अंकित बालियान हत्याकांड: दो शूटर्स के एनकाउंटर पर BJP ने कहा — जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में दो मुख्य शूटर्स के पुलिस एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल गरम हो गया है। 31 अगस्त को प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने इस कार्रवाई को राज्य की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। वहीं, एनकाउंटर की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को BJP नेताओं ने यह कहकर खारिज किया कि मजिस्ट्रेट जांच का प्रावधान पहले से ही कानून में मौजूद है।
मंत्री राजभर का विपक्ष पर हमला
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राज्य और देश में कानून का राज है और कोई भी अपराधी अपराध करने के बाद बच नहीं सकता। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अंकित बालियान हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस की कार्रवाई सार्वजनिक हो चुकी है, अब अखिलेश यादव को इस पर जवाब देना चाहिए।
राजभर ने इसी क्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना अरशद मदनी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मदनी ऐसे राजनीतिक दलों से जुड़ते हैं जो नफरत की राजनीति करते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का नाम लेते हुए दावा किया कि ये दल मुसलमानों के बीच नफरत की बात करते हैं।
मंत्री निषाद बोले — सरकार की प्राथमिकता न्याय
यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि राज्य सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी अपराध की जांच में समय लग सकता है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता यह है कि पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिले।
निषाद ने विपक्ष पर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में पुलिस कार्रवाई के नाम पर आम लोगों पर गोलियां चलाई जाती थीं।
BJP सांसद बृज लाल का STF को समर्थन
BJP सांसद बृज लाल ने एनकाउंटर का समर्थन करते हुए कहा कि अंकित बालियान एक उभरते हुए कलाकार थे जिनकी बेरहमी से हत्या की गई थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ (STF) की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुष्टि की कि दोनों मुख्य शूटर मारे जा चुके हैं।
एनकाउंटर की जांच की मांग पर बृज लाल ने कहा कि प्रत्येक पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच लंबे समय से होती आ रही है — यह कोई नई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब अंकित बालियान की हत्या हुई थी, तब मामले को जाति और राजनीति से जोड़ा गया, लेकिन अब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विपक्ष की स्थिति और आगे की राह
गौरतलब है कि एनकाउंटर के बाद विपक्षी दलों ने पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू होने पर इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।