31 अगस्त 2026
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जम्मू में रिटायर्ड नायब सूबेदार की चाइनीज माझे से गला कटकर मौत, प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी

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जम्मू में रिटायर्ड नायब सूबेदार की चाइनीज माझे से गला कटकर मौत, प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी

सारांश

जम्मू में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज माझे ने एक रिटायर्ड नायब सूबेदार की जान ले ली। बाइक पर घर लौट रहे लखविंदर सिंह के गले में डोर आ गई। यह हादसा प्रतिबंध के खोखले क्रियान्वयन की कड़वी सच्चाई उजागर करता है।

मुख्य बातें

सेवानिवृत्त नायब सूबेदार लखविंदर सिंह की 31 अगस्त 2026 को जम्मू के रिंग रोड के पास चाइनीज माझे से गला कटने के कारण मौत हो गई।
वे बारी ब्राह्मणा की औद्योगिक इकाई में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने के बाद आरएसपुरा स्थित घर लौट रहे थे।
चाइनीज माझे की बिक्री और उपयोग पर जम्मू-कश्मीर में पहले से प्रतिबंध है; हाल ही में कई दुकानदार गिरफ्तार भी हो चुके हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दोषियों की पहचान के लिए जाँच शुरू की है।
स्थानीय निवासी प्रतिबंधित धागे के विक्रेताओं के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

जम्मू के रिंग रोड के पास 31 अगस्त 2026 की देर शाम एक दर्दनाक हादसे में सेवानिवृत्त नायब सूबेदार लखविंदर सिंह की चाइनीज माझे की धारदार डोर से गला कट जाने के कारण मौत हो गई। वे बाइक पर सवार होकर बारी ब्राह्मणा स्थित अपनी कार्यस्थल से आरएसपुरा में अपने घर लौट रहे थे, जब यह हादसा हुआ।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

अधिकारियों के अनुसार, लखविंदर सिंह बिश्नाह इलाके से बाइक पर निकले थे और बारी ब्राह्मणा की एक औद्योगिक इकाई में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे। रास्ते में चाइनीज माझे की डोर उनके गले में आ गई, जिससे गहरा घाव हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी

उल्लेखनीय है कि अधिकारियों ने चाइनीज माझे की बिक्री और उपयोग पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है। हाल के हफ्तों में जम्मू भर में कई दुकानदारों को इस प्रतिबंधित सामग्री का अवैध कारोबार करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है। इसके बावजूद यह घातक हादसा यह सवाल उठाता है कि प्रतिबंध का क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहा है। स्थानीय निवासी अब प्रतिबंधित धागे के विक्रेताओं और उपयोगकर्ताओं के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने के लिए जाँच जारी है। यह घटना एक ऐसे समय में सामने आई है जब प्रशासन पहले से ही इस प्रतिबंधित धागे के खिलाफ अभियान चला रहा है।

पूर्व सैनिकों की सुरक्षा और कल्याण

जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्थानीय पुलिस और जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के समन्वय से केंद्रशासित प्रदेश में 4,000 पूर्व सैनिक स्वयंसेवकों की तैनाती को मंजूरी दी है, जो गैर-लड़ाकू स्थिर सुरक्षा कर्तव्यों और बिजली स्टेशनों तथा पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की रक्षा में सहयोग देंगे। जम्मू जिले में पूर्व सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (ZSWO), जम्मू द्वारा कल्याण, दस्तावेज़ीकरण और पुनर्रोजगार संबंधी सहायता प्रदान की जाती है।

आगे क्या होगा

इस हादसे के बाद चाइनीज माझे के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है। पूर्व सैनिकों के संगठन और स्थानीय निवासी मिलकर प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं कि प्रतिबंध को कागज़ों से निकालकर ज़मीन पर उतारा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएँ न दोहराई जाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रतिबंध और उसके क्रियान्वयन के बीच की खाई का दुखद प्रमाण है। चाइनीज माझे पर प्रतिबंध के बावजूद जब एक सेवानिवृत्त सैनिक — जो देश की सेवा कर चुके हों — की आम सड़क पर इस तरह जान जाती है, तो यह प्रशासनिक विफलता का संकेत है। गिरफ्तारियाँ होती हैं, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला नहीं टूटती — यही असली समस्या है। जब तक प्रतिबंध को केवल छापेमारी तक सीमित रखा जाएगा और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचने की कोशिश नहीं होगी, तब तक ऐसी मौतें रुकने वाली नहीं।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू में चाइनीज माझे से किसकी मौत हुई?
सेवानिवृत्त नायब सूबेदार लखविंदर सिंह की 31 अगस्त 2026 को जम्मू के रिंग रोड के पास बाइक चलाते समय चाइनीज माझे की डोर से गला कट जाने के कारण मौत हो गई। वे बारी ब्राह्मणा की एक औद्योगिक इकाई में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे।
चाइनीज माझा क्या होता है और यह खतरनाक क्यों है?
चाइनीज माझा पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक सिंथेटिक या काँच-लेपित धागा है जो अत्यंत धारदार होता है। यह बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसीलिए भारत में इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
क्या जम्मू-कश्मीर में चाइनीज माझे पर प्रतिबंध है?
हाँ, अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर में चाइनीज माझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। हाल ही में जम्मू में कई दुकानदारों को अवैध कारोबार के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन इस ताज़ा हादसे ने प्रवर्तन की कमज़ोरी उजागर की है।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
अधिकारियों के अनुसार पुलिस ने कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने के लिए जाँच जारी है।
जम्मू-कश्मीर में पूर्व सैनिकों के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
जम्मू जिले में पूर्व सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (ZSWO) द्वारा कल्याण, दस्तावेज़ीकरण और पुनर्रोजगार संबंधी सहायता दी जाती है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने 4,000 पूर्व सैनिक स्वयंसेवकों की तैनाती को भी मंजूरी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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