अंकित बालियान हत्याकांड: UP पुलिस मुठभेड़ में दो शूटर ढेर, DGP बोले — पूरे गैंग नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार, 1 सितंबर 2025 को हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के दो मुख्य आरोपियों — मोहित और सुमित — को मुठभेड़ में मार गिराया। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होगी — पुलिस हत्या की साजिश में शामिल पूरे आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।
हत्याकांड का घटनाक्रम
अंकित बालियान शामली कोतवाली थाना क्षेत्र के नाला पटरी इलाके में स्थित एक फिटनेस जिम से बाहर निकल रहे थे, जब चार हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के पिता की तहरीर पर चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को ही हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी। सोमवार को जब पुलिस टीम ने आरोपियों को घेरने का प्रयास किया, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में मोहित और सुमित घायल हुए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मुठभेड़ स्थल से हथियार, कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं।
गोगी गैंग की भूमिका और साजिश के सूत्र
प्रारंभिक जांच में गोगी गैंग की संभावित भूमिका सामने आई है। पुलिस इस पहलू की गहन जांच कर रही है। जांच में यह भी उजागर हुआ है कि हत्या से पहले अंकित की रेकी की गई थी और शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे — जो एक सुनियोजित आपराधिक साजिश की ओर इशारा करता है।
डीजीपी का संदेश और पुलिस की प्रतिबद्धता
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा, 'हमारा उद्देश्य सिर्फ शूटरों तक पहुंचना नहीं है। हम साजिशकर्ताओं की पूरी कड़ी तक पहुंचना चाहते हैं। जिन्होंने संसाधन मुहैया कराए, हथियारों की सप्लाई की, रेकी की या अपराधियों को पनाह दी, उन सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधी प्रदेश की सीमा से बाहर रहकर भी खुद को कानून की पहुंच से बाहर न समझें, और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जाएगा। इस कार्रवाई में शामिल शामली पुलिस और एसटीएफ की टीम को ₹2 लाख के पुरस्कार की घोषणा की गई है।
आगे की जांच
पुलिस टीमें अभी भी शेष आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। बरामद हथियारों और साक्ष्यों को हत्याकांड से जोड़कर फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान की एक अहम कड़ी बन गया है।