जोरहाट विधानसभा: भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23,182 वोटों से गौरव गोगोई को हराया, छठी बार विधायक बने
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 4 मई 2026 को असम की जोरहाट विधानसभा सीट पर बड़ी जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई को 23,182 मतों के अंतर से पराजित किया। गोस्वामी को कुल 69,439 वोट मिले, जबकि गोगोई 46,257 मतों पर सिमट गए। इस जीत के साथ हितेंद्र नाथ गोस्वामी जोरहाट से छठी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।
मुख्य चुनावी परिणाम
जोरहाट विधानसभा सीट असम के सबसे प्रतिष्ठित शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में गिनी जाती है। यह सीट जोरहाट जिले में स्थित एक सामान्य (अनारक्षित) क्षेत्र है और जोरहाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। गोस्वामी की इस जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से असम में विशेष स्थान रखती है।
जोरहाट सीट का चुनावी इतिहास
जोरहाट विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था। तब से अब तक यहाँ 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। ऐतिहासिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने सबसे अधिक 7 बार जीत दर्ज की है। असम गण परिषद (AGP) को 3 बार, भाजपा को 3 बार और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 बार यहाँ सफलता पाई है। जनता पार्टी को एक बार विजय मिली थी।
इस सीट का चुनावी इतिहास हितेंद्र नाथ गोस्वामी और राणा गोस्वामी के बीच लंबी प्रतिद्वंद्विता के लिए भी जाना जाता है। दोनों के बीच चार बार सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें दोनों ने दो-दो बार जीत हासिल की। 2006 में राणा गोस्वामी ने कांग्रेस के टिकट पर 4,880 वोटों से जीत दर्ज की। 2011 में उन्होंने हितेंद्र गोस्वामी को 37,971 वोटों से हराया। 2016 में समीकरण पलटा और हितेंद्र गोस्वामी ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में राणा गोस्वामी को 13,638 वोटों से शिकस्त दी। 2021 में दोनों फिर आमने-सामने हुए, जहाँ हितेंद्र गोस्वामी ने 6,488 वोटों के अंतर से सीट बचाई।
मतदाता संरचना और सामाजिक समीकरण
10 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार जोरहाट विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,48,280 पात्र मतदाता हैं। यह संख्या 2024 के 1,46,731 मतदाताओं से मामूली अधिक है, हालाँकि 2019 के 1,75,267 मतदाताओं की तुलना में गिरावट दर्ज की गई थी।
सामाजिक संरचना के लिहाज़ से यहाँ अनुसूचित जाति मतदाता 8.04%, अनुसूचित जनजाति मतदाता 1.95% और मुस्लिम मतदाता 7% से कम हैं। इस सीट पर शहरी मतदाताओं का स्पष्ट वर्चस्व है — 64.87% शहरी और 35.13% ग्रामीण। यही कारण है कि विकास, सड़क, व्यापार, रोज़गार और नागरिक सुविधाएँ यहाँ के प्रमुख चुनावी मुद्दे बने रहते हैं।
जोरहाट की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान
जोरहाट को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। असम साहित्य सभा का मुख्यालय, बिहू उत्सव, सत्रिया नृत्य परंपरा और अनेक सांस्कृतिक संस्थानों ने इस शहर को विशिष्ट पहचान दी है। ब्रिटिश काल में यह चाय उद्योग का प्रमुख केंद्र था और आज भी चाय बागान, कृषि, व्यापार, शिक्षा और लघु उद्योग यहाँ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
आगे क्या
हितेंद्र नाथ गोस्वामी की छठी बार की जीत यह दर्शाती है कि जोरहाट के शहरी मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया है। गौरव गोगोई के साथ इस मुकाबले में बड़े अंतर से मिली जीत भाजपा के लिए असम में अपनी पकड़ को और मज़बूत करने का संकेत देती है।