राष्ट्रीय पोषण माह: ओडिशा CM माझी का आह्वान — बच्चों के पोषण में पिता भी निभाएं सक्रिय भूमिका
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 29 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर के बारमुंडा आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के राज्य-स्तरीय समारोह 'आंगन का उत्सव' को संबोधित करते हुए बच्चों के समग्र पोषण और विकास में पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार एक बेहतर पोषित ओडिशा के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता और उनके सफल कार्यान्वयन के ज़रिए हम निश्चित रूप से ओडिशा को एक अच्छी तरह से पोषित राज्य बनाएंगे।" उन्होंने पोषण माह के दौरान पूरे राज्य में 46 लाख से अधिक गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित होने की जानकारी दी।
माझी ने यह भी बताया कि आधार वेरिफिकेशन के क्षेत्र में ओडिशा ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों को स्कूल किट वितरित किए और हेल्दी-फ़ूड प्रेजेंटेशन में हिस्सा लेने वाले पिताओं को सम्मानित किया।
शुरुआती 1,000 दिनों का महत्व
माझी ने बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिनों को पोषण की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने माताओं के साथ-साथ पिताओं और परिवार के सभी सदस्यों से बच्चों की देखभाल में बराबर की ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया। यह पहल पारंपरिक रूप से महिला-केंद्रित मानी जाने वाली पोषण संबंधी ज़िम्मेदारी में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है।
गौरतलब है कि राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई लक्षित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का योगदान
मुख्यमंत्री ने राज्य में बच्चों के टीकाकरण बढ़ाने, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने और शिशु व मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने का श्रेय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा, जहाँ कभी शिशु और मातृ मृत्यु दर बहुत अधिक थी, अब एक संतोषजनक स्थिति में पहुँच चुका है। कार्यक्रम में इन कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।
महिला कल्याण योजनाएँ और बजट प्रतिबद्धता
माझी ने महिलाओं के कल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं — सुभद्रा योजना, लखपति दीदी, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना — का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य के सालाना बजट का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं पर खर्च किया जाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने घोषणा की कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में पोस्ट-ग्रेजुएशन स्तर तक शिक्षा निःशुल्क कर दी गई है और ग्रेजुएशन पूरी करने पर लड़कियों को ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। स्वास्थ्य सेवा में, आयुष्मान भारत-गोपबंधु जन आरोग्य योजना के तहत देश भर के चुने हुए निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
समारोह में उपस्थित प्रमुख लोग
इस राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा, एकामा-भुवनेश्वर विधायक बाबू सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, बच्चे और उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने तिरंगा थाली और आंगनबाड़ी केंद्र में परोसे जाने वाले गर्म पके हुए भोजन का स्वयं निरीक्षण किया और बच्चों को खाना परोसा। आने वाले दिनों में ओडिशा सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के ज़रिए पोषण जागरूकता अभियानों को और व्यापक बनाने की योजना बना रही है।