16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भाजपा पूर्व पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी सपा में शामिल, बोले— 'भाजपा हाईजैक हो चुकी है, ब्राह्मण बनाएंगे अखिलेश की सरकार'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भाजपा पूर्व पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी सपा में शामिल, बोले— 'भाजपा हाईजैक हो चुकी है, ब्राह्मण बनाएंगे अखिलेश की सरकार'

सारांश

गोरखपुर में भाजपा के पूर्व पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने सपा का दामन थामा। भाजपा को 'हाईजैक' बताते हुए उन्होंने ब्राह्मण मतदाताओं के 2027 में अखिलेश यादव के साथ खड़े होने का दावा किया।

मुख्य बातें

विश्वजीत त्रिपाठी , गोरखपुर के भाजपा पूर्व पार्षद, 16 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संगठन ' हिंदू युवा वाहिनी ' के प्रभाव में 'हाईजैक' हो चुका है।
भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ.
राधा मोहन दास अग्रवाल के उदाहरण देते हुए संगठनात्मक अपमान की बात कही।
दावा किया कि ब्राह्मण समुदाय 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनाएगा।
शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी पर शिक्षक संगठन 'बेचने' का आरोप लगाया; सपा से संजय कुमार त्रिपाठी को उतारने की बात कही।

गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने 16 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। त्रिपाठी ने भाजपा पर भ्रष्टाचार, संगठनात्मक अव्यवस्था और ब्राह्मण व शिक्षक समुदाय के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी।

मुख्य घटनाक्रम

सपा में शामिल होने के बाद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा, 'दिल्ली वाले नेताओं की गोरखपुर में नहीं चलती है। आज के समय में पूरी भाजपा हिंदू युवा वाहिनी की गोद में जाकर बैठ गई है। पूरा संगठन हाईजैक हो चुका है। अब ये अटल बिहारी वाजपेयी के समय की भाजपा नहीं है।'

उन्होंने गोरखपुर के भाजपा पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी संगठन ने उन्हें भी लगातार अपमानित किया और उनका दर्द सोशल मीडिया पर उजागर हुआ। त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े गोरखपुर में कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि वहाँ पार्टी पहले से 'हाईजैक' है।

ब्राह्मण समुदाय पर दावा

त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव सर्वसमाज के नेता हैं और उत्तर प्रदेश में उनके कार्यकाल में जो विकास हुआ उसका कोई सानी नहीं है। उनके अनुसार, प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, उससे यह वर्ग धीरे-धीरे सपा की ओर खिंच रहा है। उन्होंने दावा किया, 'ब्राह्मण अब सपा की सरकार बनाने जा रहा है।'

विकास और शासन पर आरोप

त्रिपाठी के अनुसार, वर्तमान सरकार के नौ वर्षों में विकास की यह दशा है कि आज भी बरसात में गली-मोहल्ले डूब जाते हैं। उन्होंने अफसरशाही और भ्रष्टाचार को बेलगाम बताया। शिक्षकों के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूर्व में शिक्षकों का जो अपमान हुआ, उस वक्त भाजपा के सांसद कहीं नहीं थे।

शिक्षक संगठन पर आरोप

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जिस 'शर्मा गुट' ने सरकार से अलग रहकर शिक्षकों के हितों के लिए एक संगठन बनाया, उसे ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने 'बेच दिया'। उन्होंने कहा कि शिक्षक अब ध्रुव कुमार त्रिपाठी को नकार चुके हैं और सपा की ओर से संजय कुमार त्रिपाठी शिक्षक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ माना जाता है, वहाँ से इस तरह की आवाज़ें उठना भाजपा के लिए सांकेतिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। हालाँकि यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि पार्षद-स्तर के दलबदल से चुनावी नतीजे नहीं बदलते — असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह नाराज़गी व्यापक जाति समूहों में ज़मीनी बदलाव में तब्दील होती है। सपा के लिए भी चुनौती है कि वह ब्राह्मण समर्थन के इन दावों को संगठित मतों में परिवर्तित करे।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्वजीत त्रिपाठी कौन हैं और उन्होंने भाजपा क्यों छोड़ी?
विश्वजीत त्रिपाठी गोरखपुर के भाजपा पूर्व पार्षद हैं, जिन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार, संगठन में 'हाईजैक' की स्थिति और ब्राह्मण तथा शिक्षक समुदाय के अपमान का आरोप लगाया।
विश्वजीत त्रिपाठी ने भाजपा संगठन को 'हाईजैक' क्यों कहा?
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि गोरखपुर में भाजपा का संगठन 'हिंदू युवा वाहिनी' के प्रभाव में आ गया है और दिल्ली के नेताओं की वहाँ कोई नहीं सुनता। उन्होंने भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के अपमान का उदाहरण भी दिया।
क्या ब्राह्मण मतदाताओं का सपा की ओर झुकाव 2027 चुनाव पर असर डालेगा?
त्रिपाठी का दावा है कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय भाजपा से नाराज़ होकर सपा की तरफ जा रहा है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की सरकार बनाएगा। हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत आकलन है और इसे व्यापक जनमत सर्वेक्षण डेटा से अभी सत्यापित नहीं किया गया है।
शिक्षक संगठन विवाद क्या है जिसका त्रिपाठी ने उल्लेख किया?
त्रिपाठी के अनुसार 'शर्मा गुट' ने सरकार से अलग रहकर शिक्षकों के हित में एक संगठन बनाया था, लेकिन ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उसे 'बेच दिया'। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक अब ध्रुव कुमार त्रिपाठी को नकार चुके हैं और सपा की ओर से संजय कुमार त्रिपाठी उनका प्रतिनिधित्व करेंगे।
विनोद तावड़े कौन हैं और उनका इस मामले में क्या संदर्भ है?
विनोद तावड़े भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री हैं। विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि तावड़े दिल्ली में कुछ चला सकते हैं, लेकिन गोरखपुर में उनकी नहीं चलती, जो पार्टी के भीतर केंद्र-राज्य समन्वय की कमी की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले