स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट: करीब 2,000 जहाज खाड़ी से निकलने का इंतजार कर रहे हैं — बेसेंट
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने 29 मई 2025 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़े तनाव के कारण लगभग 2,000 जहाज इस समय खाड़ी से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। यह खुलासा इस अहम समुद्री मार्ग पर जमे जाम की पहली आधिकारिक स्वीकृति है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव की गंभीरता का अंदाजा होता है।
कितना बड़ा है यह जाम
बेसेंट के अनुसार, करीब 2,000 जहाज खाड़ी से बाहर निकलने की प्रतीक्षा में हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों का बड़ा ऊर्जा निर्यात इसी मार्ग पर निर्भर करता है। दुनिया के तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का उल्लेखनीय हिस्सा सामान्यतः इसी रास्ते से गुजरता है।
बेसेंट ने बाजार को दिया भरोसा
ट्रेजरी सेक्रेटरी ने यह भी कहा कि जैसे ही शिपिंग दोबारा सामान्य होगी, वैश्विक बाजार इस स्थिति को संभालने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इसके बाद तेल की सप्लाई काफी अच्छी रहेगी और कीमतें बहुत जल्दी नीचे आ सकती हैं।' बेसेंट ने यह भी बताया कि मई महीने में तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, 'जैसे ही यह रास्ता खुलेगा, हम जहाजों की एक बड़ी लहर बाहर निकलते देखेंगे।'
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज बड़ा मुद्दा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत का केंद्रीय मुद्दा बन चुका है। बेसेंट ने बार-बार दोहराया है कि समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही बहाल कराना अमेरिका की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह खुली होनी चाहिए — समुद्र में पहले की तरह खुला और सुरक्षित आवागमन जरूरी है।'
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
यह जहाजों की भीड़ ऐसे समय में बढ़ी है जब दुनिया भर की सरकारें और कंपनियाँ ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार पर दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर सतर्क हैं। गौरतलब है कि होर्मुज पर इस तरह का व्यवधान पहली बार नहीं है — इस जलडमरूमध्य पर तनाव का इतिहास दशकों पुराना है, और हर बार वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उथल-पुथल मची है। बेसेंट का यह बयान उन बाजार खिलाड़ियों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से था जो आशंकित हैं कि लंबे समय तक शिपिंग बाधित रही तो तेल की कीमतें और महंगाई फिर उछाल ले सकती है।
आगे क्या होगा
ट्रेजरी सेक्रेटरी के अनुसार, अमेरिकी सरकार का मानना है कि देरी के बावजूद ऊर्जा बाजार में आपूर्ति फिलहाल पर्याप्त है। विश्लेषकों की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति पर है — क्योंकि इसी पर निर्भर करेगा कि ये 2,000 जहाज कब और किस क्रम में रवाना हो पाएंगे, और वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत कब मिलेगी।