शामली एनकाउंटर: ब्रजेश पाठक ने पुलिस कार्रवाई को सराहा, सपा ने योगी सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस एनकाउंटर के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पुलिस की कार्रवाई को उचित ठहराया, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने 31 अगस्त की सुबह दो आरोपी शूटर्स को एनकाउंटर में मार गिराया।
मुख्य घटनाक्रम
26 अगस्त को शामली में चार शूटर्स ने दो बाइकों पर आकर हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज में चारों आरोपी भागते हुए दिखे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर बोगी गैंग के नाम से एक पोस्ट में भोले शाहपुरिया ने इस हत्या की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया था।
उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया था कि जाँच के दौरान आरोपियों की पहचान हुई। 31 अगस्त की सुबह पुलिस ने दो शूटर्स — सुमित और मोहित — को एनकाउंटर में मार गिराया। शेष दो फरार शूटर्स और साजिश में शामिल गैंग सदस्यों की तलाश अभी जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पुलिस कार्रवाई की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने मशहूर सिंगर अंकित बालियान के बेरहम हत्यारों को एनकाउंटर में मार गिराया है। जो भी पुलिस पर हमला करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।'
पाठक ने आगे कहा, 'राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है क्योंकि अपराधियों और हत्यारों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है। बालियान की बेरहमी से हुई हत्या से पूरा राज्य दुखी था — आज दोषियों को उनके किए की सज़ा मिल गई है।'
विपक्ष के सवाल
समाजवादी पार्टी ने इस मामले में योगी सरकार को निशाने पर लिया। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, 'केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बात समझनी होगी — ऐसी घटनाएँ होने से पहले आप सतर्क क्यों नहीं रहते? इससे पहले, पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की हत्या को रोका नहीं जा सका और अब उत्तर प्रदेश में अंकित बालियान की हत्या को रोकने में भी नाकामी सामने आई।'
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर बहस एक बार फिर केंद्र में आ गई है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर हो चुके हैं, जिन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार सियासी तकरार देखी जाती रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, फरार दो शूटर्स और बोगी गैंग के अन्य सदस्यों की सक्रिय तलाश जारी है। जाँच एजेंसियाँ इस हत्याकांड की पूरी साजिश और उसके तार उजागर करने में जुटी हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार पर त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई का दबाव बना हुआ है।