10 अगस्त 2026
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जोरहाट विधानसभा: भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23,182 वोटों से गौरव गोगोई को हराया, छठी बार विधायक बने

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जोरहाट विधानसभा: भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23,182 वोटों से गौरव गोगोई को हराया, छठी बार विधायक बने

सारांश

जोरहाट विधानसभा में भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कांग्रेस के गौरव गोगोई को 23,182 वोटों से हराकर छठी बार जीत दर्ज की। 25 साल से अधिक की राजनीतिक उपस्थिति और कड़े मुकाबलों के बाद यह जीत असम की सबसे प्रतिष्ठित शहरी सीटों में से एक पर भाजपा की मज़बूत पकड़ को साबित करती है।

मुख्य बातें

हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 4 मई 2026 को जोरहाट विधानसभा सीट से 23,182 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
गोस्वामी को 69,439 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के गौरव गोगोई को 46,257 मत प्राप्त हुए।
यह गोस्वामी की जोरहाट सीट से छठी विधायकी है; वे लगभग 25 वर्षों से इस सीट के प्रमुख चेहरा हैं।
जोरहाट में 1,48,280 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 64.87% शहरी मतदाता हैं।
सीट के चुनावी इतिहास में कांग्रेस ने 7 बार , भाजपा ने 3 बार और AGP ने 3 बार जीत दर्ज की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 4 मई 2026 को असम की जोरहाट विधानसभा सीट पर बड़ी जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई को 23,182 मतों के अंतर से पराजित किया। गोस्वामी को कुल 69,439 वोट मिले, जबकि गोगोई 46,257 मतों पर सिमट गए। इस जीत के साथ हितेंद्र नाथ गोस्वामी जोरहाट से छठी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।

मुख्य चुनावी परिणाम

जोरहाट विधानसभा सीट असम के सबसे प्रतिष्ठित शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में गिनी जाती है। यह सीट जोरहाट जिले में स्थित एक सामान्य (अनारक्षित) क्षेत्र है और जोरहाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। गोस्वामी की इस जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से असम में विशेष स्थान रखती है।

जोरहाट सीट का चुनावी इतिहास

जोरहाट विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था। तब से अब तक यहाँ 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। ऐतिहासिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने सबसे अधिक 7 बार जीत दर्ज की है। असम गण परिषद (AGP) को 3 बार, भाजपा को 3 बार और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 बार यहाँ सफलता पाई है। जनता पार्टी को एक बार विजय मिली थी।

इस सीट का चुनावी इतिहास हितेंद्र नाथ गोस्वामी और राणा गोस्वामी के बीच लंबी प्रतिद्वंद्विता के लिए भी जाना जाता है। दोनों के बीच चार बार सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें दोनों ने दो-दो बार जीत हासिल की। 2006 में राणा गोस्वामी ने कांग्रेस के टिकट पर 4,880 वोटों से जीत दर्ज की। 2011 में उन्होंने हितेंद्र गोस्वामी को 37,971 वोटों से हराया। 2016 में समीकरण पलटा और हितेंद्र गोस्वामी ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में राणा गोस्वामी को 13,638 वोटों से शिकस्त दी। 2021 में दोनों फिर आमने-सामने हुए, जहाँ हितेंद्र गोस्वामी ने 6,488 वोटों के अंतर से सीट बचाई।

मतदाता संरचना और सामाजिक समीकरण

10 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार जोरहाट विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,48,280 पात्र मतदाता हैं। यह संख्या 2024 के 1,46,731 मतदाताओं से मामूली अधिक है, हालाँकि 2019 के 1,75,267 मतदाताओं की तुलना में गिरावट दर्ज की गई थी।

सामाजिक संरचना के लिहाज़ से यहाँ अनुसूचित जाति मतदाता 8.04%, अनुसूचित जनजाति मतदाता 1.95% और मुस्लिम मतदाता 7% से कम हैं। इस सीट पर शहरी मतदाताओं का स्पष्ट वर्चस्व है — 64.87% शहरी और 35.13% ग्रामीण। यही कारण है कि विकास, सड़क, व्यापार, रोज़गार और नागरिक सुविधाएँ यहाँ के प्रमुख चुनावी मुद्दे बने रहते हैं।

जोरहाट की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान

जोरहाट को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। असम साहित्य सभा का मुख्यालय, बिहू उत्सव, सत्रिया नृत्य परंपरा और अनेक सांस्कृतिक संस्थानों ने इस शहर को विशिष्ट पहचान दी है। ब्रिटिश काल में यह चाय उद्योग का प्रमुख केंद्र था और आज भी चाय बागान, कृषि, व्यापार, शिक्षा और लघु उद्योग यहाँ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

आगे क्या

हितेंद्र नाथ गोस्वामी की छठी बार की जीत यह दर्शाती है कि जोरहाट के शहरी मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया है। गौरव गोगोई के साथ इस मुकाबले में बड़े अंतर से मिली जीत भाजपा के लिए असम में अपनी पकड़ को और मज़बूत करने का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पिछले एक दशक में भाजपा ने यहाँ अपनी पकड़ लगातार मज़बूत की है। 23,182 वोटों का बड़ा अंतर यह भी संकेत देता है कि गौरव गोगोई जैसे युवा कांग्रेस नेता अभी शहरी असमिया मतदाताओं को पूरी तरह साधने में सफल नहीं हो पाए। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इस सीट पर नए सिरे से रणनीति बनाएगी या जोरहाट भाजपा का अभेद्य गढ़ बनता जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोरहाट विधानसभा चुनाव 2026 में कौन जीता?
भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने जोरहाट विधानसभा सीट पर 23,182 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें 69,439 मत मिले, जबकि कांग्रेस के गौरव गोगोई 46,257 वोट पर रहे।
हितेंद्र नाथ गोस्वामी कितनी बार जोरहाट से विधायक बने हैं?
हितेंद्र नाथ गोस्वामी 2026 के चुनाव परिणाम के साथ जोरहाट सीट से छठी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। वे लगभग 25 वर्षों से इस सीट के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा रहे हैं।
जोरहाट विधानसभा सीट का इतिहास क्या है?
जोरहाट विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था और तब से यहाँ 16 चुनाव हो चुके हैं। कांग्रेस ने सर्वाधिक 7 बार, AGP ने 3 बार, भाजपा ने 3 बार और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 बार जीत दर्ज की है।
जोरहाट में कुल कितने मतदाता हैं?
10 फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार जोरहाट विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,48,280 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 64.87% शहरी और 35.13% ग्रामीण मतदाता हैं।
गौरव गोगोई और हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बीच पहले कब मुकाबला हुआ था?
2026 का चुनाव गौरव गोगोई और हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बीच पहला सीधा मुकाबला था। इससे पहले गोस्वामी का मुख्य मुकाबला राणा गोस्वामी से होता था, जिनके साथ उनके चार बार आमने-सामने की टक्कर हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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