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होर्मुज से तेल परिवहन युद्ध-पूर्व स्तर के दो-तिहाई पर, ईरान हूतियों से स्वेज नहर को निशाना बना सकता है: नाटो पूर्व कमांडर

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होर्मुज से तेल परिवहन युद्ध-पूर्व स्तर के दो-तिहाई पर, ईरान हूतियों से स्वेज नहर को निशाना बना सकता है: नाटो पूर्व कमांडर

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर के दो-तिहाई पर लौटी, लेकिन असली खतरा अब स्वेज नहर पर है। नाटो के पूर्व कमांडर स्टैवरिडिस की चेतावनी — ईरान हूतियों को हथियार बनाकर वैश्विक समुद्री व्यापार की दूसरी सबसे बड़ी धमनी को निशाना बना सकता है।

मुख्य बातें

अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से तेल परिवहन अब युद्ध-पूर्व स्तर के दो-तिहाई तक पहुँचा।
स्ट्रेट से प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल और बाईपास पाइपलाइनों से अतिरिक्त 70 लाख बैरल — कुल 1.4 करोड़ बैरल से कुछ कम की आपूर्ति जारी।
जॉर्डन में ईरानी हमले में दो अमेरिकी सेवा सदस्य मारे गए, एक लापता; अमेरिका ने जवाबी हमले किए।
नाटो के पूर्व कमांडर रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस ने चेतावनी दी — ईरान हूतियों के ज़रिए स्वेज नहर को निशाना बना सकता है।
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि होर्मुज की सुरक्षा तेहरान के सहयोग के बिना भी जारी रहेगी।

अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने 20 जुलाई को दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल परिवहन अब युद्ध-पूर्व स्तर के करीब दो-तिहाई तक पहुँच गया है — भले ही अमेरिकी हवाई हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई के बाद व्यापारिक जहाजरानी पर भारी दबाव बना हुआ है। इसी बीच, नाटो के पूर्व सुप्रीम एलाइड कमांडर, रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस ने चेतावनी दी है कि ईरान अब हूती लड़ाकों के ज़रिए स्वेज नहर को निशाना बनाकर संघर्ष का दायरा और बढ़ा सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही की मौजूदा स्थिति

अमेरिकी टेलीविज़न कार्यक्रम 'दिस वीक' में क्रिस राइट ने कहा, 'पिछले सात दिनों के औसत के अनुसार स्ट्रेट से प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल का परिवहन हो रहा है। इसके अतिरिक्त, बाईपास पाइपलाइनों के ज़रिए भी प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल अतिरिक्त आपूर्ति जारी है।' उनके अनुसार, अरब की खाड़ी क्षेत्र से कुल मिलाकर प्रतिदिन 1 करोड़ 40 लाख बैरल से कुछ कम तेल की आवाजाही हो रही है, जो मार्च की तुलना में काफी अधिक है।

राइट ने स्वीकार किया कि आवाजाही अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आँकड़े इस क्षेत्र से गुज़रने वाले सभी तेल टैंकरों को नहीं दर्शाते। उनके अनुसार, जहाज़ों की संख्या में भले ही कमी आई हो, लेकिन अब बड़े टैंकर भेजे जा रहे हैं ताकि वैश्विक बाज़ारों में अधिकतम आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला और जवाबी कार्रवाई

यह घटनाक्रम जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी हमले की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिसमें दो अमेरिकी सेवा सदस्य मारे गए और एक अन्य लापता है। अमेरिकी सेना ने इसके जवाब में ईरान पर नए हवाई हमले किए। क्रिस राइट ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही की सुरक्षा जारी रखेगा, चाहे तेहरान का सहयोग मिले या नहीं।

स्वेज नहर पर मंडराता खतरा

रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस ने अमेरिकी मीडिया के 'स्टेट ऑफ द यूनियन' कार्यक्रम में कहा, 'ईरानी लोग दक्षिण-पश्चिम कोने में हूतियों का इस्तेमाल करके स्वेज नहर को बंद करने की कोशिश के बारे में बातें शुरू कर रहे हैं।' उन्होंने आगाह किया, 'इसलिए स्वेज नहर पर नज़र रखें क्योंकि ईरान एक और चाल चल सकता है।'

स्टैवरिडिस ने यह भी सुझाव दिया कि जॉर्डन में हाल के हमले लाल सागर के उत्तरी छोर के पास अमेरिकी स्थिति से रणनीतिक रूप से जुड़े हो सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट और स्वेज नहर — दोनों वैश्विक ऊर्जा और व्यापार की दो सबसे महत्त्वपूर्ण धमनियाँ — एक साथ दबाव में आ सकती हैं।

वैश्विक व्यापार पर संभावित असर

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, जबकि स्वेज नहर यूरोप और एशिया के बीच माल ढुलाई का प्रमुख मार्ग है। यदि दोनों मार्गों पर एक साथ दबाव बढ़ा, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग लागत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत सहित एशियाई तेल आयातक देशों पर इसका सीधा असर होगा।

आने वाले दिनों में अमेरिकी नौसेना की उपस्थिति और हूती गतिविधियों पर नज़र रखना यह तय करेगा कि क्या यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़ा उस बड़े रणनीतिक जोखिम को छुपाता है जिसकी ओर स्टैवरिडिस इशारा कर रहे हैं — स्वेज नहर। यदि ईरान हूतियों को सक्रिय करता है, तो एक साथ दो वैश्विक समुद्री धमनियों पर दबाव बनेगा, जो 2024 के लाल सागर संकट से कहीं अधिक विनाशकारी हो सकता है। भारत जैसे देशों के लिए, जो खाड़ी से तेल और यूरोप से माल दोनों के लिए इन्हीं मार्गों पर निर्भर हैं, यह महज़ भू-राजनीतिक खबर नहीं — सीधा आर्थिक जोखिम है। मुख्यधारा की कवरेज होर्मुज के आँकड़ों पर अटकी है; असली कहानी यह है कि संघर्ष का भूगोल तेज़ी से बदल रहा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट से अभी कितना तेल गुज़र रहा है?
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल का परिवहन हो रहा है और बाईपास पाइपलाइनों से अतिरिक्त 70 लाख बैरल — यानी कुल मिलाकर 1.4 करोड़ बैरल से कुछ कम। यह युद्ध-पूर्व स्तर का करीब दो-तिहाई है।
ईरान स्वेज नहर को कैसे निशाना बना सकता है?
नाटो के पूर्व कमांडर रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस के अनुसार, ईरान यमन स्थित हूती लड़ाकों का इस्तेमाल कर स्वेज नहर के दक्षिण-पश्चिमी प्रवेश मार्ग को बाधित कर सकता है। 2024 में भी हूतियों ने लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले किए थे, जिससे वैश्विक शिपिंग लागत में भारी उछाल आया था।
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले का इस संघर्ष से क्या संबंध है?
जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी हमले में दो अमेरिकी सेवा सदस्य मारे गए और एक लापता है। स्टैवरिडिस ने सुझाव दिया है कि ये हमले लाल सागर के उत्तरी छोर के पास अमेरिकी सैन्य स्थिति से रणनीतिक रूप से जुड़े हो सकते हैं।
इस संघर्ष का भारत और एशियाई देशों पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत सहित अधिकांश एशियाई देश खाड़ी से तेल आयात के लिए होर्मुज और यूरोपीय व्यापार के लिए स्वेज नहर पर निर्भर हैं। यदि दोनों मार्ग एक साथ बाधित हुए, तो ऊर्जा आयात महँगा होगा, शिपिंग लागत बढ़ेगी और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी।
अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रहा है?
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही की सुरक्षा जारी रखेगा, चाहे तेहरान का सहयोग मिले या नहीं। इसके साथ ही बड़े टैंकर भेजकर वैश्विक बाज़ारों में अधिकतम आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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