडियो तैयार करवा रही है और साथ ही प्रदेश में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की बदहाली तथा स्कूलों को बंद किए जाने जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

एआई विवाद: सपा का पलटवार

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को 'बच्चों के खेल' बंद करने चाहिए और विपक्ष को घेरने के लिए एआई का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने दावा किया, 'एआई में हम उनसे काफी आगे हैं।' इसी दौरान सपा की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित एक एआई-निर्मित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसके माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों को उठाया गया। यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने एआई के ज़रिए समाजवादी पार्टी को घेरने की कोशिश जारी रखी, तो पार्टी इस मोर्चे पर सरकार को पीछे छोड़ देगी।

भ्रष्टाचार और बुनियादी ढाँचे पर सवाल

सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय 'अब तक की सबसे ज़्यादा भ्रष्ट सरकार' काबिज़ है और पूरा प्रदेश भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस परियोजना को सरकार की उपलब्धि बताया जा रहा था, उसमें गड्ढों की शिकायतें सामने आ रही हैं। यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए एक अन्य एक्सप्रेसवे में भी गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

कुंभ खर्च और विकास का सवाल

अखिलेश यादव ने प्रयागराज में कुंभ के आयोजन पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक खर्च का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि व्यय होने के बावजूद प्रदेश को अनुरूप विकास का लाभ कितना मिला। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।

मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग पर निशाना

सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और निर्वाचन आयोग (ECI) पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि SIR के बाद BJP, निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर दोबारा पुनरीक्षण कराने की साजिश कर सकती है, जो कि स्थापित नियमों के विरुद्ध होगा। अखिलेश ने घोषणा की कि सपा इस मुद्दे पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करेगी।

संगठन विस्तार और आगे की रणनीति

अखिलेश यादव ने बताया कि पार्टी के सभी जिला अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारी अगले दो सप्ताह में मीडिया के माध्यम से BJP के कथित भ्रष्टाचार, पीडीए वर्ग के साथ कथित अपमान और जिला स्तर पर होने वाले अन्याय को जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सपा बंद किए गए स्कूलों में जाकर कार्यक्रम आयोजित करेगी। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि यदि BJP उन्हें 61 सीटें देती है तभी उनका सम्मान होगा, अन्यथा इसे अपमान माना जाएगा। गौरतलब है कि यह यूपी चुनाव से पहले सपा की आक्रामक राजनीतिक तैयारी का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारतीय विपक्षी दलों में अब तक दुर्लभ रही है। हालाँकि PWD भ्रष्टाचार और एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता जैसे आरोप तब तक सीमित असर रखते हैं जब तक इन्हें ऑडिट रिपोर्ट या न्यायिक जाँच के ठोस साक्ष्यों से नहीं जोड़ा जाता। SIR पर निर्वाचन आयोग को निशाना बनाना एक जोखिम भरा दाँव है जो संस्थागत विश्वसनीयता के सवाल उठाता है, पर बिना प्रमाण के यह आरोप राजनीतिक शोर तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर एआई को लेकर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि योगी सरकार विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से वीडियो तैयार करवाकर प्रसारित कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि सपा इस मोर्चे पर सरकार से आगे है और ज़रूरत पड़ने पर उसे पीछे छोड़ देगी।
अखिलेश ने कुंभ खर्च पर क्या सवाल उठाए?
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज में कुंभ आयोजन पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक खर्च होने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि उत्तर प्रदेश को इसके अनुरूप विकास का लाभ कितना मिला। उनका आरोप था कि यह राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।
सपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर क्या आपत्ति जताई?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि SIR के बाद BJP, निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर दोबारा पुनरीक्षण कराने की साजिश कर सकती है, जो स्थापित नियमों के विरुद्ध होगा। सपा ने इस मुद्दे पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की घोषणा की है।
अखिलेश यादव ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर क्या कहा?
अखिलेश ने कहा कि जिस कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सरकार की उपलब्धि बताया जा रहा था, उसमें गड्ढों की शिकायतें आ रही हैं और डिज़ाइन में गड़बड़ी की बात सामने आई है। उन्होंने PWD में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए एक अन्य एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
2027 विधानसभा चुनाव के लिए सपा की क्या तैयारी है?
सपा ने बूथ स्तर तक संगठन को मज़बूत करने और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार के विस्तार का संकल्प लिया है। पार्टी के सभी जिला अध्यक्ष अगले दो सप्ताह में मीडिया के ज़रिए BJP के कथित भ्रष्टाचार और जिला स्तर के अन्याय को जनता के सामने रखेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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