शामली एनकाउंटर पर SP सांसद अवधेश प्रसाद की मांग — निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच हो
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 31 अगस्त को हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड के दो मुख्य शूटरों के शामली एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों में यह मुठभेड़ हुई, वे जांच का विषय हैं।
एनकाउंटर की पृष्ठभूमि
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, अंकित बालियान हत्याकांड के दोनों शूटर — सुमित और मोहित — सोमवार सुबह बाइक से शामली से सोनीपत (हरियाणा) की ओर भाग रहे थे। मुखबिर की सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें घेरा, जिसके बाद शूटरों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए।
अवधेश प्रसाद की कानूनी दलील
अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत गंभीर से गंभीर अपराध में दोषी पाए जाने पर भी कानून के अनुसार सजा का प्रावधान है — उम्रकैद से लेकर मृत्युदंड तक। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे में एनकाउंटर की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
युवाओं और संवैधानिक अधिकारों पर चिंता
प्रसाद ने देश में युवाओं की स्थिति और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसी देश की असली दौलत सोना-चांदी या हीरे नहीं, बल्कि वहाँ के लोग — विशेषकर युवा — होते हैं। उनके अनुसार, विश्वगुरु बनने की आकांक्षा से पहले सभी नागरिकों के संवैधानिक हक सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
नेपाल बाढ़ और भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया
नेपाल में आई अचानक बाढ़ से हुई तबाही पर प्रसाद ने भारत सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेपाल में फंसे या लापता सैकड़ों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम एकता संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान और उसकी प्रस्तावना में सभी नागरिकों के अधिकार और सम्मान पहले से ही स्पष्ट रूप से सुनिश्चित किए गए हैं।
आगे क्या
यह मामला ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर की न्यायिक समीक्षा की माँग विपक्षी दलों की ओर से लगातार उठती रही है। अवधेश प्रसाद की माँग के बाद देखना होगा कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाते हैं।