31 अगस्त 2026
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अंकित बालियान हत्याकांड: दो शूटर्स के एनकाउंटर पर BJP ने कहा — जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

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अंकित बालियान हत्याकांड: दो शूटर्स के एनकाउंटर पर BJP ने कहा — जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

सारांश

हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के दो मुख्य शूटर्स के एनकाउंटर के बाद यूपी में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। BJP मंत्रियों ने इसे जीरो टॉलरेंस नीति की जीत बताया, जबकि विपक्ष ने पारदर्शी जांच की मांग की है।

मुख्य बातें

हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के दो मुख्य शूटर्स को उत्तर प्रदेश पुलिस और STF ने एनकाउंटर में मार गिराया।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कार्रवाई को जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया और अखिलेश यादव पर मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित को जल्द न्याय दिलाना है; विपक्ष पर दोहरे मानदंड का आरोप।
BJP सांसद बृज लाल ने स्पष्ट किया कि हर पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच का प्रावधान पहले से कानून में है।
विपक्षी दलों ने एनकाउंटर की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में दो मुख्य शूटर्स के पुलिस एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल गरम हो गया है। 31 अगस्त को प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने इस कार्रवाई को राज्य की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। वहीं, एनकाउंटर की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को BJP नेताओं ने यह कहकर खारिज किया कि मजिस्ट्रेट जांच का प्रावधान पहले से ही कानून में मौजूद है।

मंत्री राजभर का विपक्ष पर हमला

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राज्य और देश में कानून का राज है और कोई भी अपराधी अपराध करने के बाद बच नहीं सकता। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अंकित बालियान हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस की कार्रवाई सार्वजनिक हो चुकी है, अब अखिलेश यादव को इस पर जवाब देना चाहिए।

राजभर ने इसी क्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना अरशद मदनी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मदनी ऐसे राजनीतिक दलों से जुड़ते हैं जो नफरत की राजनीति करते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का नाम लेते हुए दावा किया कि ये दल मुसलमानों के बीच नफरत की बात करते हैं।

मंत्री निषाद बोले — सरकार की प्राथमिकता न्याय

यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि राज्य सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी अपराध की जांच में समय लग सकता है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता यह है कि पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिले।

निषाद ने विपक्ष पर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में पुलिस कार्रवाई के नाम पर आम लोगों पर गोलियां चलाई जाती थीं।

BJP सांसद बृज लाल का STF को समर्थन

BJP सांसद बृज लाल ने एनकाउंटर का समर्थन करते हुए कहा कि अंकित बालियान एक उभरते हुए कलाकार थे जिनकी बेरहमी से हत्या की गई थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ (STF) की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुष्टि की कि दोनों मुख्य शूटर मारे जा चुके हैं।

एनकाउंटर की जांच की मांग पर बृज लाल ने कहा कि प्रत्येक पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच लंबे समय से होती आ रही है — यह कोई नई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब अंकित बालियान की हत्या हुई थी, तब मामले को जाति और राजनीति से जोड़ा गया, लेकिन अब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष की स्थिति और आगे की राह

गौरतलब है कि एनकाउंटर के बाद विपक्षी दलों ने पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू होने पर इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मजिस्ट्रेट जांच का हवाला देना तब तक पर्याप्त नहीं जब तक वह जांच समयबद्ध और सार्वजनिक न हो। अंकित बालियान जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्व की हत्या और उसके बाद का एनकाउंटर — दोनों घटनाएं जवाबदेही की मांग करती हैं, न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी की। विपक्ष का दोहरे रवैये का आरोप भी तब तक खोखला है जब तक वह ठोस वैकल्पिक तथ्य न प्रस्तुत करे। असली सवाल यह है कि मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट कब और किस रूप में सार्वजनिक होगी।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकित बालियान हत्याकांड में एनकाउंटर क्या हुआ?
हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और STF ने दो मुख्य शूटर्स को एनकाउंटर में मार गिराया। यह कार्रवाई 31 अगस्त 2026 के आसपास की घटनाओं के बाद सामने आई।
BJP नेताओं ने एनकाउंटर को सही क्यों ठहराया?
BJP मंत्रियों ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद तथा सांसद बृज लाल ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच का प्रावधान पहले से कानून में है।
एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच क्या होती है?
भारत में हर पुलिस एनकाउंटर के बाद एक स्वतंत्र मजिस्ट्रेट द्वारा जांच का प्रावधान है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हुई या नहीं। BJP सांसद बृज लाल ने इसी प्रावधान का हवाला देते हुए एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों को खारिज किया।
विपक्ष ने एनकाउंटर पर क्या रुख अपनाया?
विपक्षी दलों ने एनकाउंटर की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। BJP नेताओं ने विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हत्या के समय मामले को जाति और राजनीति से जोड़ा गया था, और अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अंकित बालियान कौन थे?
अंकित बालियान एक उभरते हरियाणवी गायक और अभिनेता थे, जिनकी हत्या ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा किया। BJP सांसद बृज लाल ने उन्हें 'उभरता कलाकार' बताते हुए उनकी हत्या को बेरहमी का कृत्य कहा।
राष्ट्र प्रेस
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