राजनाथ सिंह 1 सितंबर को करेंगे 16 डिफेंस पीएसयू की वार्षिक समीक्षा, ₹1.29 लाख करोड़ का कारोबार
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 सितंबर को नई दिल्ली में सभी 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) के वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन की वार्षिक समीक्षा करेंगे। इस बैठक में स्वदेशी तकनीक के विकास, आत्मनिर्भरता और रक्षा निर्यात विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष डीपीएसयू का संयुक्त कारोबार ₹1.29 लाख करोड़ रहा — जो पिछले वित्त वर्ष से 15.4 प्रतिशत अधिक है।
मुख्य घटनाक्रम
समीक्षा बैठक के दौरान 7 डिफेंस पीएसयू के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी पर वित्त वर्ष 2025-26 के लाभांश के चेक सीधे रक्षा मंत्री को सौंपेंगे। इन उपक्रमों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE), बीईएमएल (BEML) और मिधानी (MIDHANI) शामिल हैं।
वित्तीय प्रदर्शन: उल्लेखनीय उछाल
रक्षा मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सभी 16 डीपीएसयू का कुल कर-पश्चात लाभ ₹23,136 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15.6 प्रतिशत अधिक है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब इन उपक्रमों ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है, जो रक्षा उत्पादन में सरकारी निवेश की बढ़ती प्रतिफल को दर्शाता है।
गौरतलब है कि यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद डीपीएसयू का प्रदर्शन सुधरना नीतिगत सुधारों की सफलता का संकेत माना जा रहा है।
रक्षा निर्यात में ऐतिहासिक उछाल
सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि रक्षा निर्यात के मोर्चे पर रही। वित्त वर्ष 2025-26 में डीपीएसयू के रक्षा निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 151.2 प्रतिशत की असाधारण बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह वृद्धि भारत की उस महत्वाकांक्षा को बल देती है जिसमें देश को केवल रक्षा आयातक नहीं, बल्कि वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' नीति की व्यावहारिक सफलता का प्रमाण है।
पुस्तक विमोचन और युवा जुड़ाव
समीक्षा बैठक के अवसर पर राजनाथ सिंह डीपीएसयू से संबंधित चार पुस्तकों का विमोचन भी करेंगे। इनमें 'आत्मनिर्भर डीपीएसयू' — रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों की आत्मनिर्भरता की यात्रा, और 'दिशा' — छात्रों को रक्षा तकनीक व आधुनिक विनिर्माण की व्यावहारिक जानकारी देने की पहल शामिल हैं। इसके अलावा HAL का आधुनिकीकरण रोडमैप और स्वदेशीकरण रोडमैप पर दो अलग पुस्तकें भी जारी की जाएंगी। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को रक्षा तकनीक से जोड़ना और स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को और सुदृढ़ करना है।
आगे की राह
वार्षिक समीक्षा में नई स्वदेशी तकनीकों के विकास, उत्पादन क्षमता विस्तार, आधुनिकीकरण और निर्यात रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत सरकार 2029 तक रक्षा उत्पादन को ₹3 लाख करोड़ तक ले जाने और निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। डीपीएसयू का मौजूदा प्रदर्शन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।