30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों की अहम भूमिका, राजनाथ सिंह ने लखनऊ में किया खुलासा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों की अहम भूमिका, राजनाथ सिंह ने लखनऊ में किया खुलासा

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों की भागीदारी की पहली सार्वजनिक स्वीकृति — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा अनावरण के मंच से यह ऐलान किया। यह भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की लड़ाकू भूमिका को लेकर नीतिगत बहस को नई धार देता है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ में पुष्टि की कि ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों और महिला सैनिकों ने पाकिस्तान व पीओके में आतंकवाद-विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाई।
सैनिक स्कूलों के द्वार लड़कियों के लिए खोले गए; 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'लखपति दीदी' योजनाओं से महिला सशक्तीकरण जारी।
बदायूँ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर पीएसी की नई बटालियन गठित की जा रही है।
लखनऊ में ऊदा देवी पासी और गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी के नाम पर पहले से पीएसी बटालियनें नामित हैं।
रक्षा मंत्री ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अवंतीबाई लोधी के योगदान को भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महिला पायलटों और महिला सैनिकों ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में निर्णायक भूमिका निभाई। यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ सरकारी मंत्री ने सार्वजनिक मंच पर इस ऑपरेशन में महिला सैन्यकर्मियों की भागीदारी की स्पष्ट पुष्टि की है।

महिला सैनिकों की ऐतिहासिक भागीदारी

राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमारे देश की वीरांगनाओं ने रणभूमि में भी अपना शौर्य दिखाया है और राजपाट में भी सुशासन के नए कीर्तिमान लिखे हैं।' उन्होंने रेखांकित किया कि भारत की महिलाएँ आज सेना, पुलिस, विज्ञान, खेल, शिक्षा और प्रशासन — हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। उनके अनुसार, महिला सैनिक सियाचिन की ऊँचाइयों से लेकर समुद्र की गहराइयों तक देश की सुरक्षा को सुदृढ़ कर रही हैं।

सरकारी पहलों से महिला सशक्तीकरण

रक्षा मंत्री ने बताया कि सैनिक स्कूलों के द्वार अब लड़कियों के लिए खोल दिए गए हैं। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना और 'लखपति दीदी' जैसी पहलों के ज़रिये महिलाओं को क्रमशः शैक्षणिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नारी शक्ति को अधिकार, अवसर, सुरक्षा और सम्मान देने का काम किया है।

वीरांगना अवंतीबाई लोधी को श्रद्धांजलि

राजनाथ सिंह ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस को भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बदायूँ में रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर पीएसी की एक नई बटालियन का गठन किया जा रहा है। इससे पूर्व लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर पीएसी की बटालियनों का नामकरण हो चुका है।

राष्ट्रीय नायकों को पहचान देने का संकल्प

रक्षा मंत्री ने कहा, 'हमारे आदर्श और प्रेरणास्रोत बाहर से आयात नहीं होने चाहिए।' उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे राष्ट्रनिर्माताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि अतीत की वीरता की कहानियाँ वर्तमान को आत्मविश्वास और भविष्य को मार्गदर्शन देती हैं।

आगे की दिशा

ऑपरेशन सिंदूर में महिला सैन्यकर्मियों की भागीदारी की यह स्वीकृति भारतीय सशस्त्र बलों में लैंगिक समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह ऐसे समय में आई है जब सेना में महिलाओं की स्थायी कमीशन और लड़ाकू भूमिकाओं पर नीतिगत बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह राजनीतिक मंचों तक सीमित रहेगी। वीरांगनाओं के नाम पर पीएसी बटालियनों का नामकरण प्रतीकात्मक रूप से सशक्त है, लेकिन संरचनात्मक बदलाव — जैसे महिलाओं के लिए सभी लड़ाकू शाखाओं में समान पहुँच — अभी भी अधूरे हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों ने क्या भूमिका निभाई?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महिला पायलटों और महिला सैनिकों ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह किसी वरिष्ठ सरकारी मंत्री द्वारा इस ऑपरेशन में महिला सैन्यकर्मियों की भागीदारी की पहली सार्वजनिक पुष्टि है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी कौन थीं?
वीरांगना अवंतीबाई लोधी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की एक प्रमुख नायिका थीं, जिन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध असाधारण साहस के साथ संघर्ष किया। राजनाथ सिंह ने उनके योगदान को भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताया।
बदायूँ में पीएसी की नई बटालियन किसके नाम पर बनेगी?
बदायूँ में पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) की नई बटालियन रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर गठित की जा रही है। इससे पहले लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर पीएसी बटालियनों का नामकरण हो चुका है।
सैनिक स्कूलों में लड़कियों को प्रवेश कब से मिला?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ में अपने संबोधन में बताया कि सैनिक स्कूलों के दरवाजे लड़कियों के लिए खोल दिए गए हैं। यह निर्णय महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
'लखपति दीदी' योजना का महिलाओं पर क्या असर है?
'लखपति दीदी' पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। राजनाथ सिंह ने इसे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं के साथ जोड़ते हुए कहा कि सरकार नारी शक्ति को अधिकार, अवसर, सुरक्षा और सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले