बोकाखाट से अतुल बोरा की जीत की हैट्रिक: 80,987 वोट पाकर 60,537 के अंतर से जीते, AGP का किला मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने 4 मई 2026 को बोकाखाट विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी की। उन्होंने 80,987 वोट हासिल करते हुए राइजोर दल के उम्मीदवार हरि प्रसाद सैकिया को 60,537 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। गोलाघाट जिले की यह सीट एक बार फिर AGP के खाते में आ गई है।
मुख्य चुनावी परिणाम
बोकाखाट सीट पर इस बार 1,64,648 पंजीकृत मतदाता थे — जो 2024 के 1,58,667 मतदाताओं की तुलना में 5,981 अधिक है। अतुल बोरा की यह जीत न केवल व्यक्तिगत राजनीतिक सफलता है, बल्कि भाजपा-AGP गठबंधन की इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ को भी रेखांकित करती है। 2016 में बोरा ने कांग्रेस को 40,193 वोटों से हराया था, 2021 में निर्दलीय प्रणब डोले को 45,181 वोटों से पराजित किया था, और अब 2026 में यह अंतर बढ़कर 60,537 हो गया है — यानी हर चुनाव में जीत का अंतर बढ़ता ही जा रहा है।
बोकाखाट सीट का राजनीतिक इतिहास
1962 में अस्तित्व में आने के बाद से इस सीट पर कुल 14 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती दौर में कांग्रेस ने लगातार पाँच चुनाव जीतकर मजबूत पकड़ बनाई और कुल आठ बार यहाँ विजय हासिल की। तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। 2011 में कांग्रेस के अरुण फुकन ने दो बार के निर्दलीय विजेता जितेन गोगोई को महज 1,729 वोटों से हराया था। लेकिन 2016 से AGP ने लगातार तीनों चुनाव जीते हैं।
लोकसभा रुझान और गठबंधन की ताकत
बोकाखाट क्षेत्र में लोकसभा चुनावों के आँकड़े भी भाजपा-AGP गठबंधन की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं। 2009 में कांग्रेस ने AGP को 15,192 वोटों से हराया था। 2014 में भाजपा ने 16,247 वोटों की बढ़त ली। 2019 में AGP ने कांग्रेस को 42,083 वोटों से पीछे छोड़ा। 2024 में भाजपा ने काजीरंगा सीट पर कांग्रेस को अच्छे अंतर से हराया। गौरतलब है कि 2014 के बाद से भाजपा और AGP ने गठबंधन के तहत सीटों का तालमेल किया है।
मतदाता संरचना और मतदान प्रतिशत
सामाजिक समीकरण की दृष्टि से इस सीट पर अनुसूचित जनजाति मतदाता 18.77% और अनुसूचित जाति मतदाता 9.21% हैं। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है — 91.20% मतदाता गाँवों में निवास करते हैं और 8.80% शहरी हैं। मतदान प्रतिशत लगातार उच्च रहा है: 2011 में 78.04%, 2016 में 85.81%, 2019 में 78.03% और 2021 में 81.84%। यह आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि बोकाखाट के मतदाता चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय और उत्साही भागीदारी निभाते हैं।
बोकाखाट की भौगोलिक और आर्थिक पहचान
बोकाखाट असम के मध्य भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण उपखंडीय शहर है, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य प्रवेश द्वार से लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल काजीरंगा अपने एक सींग वाले गैंडों और समृद्ध जैव विविधता के लिए विश्वविख्यात है। क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर्यटन, चाय बागानों, कृषि और छोटे व्यापार पर टिकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-715 (पूर्व NH-37) इस क्षेत्र से होकर गुजरता है। 2023 के परिसीमन के बाद यह सीट काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आ गई, जो पहले कालियाबोर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था। AGP की इस जीत के साथ बोकाखाट में राजनीतिक स्थिरता का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।