ओडिशा में ₹12,000 करोड़ से बनेंगे 2,200 आदर्श प्राथमिक विद्यालय, CM माझी ने रखी 204 स्कूलों की आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 7 जून 2026 को खोरधा जिले के कुमारबस्तु में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को आमूल रूप से बदलने की महत्वाकांक्षी योजना का विस्तार किया। 'गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय योजना' के तहत पूरे राज्य में 2,200 आदर्श प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिन पर कुल ₹12,000 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इस अवसर पर दूसरे चरण के अंतर्गत 204 नए विद्यालयों की आधारशिला रखी गई।
योजना का स्वरूप और चरण
इस योजना के पहले चरण में राज्य की प्रत्येक पंचायत में एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 118 विद्यालयों की आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी थी। अब दूसरे चरण में 204 अतिरिक्त विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। इन विद्यालयों में बच्चों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है।
शिक्षक नियुक्ति और बुनियादी ढाँचा
भौतिक संरचना के साथ-साथ ओडिशा सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 26,615 शिक्षकों और संबद्ध कर्मचारियों की नियुक्ति भी की है। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इस कदम से विद्यालयों में शिक्षकों की दीर्घकालिक कमी की समस्या काफी हद तक दूर होगी और शिक्षण व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक-छात्र अनुपात एक पुरानी चुनौती रही है।
मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता
माझी ने इस योजना को अपने व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ते हुए कहा कि यह किसी वातानुकूलित कार्यालय में बनाई गई कल्पना नहीं, बल्कि एक आदिवासी परिवार के छात्र के रूप में देखे गए सपने का साकार रूप है। उन्होंने बताया कि विपक्ष के नेता रहते हुए उन्होंने इस विषय पर तत्कालीन राज्य सरकार को कई बार पत्र लिखे थे और विधानसभा में भी प्रस्ताव रखे थे, किंतु उस समय उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया।
आम जनता और बच्चों पर असर
गौरतलब है कि ओडिशा के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक रही है। प्रत्येक पंचायत में एक आदर्श विद्यालय की स्थापना से दूरदराज के बच्चों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि बच्चों का समग्र शैक्षणिक विकास सुनिश्चित करना है।
आगे की राह
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाली पीढ़ियों को बिना किसी कमी के विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। 2,200 विद्यालयों के पूर्ण होने पर यह योजना ओडिशा की प्राथमिक शिक्षा की तस्वीर को बदलने की क्षमता रखती है — बशर्ते क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता दोनों बनी रहें।