गायक अंकित बालियान हत्याकांड: पूर्व मंत्री संजीव बालियान ने परिवार से मिलकर एनकाउंटर की मांग का समर्थन किया
सारांश
मुख्य बातें
शामली में गायक अंकित बालियान की निर्मम हत्या के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने 27 अगस्त 2026 को दिवंगत कलाकार के आवास पर पहुँचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की माँग करते हुए चेतावनी दी कि ढिलाई बरती गई तो जनता का रोष प्रशासन को झेलना पड़ेगा।
मुख्य घटनाक्रम
अंकित बालियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए लोकप्रिय लोक गायक थे। उनकी हत्या शहर के बीचोबीच शाम के समय की गई, और कथित तौर पर घटनास्थल पर समय पर पुलिस नहीं पहुँची। गोगा गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, हालाँकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की है।
संजीव बालियान की प्रतिक्रिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि इस मामले में सिद्धू मूसेवाला के प्रकरण जैसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से इस विषय पर बात करेंगे और स्थानीय पुलिस-प्रशासन से भी जवाब माँगेंगे।
बालियान ने घटना के पीछे की वजह पर टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा, 'इसका जवाब पुलिस जाँच में ही मिलेगा। आरोपियों की पहचान कर उन्हें कठोर सजा दिलाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।'
परिवार की पीड़ा और माँग
अंकित बालियान के पिता ने बताया कि पुलिस ने उनसे चार दिन माँगे थे, परिवार ने पाँच दिन दिए, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने गोगा गैंग के दावे को 'बकवास' करार देते हुए कहा, 'मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं था, वो एक कलाकार था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने कदम नहीं उठाए तो कानून-व्यवस्था पर से उनका भरोसा उठ जाएगा।
अंकित की माँ ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों का एनकाउंटर करने की माँग की है। पिता ने भी इस माँग का समर्थन करते हुए कहा कि वे भी आरोपियों का एनकाउंटर चाहते हैं।
आम जनता पर असर
गायक की हत्या से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक आक्रोश है। स्थानीय लोगों का मानना है कि शाम के वक्त शहर के बीच में इस तरह की घटना कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जा रही थीं।
क्या होगा आगे
पुलिस जाँच जारी है और आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। संजीव बालियान ने संकेत दिया है कि यदि कार्रवाई में देरी हुई तो जन आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनीतिक दबाव और जनाक्रोश दोनों प्रशासन पर बढ़ते जा रहे हैं।