गौरव गोगोई का तंज, सीएम सरमा शोर कर सच्चाई को नहीं दबा सकते
सारांश
Key Takeaways
- 85.38%25 मतदान, असम विधानसभा चुनावों का रिकॉर्ड।
- गौरव गोगोई ने सीएम सरमा पर आरोप लगाए।
- पवन खेड़ा की जमानत पर प्रतिक्रिया।
- ‘न्यू असम’ अभियान को जनता का समर्थन।
- सच्चाई को दबाना असंभव है।
गुवाहाटी, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव के सन्दर्भ में, गुरुवार को मतदाताओं ने एक ऐतिहासिक मतदान किया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने यह विश्वास व्यक्त किया कि बंगाल की जनता ने कांग्रेस पार्टी के न्यू असम अभियान को स्वीकार किया है।
गौरव गोगोई ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि इस बार मतदान प्रतिशत पिछली विधानसभा चुनाव की तुलना में 1 प्रतिशत अधिक है। गोगोई ने कहा, "मैं विश्वास के साथ कहता हूँ कि लोगों ने हमारे ‘न्यू असम’ अभियान को अपनाया है। कांग्रेस पार्टी के द्वारा किया गया सभ्य चुनाव प्रचार लोगों ने सराहा है। हमारे अभियान के तरीकों को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।"
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जमानत मिलने पर गोगोई ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "पवन खेड़ा डरे हुए नहीं हैं, असल में अगर कोई डरा है तो वो हैं सीएम सरमा। उनके डर का एहसास उनके व्यवहार और धमकी देने के तरीके से होता है।"
गोगोई ने कहा, "अगर उनके पास आत्मविश्वास होता तो उनका व्यवहार अलग होता। उन्हें पता है कि पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने सच्चाई को उजागर कर दिया है।"
गोगोई ने यह भी कहा कि चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन शोरगुल कर सच्चाई को नहीं मिटा सकते। वे पुलिस का दुरुपयोग कर सच को झूठ में नहीं बदल सकते।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, असम में गुरुवार को 2026 के विधानसभा चुनावों में अब तक की सबसे अधिक वोटिंग देखी गई। इस बार 85.38 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया, जो राज्य में नागरिकों की जबरदस्त भागीदारी को दर्शाता है।
इस मतदान में भागीदारी ने 2016 के विधानसभा चुनावों में दर्ज 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।