4 अक्टूबर 2026
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अखिलेश के अयोध्या दौरे पर BJP का तंज: रामलला के दर्शन कर पश्चाताप करें — राकेश त्रिपाठी

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अखिलेश के अयोध्या दौरे पर BJP का तंज: रामलला के दर्शन कर पश्चाताप करें — राकेश त्रिपाठी

सारांश

2027 विधानसभा चुनाव से पहले UP की सियासत गरमाई। BJP ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को 'पश्चाताप का मौका' बताया, सपा-कांग्रेस के बीच की खींचतान को 'लठबंधन' करार दिया और 2017 से बड़ी जीत का दावा किया।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 4 अक्टूबर 2026 को सपा-कांग्रेस गठबंधन को 'लठबंधन' करार दिया।
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर BJP ने कटाक्ष किया — कहा वो रामलला के दर्शन कर पश्चाताप करें।
त्रिपाठी ने दावा किया कि 2027 में BJP 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी।
अयोध्या में ₹50,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का हवाला दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के 'अवैध' बयान पर BJP ने राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा का इस्तीफा माँगा।
इमरान मसूद और अखिलेश के बीच सोशल मीडिया पर टकराव, प्रत्यक्ष वार्ता की संभावना घटी।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 4 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बँटवारे पर जारी टकराव कोई गठबंधन नहीं, बल्कि 'लठबंधन' है। त्रिपाठी ने यह भी दावा किया कि 2027 में BJP 2017 से भी बड़ी जीत हासिल करेगी।

अखिलेश के अयोध्या दौरे पर BJP का कटाक्ष

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर तंज कसते हुए BJP प्रवक्ता त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश को अयोध्या कभी नहीं सुहाई। उनके अनुसार, यदि अखिलेश वहाँ जाते हैं तो ₹50,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ देखकर पश्चाताप कर सकते हैं कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अयोध्या को क्यों नजरअंदाज किया। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि अखिलेश अब तक रामलला के दर्शन के लिए नहीं गए और 'मजहबी वोट बैंक और तुष्टिकरण' की राजनीति के चलते उनके लिए यह कदम उठाना मुश्किल रहेगा।

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर 'लठबंधन' का तमगा

त्रिपाठी ने कहा कि सपा और कांग्रेस के नेता आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस के नेता सपा पर हमलावर हैं और सपा कांग्रेस पर। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव सोशल मीडिया के जरिये सीधा हमला बोल रहे हैं, जिस पर कांग्रेस नेता इमरान मसूद पलटवार कर रहे हैं। प्रत्यक्ष बातचीत की संभावना समाप्त होती नजर आ रही है।

मुस्लिम वोट बैंक को लेकर BJP का दावा

त्रिपाठी ने कहा कि सपा, कांग्रेस और AIMIM — सभी दलों का फोकस मुस्लिम वोटों को अपने पाले में करना है। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय अब यह महसूस कर रहा है कि वोट बैंक की राजनीति से केवल नेताओं का 'बैंक बैलेंस' बढ़ा, जबकि उनकी तरक्की और परेशानियों के बारे में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोचा। विपक्षी दलों ने इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

खड़गे के 'अवैध' बयान पर BJP का पलटवार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को 'अवैध' कहने वाले बयान पर त्रिपाठी ने कहा कि खड़गे को यह बात सबसे पहले राहुल गांधी से कहनी चाहिए, जो रायबरेली से और प्रियंका वाड्रा जो वायनाड से चुनी गई हैं। उन्होंने माँग की कि केरल, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकारों को भी इस्तीफा देना चाहिए और खड़गे को स्वयं पद छोड़ना चाहिए, क्योंकि वे उन्हीं विधायकों के समर्थन से राज्यसभा पहुँचे हैं जिनके निर्वाचन को वे खुद अवैध बता रहे हैं।

2027 में 'रिकॉर्ड जीत' का दावा

त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि चाहे विपक्ष कोई भी गठजोड़ बनाए या आरोप-प्रत्यारोप करे, इस बार परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। उनके अनुसार 2027 में BJP 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी — हालाँकि यह BJP का एकपक्षीय दावा है और इसका स्वतंत्र सत्यापन संभव नहीं है। उत्तर प्रदेश में 2027 का चुनाव नजदीक आते ही हर बड़े बयान की सियासी जमीन और गहरी होती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई से देखें तो यह UP में विपक्षी एकता की असल कमज़ोरी को उजागर करता है — सपा और कांग्रेस सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर हमलावर हैं, जो सीट बँटवारे की बातचीत को सार्वजनिक रूप से कमज़ोर करता है। अखिलेश पर रामलला दर्शन का दबाव बनाना BJP की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा है जो धार्मिक प्रतीकवाद को सियासी हथियार बनाती है — लेकिन 2022 में भी यही रणनीति थी और SP ने 111 सीटें जीती थीं। असली सवाल यह है कि क्या 2027 तक सपा-कांग्रेस अपने मतभेद सुलझा पाएंगे, या BJP को बिना मेहनत के 'विभाजित विपक्ष' का तोहफा मिलेगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर क्या कहा?
BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए और मुख्यमंत्री रहते अयोध्या की उपेक्षा के लिए पश्चाताप करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 'मजहबी वोट बैंक' की राजनीति के चलते अखिलेश यह कदम नहीं उठा पाएंगे।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को 'लठबंधन' क्यों कहा गया?
BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा और कांग्रेस के नेता आपस में ही एक-दूसरे पर बयान दे रहे हैं — अखिलेश यादव सोशल मीडिया से हमला बोल रहे हैं और कांग्रेस नेता इमरान मसूद पलटवार कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने इसे गठबंधन नहीं, बल्कि 'लठबंधन' कहा।
BJP ने 2027 UP चुनाव के बारे में क्या दावा किया?
BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने दावा किया कि 2027 में BJP 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी। यह BJP का एकपक्षीय दावा है, जिसका स्वतंत्र सत्यापन अभी संभव नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के 'अवैध' बयान पर BJP ने क्या जवाब दिया?
BJP प्रवक्ता ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे को पहले राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा से इस्तीफा माँगना चाहिए, साथ ही केरल, कर्नाटक और हिमाचल की कांग्रेस सरकारों को भी इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि खड़गे खुद उन विधायकों के दम पर राज्यसभा पहुँचे हैं जिन्हें वे 'अवैध' बता रहे हैं।
अयोध्या में कितनी विकास परियोजनाएँ हैं जिनका BJP ने उल्लेख किया?
BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या में ₹50,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ चल रही हैं। उन्होंने इसे अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में अयोध्या की कथित उपेक्षा से जोड़ते हुए तंज कसा।
राष्ट्र प्रेस
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