सिबसागर से अखिल गोगोई की लगातार दूसरी जीत, भाजपा के कुशल दोवारी को 17,272 वोटों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने 4 मई 2026 को असम विधानसभा चुनाव परिणामों में सिबसागर सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार कुशल दोवारी को 17,272 वोटों के बड़े अंतर से पराजित करते हुए। किसान आंदोलन और सामाजिक मुद्दों से उभरे गोगोई की यह जीत सिबसागर में BJP के लिए एक और निराशाजनक परिणाम साबित हुई, जहाँ पार्टी अब तक अपना खाता तक नहीं खोल पाई है।
मुख्य चुनावी घटनाक्रम
सिबसागर विधानसभा सीट, जो जोरहाट लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है, इस बार 2,09,976 पंजीकृत मतदाताओं के साथ चुनाव में उतरी — जो 2024 की तुलना में 2,371 अधिक है। गोगोई ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी BJP की उम्मीदवार सुरभि राजकोंवर को 11,875 वोटों से हराया था, जब उन्हें 57,219 वोट मिले थे और BJP को 45,344। इस बार जीत का अंतर उससे भी बड़ा रहा, जो रायजोर दल की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।
सिबसागर का राजनीतिक इतिहास
1951 में स्थापित इस सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र ने राज्य के सभी 16 चुनावों में भाग लिया है। ऐतिहासिक रूप से यहाँ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आठ बार और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पाँच बार जीत दर्ज की है। एक-एक बार निर्दलीय और रायजोर दल ने भी सीट जीती है। उल्लेखनीय है कि BJP यहाँ आज तक एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है। 2016 के चुनाव में कांग्रेस के प्रणब कुमार गोगोई ने मात्र 542 वोटों के अंतर से BJP को हराया था, जो दर्शाता है कि पार्टी ने उस दौर में इस सीट पर पकड़ बनाने की कोशिश की थी।
मतदाता भागीदारी और सामाजिक समीकरण
सिबसागर में राजनीतिक भागीदारी ऐतिहासिक रूप से उच्च रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में 77.98% मतदान हुआ था, 2016 के विधानसभा चुनाव में 81.92% और 2021 में लगभग 82% मतदान दर्ज किया गया। सामाजिक संरचना की दृष्टि से यह एक विविध निर्वाचन क्षेत्र है — यहाँ लगभग 17% मुस्लिम मतदाता हैं, जो सबसे बड़ा समूह बनाते हैं। अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी करीब 10.27% और अनुसूचित जनजातियों की लगभग 5.60% है। यह विविध सामाजिक संरचना चुनावी रणनीतियों को जटिल बनाती है।
BJP के लिए चुनौती और दोहरा मतदाता रुझान
गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों में BJP का प्रदर्शन इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, लेकिन विधानसभा स्तर पर मतदाता अलग रुझान दिखाते हैं। यह दोहरा मतदान व्यवहार सिबसागर की राजनीतिक जटिलता को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब 2024 से पहले के मतदाता पुनरीक्षण में यहाँ 58,000 से अधिक नए मतदाता जुड़े थे — जो राज्य में सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक थी।
आगे की राह
अखिल गोगोई की लगातार दूसरी जीत और बढ़े हुए मार्जिन से रायजोर दल की सिबसागर में जड़ें और गहरी हुई हैं। आने वाले वर्षों में बढ़ी हुई मतदाता संख्या और बदलते सामाजिक समीकरण यह तय करेंगे कि क्या BJP इस किले को भेद पाएगी, या सिबसागर क्षेत्रीय राजनीति का गढ़ बना रहेगा।