क्या अंकिता भंडारी प्रकरण से पूरा उत्तराखंड दुखी है? मंत्री गणेश जोशी
सारांश
Key Takeaways
- अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार गंभीर है।
- मंत्री गणेश जोशी ने सीबीआई जांच के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है।
- राजनीतिक लाभ की संभावनाएँ चिंता का विषय हैं।
देहरादून, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड सरकार में मंत्री गणेश जोशी ने अंकिता भंडारी प्रकरण को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में उत्तराखंड का हर व्यक्ति अंकिता भंडारी के साथ जो कुछ हुआ, उससे दुखी है। हम अंकिता भंडारी के परिवार के साथ हैं।
उन्होंने सोमवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि पहले अंकिता भंडारी प्रकरण की एसआईटी जांच की गई, लेकिन यदि कोई इस मामले की सीबीआई जांच कराना चाहता है, तो हम इसके लिए तैयार हैं। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है। हमारी तरफ से जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा, लेकिन हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि कौन लोग इस मामले के जरिए राजनीतिक लाभ अर्जित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अंकिता भंडारी का जिक्र करते हुए कहा कि पहाड़ की बेटी के लिए न्याय का मार्ग प्रशस्त हो। अंकिता भंडारी मामले को लेकर हरीश रावत कांग्रेस के पांच नेताओं के साथ मिलकर सीएम हाउस का घेराव करने जाते हैं तो इससे यह साफ जाहिर होता है कि इनका मकसद अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना नहीं है, बल्कि इसके आड़ में राजनीतिक लाभ अर्जित करना है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों के हितों पर अगर किसी भी प्रकार की आंच आएगी तो उसे हमारी सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। हमारी सरकार बेटियों के साथ खड़ी थी। आपने देखा ही होगा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में किस तरह से त्वरित कार्रवाई की गई।
वहीं, उन्होंने उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्या के पति द्वारा बिहार की बेटियों के संबंध में की गई अमर्यादित टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक निंदनीय बयान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हर व्यक्ति को मातृ शक्ति का सम्मान करना चाहिए। इस विषय पर अध्यक्ष की तरफ से स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।