ओडिशा CM माझी का 'प्रायस' बैठक में निर्देश: स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में मिशन मोड में काम करे सरकार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 8 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में 'प्रायस' की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और राज्य के तीन प्रमुख सामाजिक क्षेत्र विभागों — स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, महिला और बाल विकास, तथा स्कूल और जन शिक्षा — को मिशन मोड में काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जमीनी स्तर पर सामाजिक क्षेत्र की चुनौतियों के त्वरित और स्थायी समाधान के लिए एक सुदृढ़ और रचनात्मक शासन तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रायस पहल क्या है
'प्रायस' का पूरा नाम है — परिणाम प्राप्त करने और सामाजिक क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय शासन प्रयास। यह ओडिशा सरकार का एक नीतिगत मंच है, जिसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही और गति सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री माझी ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा — इन तीन स्तंभों के बिना एक सशक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर बल दिया।
माझी ने स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही बढ़ाने और चिकित्सा केंद्रों पर आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा के आदिवासी और पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच एक लंबे समय से चिंता का विषय रही है।
पोषण मिशन को मिली नई गति
बैठक में मुख्यमंत्री ने बच्चों में कुपोषण — जिसमें स्टंटिंग (कद की वृद्धि रुकना) और वेस्टिंग (वज़न का घटना) शामिल हैं — की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 'सुपोषित ओडिशा मिशन' को और तेज़ी से लागू किया जाए, ताकि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य में मापनीय सुधार हो सके।
इसके साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले भोजन और पोषण सप्लीमेंट्स की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने पर भी बल दिया गया। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी नेटवर्क ओडिशा में लाखों बच्चों और महिलाओं की पोषण सुरक्षा का आधार है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
स्कूल और जन शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि प्राथमिक स्तर से ही बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि शिक्षकों को पठन-पाठन और शिक्षा के मूल कार्यों पर केंद्रित रहना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में वास्तविक सुधार हो सके।
आलोचकों का कहना है कि ओडिशा में सीखने के स्तर (learning outcomes) से जुड़े राष्ट्रीय सर्वेक्षणों के नतीजे अपेक्षाकृत कमज़ोर रहे हैं, और अब राज्य सरकार का यह ध्यान एक सकारात्मक संकेत है।
बैठक में कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग, विकास आयुक्त डीके सिंह और तीनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक के माध्यम से राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सामाजिक क्षेत्र के प्रदर्शन की नियमित और उच्चस्तरीय समीक्षा जारी रहेगी। आने वाले हफ्तों में विभागों से कार्य-योजना और प्रगति रिपोर्ट माँगे जाने की संभावना है।