अंकित बालियान हत्याकांड: मुठभेड़ में दो शूटर ढेर, पिता बोले — 'आधा इंसाफ मिला, बाकी आरोपी भी पकड़े जाएँ'
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 31 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए शामली में दो आरोपी शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। इस कार्रवाई के बाद अंकित के परिजनों ने राहत जताई, लेकिन साथ ही माँग की कि जब तक सभी फरार आरोपी पकड़े नहीं जाते, न्याय अधूरा रहेगा।
परिजनों की प्रतिक्रिया
अंकित के पिता सतबीर सिंह ने कहा, 'हमें खबर मिली है कि दो अपराधी मारे गए हैं। आधा न्याय मिला है। चाहे दो हों या चार, सभी को मारा जाना चाहिए। तभी हमें पूरा न्याय मिलेगा।' अंकित की पत्नी सीमा ने भी फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग करते हुए कहा, 'दो आरोपी मारे गए हैं, यह ठीक है, लेकिन कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं। मैं कहना चाहूँगी कि उन्हें भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इससे हमें पूरी संतुष्टि तो नहीं मिलेगी, लेकिन कम से कम न्याय जरूर मिलेगा।'
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुठभेड़ को उचित ठहराते हुए कहा कि पुलिस ने मशहूर गायक अंकित बालियान के निर्मम हत्यारों को मार गिराया है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'पुलिस पर हमला करने वालों को उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।' पाठक ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है और अपराधियों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है।
मुख्य घटनाक्रम: हत्या से मुठभेड़ तक
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के अनुसार, 26 अगस्त को शामली की कोतवाली क्षेत्र में एक जिम के पास चार शूटरों ने अंकित बालियान पर कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई, जिससे पुष्टि हुई कि चारों शूटर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भागे थे। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर बोघी गैंग के नाम से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें भोले शाहपुरिया ने दावा किया कि यह हत्या उसने या उसके गिरोह ने की है।
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या के बाद पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित किया गया और रात 12 बजे से सुबह तक नाकाबंदी व चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी अभियान के दौरान दो युवक बागपत नंबर की मोटरसाइकिल पर आते दिखे। पुलिस के रोकने के प्रयास पर उन्होंने पुलिस की गाड़ी और पुलिसकर्मियों पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ में दोनों मारे गए।
बरामदगी और पूछताछ में खुलासा
मारे गए दोनों आरोपियों के पास से दो 9 एमएम की पिस्तौल, एक .32 बोर की पिस्तौल, 26 जिंदा कारतूस और करीब 15 खोखे बरामद किए गए। एसपी के अनुसार, घायल होने के बाद अस्पताल ले जाते समय आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि हरियाणा के एक कुख्यात अपराधी राहुल ने उन्हें भेजा था। राहुल ने ही उन्हें पैसे दिए, हथियारों की व्यवस्था की और बताया था कि 26 अगस्त को बाहर से आने वाले अन्य लोग उनसे मिलेंगे। चारों शूटर अलग-अलग रास्तों से शामली पहुँचे, एक-दूसरे से मिले और अंकित पर गोलियाँ चला दीं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि दो शूटरों के मारे जाने के बाद भी कम से कम दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। परिजन और पुलिस दोनों की नज़र अब इन फरार आरोपियों पर है। यह मामला उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क की गहरी पैठ को उजागर करता है, जहाँ हत्या की सुपारी देने से लेकर हथियार उपलब्ध कराने तक का पूरा तंत्र सक्रिय था। पुलिस के अनुसार जाँच जारी है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।